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नगर निगम को ठेंगा, बिना सीएलयू किया भवन निर्माण
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Mon, 20 Mar 2017 12:03 AM IST
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नगर िननिगम
- फोटो : amar ujala
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ओमेक्स सिटी के नजदीक बिना सीएलयू के एक दर्जन से ज्यादा लोगों द्वारा अवैध तरीके से बिल्डिंग बनाई जा रही है। तीन-चार बिल्डिंग तो बनकर तैयार हो चुकी हैं, जबकि बाकी की चारदीवारी कर दी गई है। निगम की बिल्डिंग ब्रांच ने इन भवनों की सूची तैयार कर ली है। अवैध निर्माण को गिराने के लिए शहर में 22 मार्च को विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए निगम आयुक्त ने पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर पुलिसबल की मांग की है।
नियमों के तहत खेती योग्य भूमि को रिहायशी या व्यावसायिक उद्देश्य के लिए प्रयोग करने से पहले सरकार से अनुमति लेनी पड़ती है। चेंज ऑफ लेंड यूज (सीएलयू) के तहत सरकार की ओर से फीस निर्धारित की गई है। आवेदन के बाद अधिकारी मौके पर जाकर जांच पड़ताल करते हैं। इसके बाद ही सीएलयू दी जाती है। निगम की बिल्डिंग ब्रांच को भनक लगी थी कि दिल्ली रोड पर ओमेक्स सिटी के नजदीक बिना सीएलयू भवन निर्माण किया जा रहा है। ब्रांच ने अपने स्तर पर न केवल अवैध निर्माण की फोटोग्राफी की, बल्कि कार्रवाई के लिए निगम के आला अधिकारियों से बातचीत की। निगम के संयुक्त आयुक्त से हरी झंडी मिलने के बाद अवैध निर्माण को गिराने की योजना बनाई गई। योजना के तहत 22 मार्च को शहर में अवैध निर्माण का फैसला हुआ। अगर पुलिस बल नहीं मिला तो अतिक्रमण हटाओ अभियान आगे खिसक सकता है।
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नियमों के तहत खेती योग्य भूमि को रिहायशी या व्यावसायिक उद्देश्य के लिए प्रयोग करने से पहले सरकार से अनुमति लेनी पड़ती है। चेंज ऑफ लेंड यूज (सीएलयू) के तहत सरकार की ओर से फीस निर्धारित की गई है। आवेदन के बाद अधिकारी मौके पर जाकर जांच पड़ताल करते हैं। इसके बाद ही सीएलयू दी जाती है। निगम की बिल्डिंग ब्रांच को भनक लगी थी कि दिल्ली रोड पर ओमेक्स सिटी के नजदीक बिना सीएलयू भवन निर्माण किया जा रहा है। ब्रांच ने अपने स्तर पर न केवल अवैध निर्माण की फोटोग्राफी की, बल्कि कार्रवाई के लिए निगम के आला अधिकारियों से बातचीत की। निगम के संयुक्त आयुक्त से हरी झंडी मिलने के बाद अवैध निर्माण को गिराने की योजना बनाई गई। योजना के तहत 22 मार्च को शहर में अवैध निर्माण का फैसला हुआ। अगर पुलिस बल नहीं मिला तो अतिक्रमण हटाओ अभियान आगे खिसक सकता है।
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