अवैध वसूली: कर्मचारी बोला- आरटीए ने भेजा हूं, एक गाड़ी की 5 हजार मंथली दे, माइनिंग के 10 हजार अलग, नहीं तो कटेगा भारी चालान
ट्रक मालिक की शिकायत पर आरटीए कार्यालय ने जांच की तो अवैध वसूली करने का आरोपी भिवानी कार्यालय का कर्मचारी निकला। मामला शिवाजी कॉलोनी थाने में दर्ज किया गया है।
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हरियाणा के रोहतक जिले में ओवरलोड वाहनों से आरटीए अधिकारी के नाम पर अवैध वसूली का मामला सामने आया है। एक युवक ने ट्रक मालिक को फोन करके कहा, मुझे आपके पीछे आरटीए रोहतक ने लगा रखा है। 5 हजार रुपये मंथली व 10 हजार अवैध खनन के जमा करवाएं, नहीं तो आपका भारी चलान कटेगा।
लिखित शिकायत पर विभाग ने जांच की तो पता चला फोन करने वाला युवक आरटीए कार्यालय भिवानी का चपरासी है, जो 25 दिन से गैरहाजिर चल रहा है। पुलिस ने चपरासी सहित तीन के खिलाफ अवैध वसूली का मामला दर्ज किया है।
पुलिस के मुताबिक, आरटीए कार्यालय रोहतक के मोटर वाहन अधीक्षक लायकराम ने दी शिकायत में बताया कि 9 दिसंबर को रिठाल नरवाल निवासी कृष्ण ने विभाग को शिकायत दी थी। कृष्ण का आरोप था कि आठ दिसंबर को वह अपनी गाड़ी पास करवाने के लिए आरटीए ऑफिस आया था। उसके पास अज्ञात नंबर से फोन आया।
फोन करने वाले ने कहा कि आपकी गाड़ी ओवरलोड चलती है। मुझे आरटीए रोहतक ने आपके पीछे लगाया हुआ है। 5 हजार रुपये गाड़ी के मासिक व 10 हजार रुपये माइनिंग के नाम पर जमा करवाएं। नहीं तो भारी चालान होगा। कृष्ण ने अधिकारियों को इसकी कॉल रिकार्डिंग भी दी।
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कृष्ण ने जब कॉल करने वाले से पूछा, आप कौन हो तो उसने बताया कि वह आरटीए कार्यालय रोहतक में अधिकारी के कहने पर वाहनों से मंथली वसूलता है। रोहतक के अलावा उसका भाई अंग्रेज आरटीए भिवानी में है। कॉल करने वाले ने धमकी दी कि अगर पैसे नहीं दिए तो गाड़ी बंद कर देगा। गाड़ी मालिक ने कॉल करने वाले व्यक्ति के बारे में आरटीए कार्यालय रोहतक में पूछताछ की। बताया गया कि ऐसा व्यक्ति आरटीए कार्यालय रोहतक में नहीं है।
कॉल करके बुलाया तो भिवानी कार्यालय का गैरहाजिर चपरासी निकला
आरटीए कार्यालय रोहतक के मोटर वाहन अधीक्षक का आरोप है कि ट्रक मालिक की शिकायत पर जांच-पड़ताल शुरू की। कॉल करने के आरोपी युवक को कार्यालय में बुलाया गया, जिसे शिकायतकर्ता ने पहचान लिया। युवक से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि उसका नाम विशाल है और आरटीए कार्यालय भिवानी में चपरासी के तौर पर कार्यरत है।
आरटीए कार्यालय भिवानी में पूछा गया तो बताया कि विशाल 20 से 25 दिन से ड्यूटी पर नहीं आ रहा है। इसके बाद विशाल से पूछताछ के बाद दो युवकों का और पता चला। उनसे पूछताछ में कई गाड़ियों के नंबर मिले। विभाग का कहना है कि आरोपी युवक विभाग के नाम पर काफी दिन से गाड़ियों से अवैध वसूली कर रहे हैं।