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वीआईपी गांव बनियानी की गलियों में सन्नाटा, दिलों में दहशत,
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Sat, 12 Sep 2015 02:35 AM IST
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शहर से सटे सीएम मनोहर लाल खट्टर के गांव बनियानी में छेड़छाड़ के बाद पंचायत में हुई हिंसा से शुक्रवार को भी तनाव का माहौल बना रहा। पुलिस लगातार गश्त पर रही। गांव में रातभर जवानों के बूटों की टप-टप और गाड़ियों के सायरन गूंजते रहे। ग्रामीणों की बृहस्पतिवार रात की नींद आंखों में ही घुली दिखी।
दो पक्षों में हिंसा के कारण अगली सुबह लोग घरों से कम ही बाहर निकले। हालात सामान्य हैं, लेकिन तनाव को देखते हुए प्रशासन एहतियात बरत रहा है। पुलिस बल गांव में डटा है। दूसरी तरफ सुलह के प्रयास भी चल रहे हैं। अमर उजाला की टीम ने गांव के हालात का जायजा लिया तो लोगों के दिलों में खौफ दिखा। इतना ही नहीं जिस स्कूल से छेड़छाड़ का विवाद शुरू हुआ, उसके सामने दिनभर पीसीआर तैनात रही।
डयूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त, सीएम को सौपेंगे रिपोर्ट
जिला प्रशासन ने गांव की स्थिति की रिपोर्ट तैयार करने व गांव में शांति बनाए रखने के लिए नायब तहसीलदार प्रमोद चहल को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया है। वे गांव की स्थिति और दोनों पक्षों से बातचीत कर प्रशासन को रिपोर्ट सौंपेंगे। इसके बाद रिपोर्ट को सीएम के पास भेज जाएगा। गांव में धारा 144 लागू कर दी गई है।
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यूं उभरा था पंचायत का विवाद
पंचायत में उभरे विवाद के कारणों के संबंध में दोनों समुदाय के लोग अपना अपना तर्क दे रहे हैं। दलित पक्ष का कहना है कि छेड़छाड़ की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद आरोपी लड़के, उसके पिता और ताऊ ने पंचायत के सामने माफी मांगी। इसके बावजूद दूसरे पक्ष के लोगों ने हमला बोल दिया। वहीं, मामले में ठाकुर पक्ष का कहना है कि पंचायत में आरोपी लड़के के पिता ने कहा कि था कि उसकी चार लड़की हैं और वह पांचवीं लड़की को भी घर में रख लेगा। इस बात पर ठाकुर समाज के लोग भड़क गए। आरोप है कि दूसरे पक्ष के लोगों ने पहले से ही पंचायत घर के पास वाले मकान में हथियार रख रखा था।
एक पक्ष बोला, स्कूल में नहीं घुसने दिया बेटियों को, छेड़छाड़ भी
एक पक्ष का आरोप है कि बृहस्पतिवार को पंचायत में बवाल होने के बाद ठाकुर समाज के लोगों ने हमारी बेटियों के साथ छेड़छाड़ की। इतना ही नहीं जब सुबह बेटियां स्कूल में पहुंची तो उन्हें अंदर नहीं घुसने दिया।
ठाकुर बोले: पंचायत के बाद बनेगी आगे की रणनीति
ठाकुर समाज का कहना है कि पुलिस ने पंचायत विवाद में केवल हमारेे खिलाफ केस दर्ज किया। जबकि दोनों पक्षों की तरफ से लाठी डंडे और पथराव किया गया। यदि पुलिस मामले में कोई कार्रवाई नहीं करती तो हम समाज की पंचायत करके कड़ा फैसला लेंगे।
लड़की बोली: मैडम से की थी छेड़छाड़ की शिकायत, किया अनसुना
पहले तो गांव में हुए बवाल को लेकर पुलिस प्रशासन पर उंगली उठाई जा रही थी। अब स्कूल प्रशासन भी घेरे में आ रहा है। ठाकुर समाज की पीड़ित लड़की ने बताया कि आरोपी युवक करीब एक महीने से मेरे साथ छेड़खानी कर रहा था। मैंने स्कूल की मैडम से शिकायत की थी, लेकिन अनसुना कर दिया।
