{"_id":"58ffbd704f1c1bb526c0beb8","slug":"police-crime-rohtak-haryana-traffic","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब सिफारिश से नहीं छूट पाएंगे ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
अब सिफारिश से नहीं छूट पाएंगे ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Wed, 26 Apr 2017 02:49 AM IST
विज्ञापन
एसएचओ मोबाइल गाड़ी पर लगाए गए आधुनिक कैमरे
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ट्रैफिक नियम तोड़ने वालाें पर अब और ज्यादा सख्ती होगी। पुलिसकर्मी के पकड़ते ही अक्सर लोग सिफारिश के लिए फोन कराते थे या फिर सुविधा शुल्क देकर छुटने की जुगत लगाई जाती थी। अब ऐसा करना लगभग असंभव होगा। नई व्यवस्था के तहत ड्यूटी पर मौजूद यातायात पुलिस कर्मचारी के शरीर पर कै मरे लगे होंगे। इससे ड्यूटी के दौरान होने वाली सभी गतिविधि कैमरे में कैद होंगी। न तो पुलिसकर्मी पैसे लेकर नियमों का उल्लंघन करने वालों को नहीं छोड़ सकेंगे और न ही कोई सिफारिश काम आएगी। एसपी पंकज नैन ने मंगलवार को बॉडी कैमरे और थाना प्रभारी के मोबाइल वैन के डैस बोर्ड पर कैमरे लगाए।
एसपी पंकज नैन ने बताया कि शुरुआती चरण में 15 बॉडी कैमरे और 15 एसएचओ मोबाइल कैमरे लगाए हैं। इनकी रिकॉर्डिंग संबंधित अधिकारी को अपने पास सुरक्षित रखनी होगी। इससे उनकी लोकेशन और गतिविधि के बारे में पता चलेगा। इसके लिए कंट्रोल रूम में अलग से सेटअप तैयार किया गया है। यहीं पर सारी रिकॉर्डिंग रखी जाएगी। सभी 30 कैमरे एक निजी कंपनी द्वारा मुहैया कराए गये हैं। कंपनी के विशेषज्ञों ने पुलिस अधिकारियों को कैमरों की हैंडलिंग बारे में भी प्रशिक्षण दिया है।
एसपी ने ट्रैफिक पुलिस कर्मचारियों की बॉडी पर कैमरे लगाते हुए कहा कि इससे पुलिस के काम में पारदर्शिता आएगी। कैमरे को रिमोट कंट्रोल से चलाया जा सकता है। कैमरों में विडियो रिकॉर्डिंग, ऑडियो रिकॉर्डिंग और फोटोग्राफी की सुविधा है। इसके अलावा थाना प्रभारियों की गाड़ियों पर भी आधुनिक कैमरे लगाए गए हैं। प्रभारियों की गाड़ी के आगे डैस बोर्ड पर लगे कैमरे में दिनभर की गतिविधि रिकार्ड होगी।
विज्ञापन
एसपी ने कहा कि पारदर्शिता के साथ ही कैमरों से पुलिस पर लगने वाले आरोपों को निष्पक्षता से जांच की जा सकेगी। कैमरा रिकार्डिग सबूत की तरह काम करेंगी। कैमरे में रिकार्डिंग होने से पुलिस के साथ-साथ आमजन के व्यवहार में सुधार आएगा। उन्होंने कहा कि अभी यह व्यवस्था ट्रैफिक पुलिस और प्रभारी थाना मोबाइल पर लागू की गई है। प्रयोग के सफल होने पर व्यवस्था का भविष्य में विस्तार किया जाएगा। एसपी ने आमजन से भी अपनी गाड़ियों में कैमरा लगवाने की अपील की है।
यह है कैमरों की विशेषता
- 20 घंटे से ज्यादा की लगातार रिकॉर्डिंग।
- नाइट विजन
- टोर्च लाइट, लेजर लाइट
- दो घंटे में पूरा चार्ज और फोटो, ऑडियो और विडियो लेने की सुविधा
- एचडी क्वालिटी वीडियो
विज्ञापन
एसपी पंकज नैन ने बताया कि शुरुआती चरण में 15 बॉडी कैमरे और 15 एसएचओ मोबाइल कैमरे लगाए हैं। इनकी रिकॉर्डिंग संबंधित अधिकारी को अपने पास सुरक्षित रखनी होगी। इससे उनकी लोकेशन और गतिविधि के बारे में पता चलेगा। इसके लिए कंट्रोल रूम में अलग से सेटअप तैयार किया गया है। यहीं पर सारी रिकॉर्डिंग रखी जाएगी। सभी 30 कैमरे एक निजी कंपनी द्वारा मुहैया कराए गये हैं। कंपनी के विशेषज्ञों ने पुलिस अधिकारियों को कैमरों की हैंडलिंग बारे में भी प्रशिक्षण दिया है।
विज्ञापन
एसपी ने ट्रैफिक पुलिस कर्मचारियों की बॉडी पर कैमरे लगाते हुए कहा कि इससे पुलिस के काम में पारदर्शिता आएगी। कैमरे को रिमोट कंट्रोल से चलाया जा सकता है। कैमरों में विडियो रिकॉर्डिंग, ऑडियो रिकॉर्डिंग और फोटोग्राफी की सुविधा है। इसके अलावा थाना प्रभारियों की गाड़ियों पर भी आधुनिक कैमरे लगाए गए हैं। प्रभारियों की गाड़ी के आगे डैस बोर्ड पर लगे कैमरे में दिनभर की गतिविधि रिकार्ड होगी।
विज्ञापन
एसपी ने कहा कि पारदर्शिता के साथ ही कैमरों से पुलिस पर लगने वाले आरोपों को निष्पक्षता से जांच की जा सकेगी। कैमरा रिकार्डिग सबूत की तरह काम करेंगी। कैमरे में रिकार्डिंग होने से पुलिस के साथ-साथ आमजन के व्यवहार में सुधार आएगा। उन्होंने कहा कि अभी यह व्यवस्था ट्रैफिक पुलिस और प्रभारी थाना मोबाइल पर लागू की गई है। प्रयोग के सफल होने पर व्यवस्था का भविष्य में विस्तार किया जाएगा। एसपी ने आमजन से भी अपनी गाड़ियों में कैमरा लगवाने की अपील की है।
यह है कैमरों की विशेषता
- 20 घंटे से ज्यादा की लगातार रिकॉर्डिंग।
- नाइट विजन
- टोर्च लाइट, लेजर लाइट
- दो घंटे में पूरा चार्ज और फोटो, ऑडियो और विडियो लेने की सुविधा
- एचडी क्वालिटी वीडियो