शिक्षा विभाग ने संबंधित स्कूल से मांगी रिपोर्ट
मामले के तूल पकड़ने के बाद जिला शिक्षा विभाग की ओर से गांव में मौजूद स्कूल प्रशासन से रिपोर्ट तलब की गई है। विभाग ने स्कू ल प्रशासन से स्कूल में हुई छेड़छाड़ के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है। ताकि जिला प्रशासन को इस संबंध में जवाब दिया जा सके। हालांकि स्कूल प्रशासन ने मामले के बारे में कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया।
बिजली कटौती नहीं करने के निर्देश
गांव में तनावपूर्ण स्थिति को काबू करने के लिए रातभर पुलिस जवान गश्त करते रहे। पुलिस रात 11 से सुबह 5 बजे तक गांव के विभिन्न हिस्सों में हथियारों के साथ फ्लैग मार्च करती रही। उधर, बिजली निगम को भी गांव में रात के समय बिजली कटौती न करने को कहा गया है।
खेतों से बनाई दूरी
हिंसा के बाद दोनों समुदायों में फैले खौफ का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि किसान शुक्रवार को खेतों में भी नहीं गए। गांव के राजकुमार ने बताया कि हिंसा के कारण भाईचारा खराब हुआ है। भय के कारण आज पशुओं के लिए खेतों से फ सल लेने भी नहीं गया।
उम्मीद: बना रहेगा भाईचारा
ग्रामीणों को उम्मीद है कि वे फि र से गांव में भाईचारा स्थापित करेंगे। गांव के बुजुर्गों ने कहा कि पूरा गांव एक परिवार है। परिवार में कभी कभी कहासुनी हो जाती है। किसी में बैर नहीं है। दोनों पक्षों में बातचीत करके विवाद को खत्म करेंगे।
कई घरों में जड़े ताले
घटना के बाद गांव में दर्जनों घरों पर ताले लटके नजर आए। गांव में घुसते ही स्कूल के सामने वाली गली मेें अधिकतर मकानों पर ताले लगे हुए थे। जब ग्रामीणों से इस संबंध में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि सभी डीसी और एसपी से मिलने गए हैं। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए डीएसपी सुखबीर सिंह और इंस्पेक्टर गजेंद्र सिंह टीम सहित गांव में गश्त करते रहे।
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दो पक्षों में हिंसा के कारण अगली सुबह लोग घरों से कम ही बाहर निकले। हालात सामान्य हैं, लेकिन तनाव को देखते हुए प्रशासन एहतियात बरत रहा है। पुलिस बल गांव में डटा है। दूसरी तरफ सुलह के प्रयास भी चल रहे हैं। अमर उजाला की टीम ने गांव के हालात का जायजा लिया तो लोगों के दिलों में खौफ दिखा। इतना ही नहीं जिस स्कूल से छेड़छाड़ का विवाद शुरू हुआ, उसके सामने दिनभर पीसीआर तैनात रही।
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डयूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त, सीएम को सौपेंगे रिपोर्ट
जिला प्रशासन ने गांव की स्थिति की रिपोर्ट तैयार करने व गांव में शांति बनाए रखने के लिए नायब तहसीलदार प्रमोद चहल को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया है। वे गांव की स्थिति और दोनों पक्षों से बातचीत कर प्रशासन को रिपोर्ट सौंपेंगे। इसके बाद रिपोर्ट को सीएम के पास भेज जाएगा। गांव में धारा 144 लागू कर दी गई है।
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यूं उभरा था पंचायत का विवाद
पंचायत में उभरे विवाद के कारणों के संबंध में दोनों समुदाय के लोग अपना अपना तर्क दे रहे हैं। दलित पक्ष का कहना है कि छेड़छाड़ की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद आरोपी लड़के, उसके पिता और ताऊ ने पंचायत के सामने माफी मांगी। इसके बावजूद दूसरे पक्ष के लोगों ने हमला बोल दिया। वहीं, मामले में ठाकुर पक्ष का कहना है कि पंचायत में आरोपी लड़के के पिता ने कहा कि था कि उसकी चार लड़की हैं और वह पांचवीं लड़की को भी घर में रख लेगा। इस बात पर ठाकुर समाज के लोग भड़क गए। आरोप है कि दूसरे पक्ष के लोगों ने पहले से ही पंचायत घर के पास वाले मकान में हथियार रख रखा था।
एक पक्ष बोला, स्कूल में नहीं घुसने दिया बेटियों को, छेड़छाड़ भी
एक पक्ष का आरोप है कि बृहस्पतिवार को पंचायत में बवाल होने के बाद ठाकुर समाज के लोगों ने हमारी बेटियों के साथ छेड़छाड़ की। इतना ही नहीं जब सुबह बेटियां स्कूल में पहुंची तो उन्हें अंदर नहीं घुसने दिया।
ठाकुर बोले: पंचायत के बाद बनेगी आगे की रणनीति
ठाकुर समाज का कहना है कि पुलिस ने पंचायत विवाद में केवल हमारेे खिलाफ केस दर्ज किया। जबकि दोनों पक्षों की तरफ से लाठी डंडे और पथराव किया गया। यदि पुलिस मामले में कोई कार्रवाई नहीं करती तो हम समाज की पंचायत करके कड़ा फैसला लेंगे।
लड़की बोली: मैडम से की थी छेड़छाड़ की शिकायत, किया अनसुना
पहले तो गांव में हुए बवाल को लेकर पुलिस प्रशासन पर उंगली उठाई जा रही थी। अब स्कूल प्रशासन भी घेरे में आ रहा है। ठाकुर समाज की पीड़ित लड़की ने बताया कि आरोपी युवक करीब एक महीने से मेरे साथ छेड़खानी कर रहा था। मैंने स्कूल की मैडम से शिकायत की थी, लेकिन अनसुना कर दिया।
शिक्षा विभाग ने संबंधित स्कूल से मांगी रिपोर्ट
मामले के तूल पकड़ने के बाद जिला शिक्षा विभाग की ओर से गांव में मौजूद स्कूल प्रशासन से रिपोर्ट तलब की गई है। विभाग ने स्कू ल प्रशासन से स्कूल में हुई छेड़छाड़ के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है। ताकि जिला प्रशासन को इस संबंध में जवाब दिया जा सके। हालांकि स्कूल प्रशासन ने मामले के बारे में कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया।
बिजली कटौती नहीं करने के निर्देश
गांव में तनावपूर्ण स्थिति को काबू करने के लिए रातभर पुलिस जवान गश्त करते रहे। पुलिस रात 11 से सुबह 5 बजे तक गांव के विभिन्न हिस्सों में हथियारों के साथ फ्लैग मार्च करती रही। उधर, बिजली निगम को भी गांव में रात के समय बिजली कटौती न करने को कहा गया है।
खेतों से बनाई दूरी
हिंसा के बाद दोनों समुदायों में फैले खौफ का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि किसान शुक्रवार को खेतों में भी नहीं गए। गांव के राजकुमार ने बताया कि हिंसा के कारण भाईचारा खराब हुआ है। भय के कारण आज पशुओं के लिए खेतों से फ सल लेने भी नहीं गया।
उम्मीद: बना रहेगा भाईचारा
ग्रामीणों को उम्मीद है कि वे फि र से गांव में भाईचारा स्थापित करेंगे। गांव के बुजुर्गों ने कहा कि पूरा गांव एक परिवार है। परिवार में कभी कभी कहासुनी हो जाती है। किसी में बैर नहीं है। दोनों पक्षों में बातचीत करके विवाद को खत्म करेंगे।
कई घरों में जड़े ताले
घटना के बाद गांव में दर्जनों घरों पर ताले लटके नजर आए। गांव में घुसते ही स्कूल के सामने वाली गली मेें अधिकतर मकानों पर ताले लगे हुए थे। जब ग्रामीणों से इस संबंध में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि सभी डीसी और एसपी से मिलने गए हैं। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए डीएसपी सुखबीर सिंह और इंस्पेक्टर गजेंद्र सिंह टीम सहित गांव में गश्त करते रहे।