{"_id":"614ea59478466fb4f926c47b8561db27","slug":"molestration-on-girls-on-the-road-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"छात्रा से छेड़छाड़, विरोध किया तो तमंचे से तोड़ा दांत ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
छात्रा से छेड़छाड़, विरोध किया तो तमंचे से तोड़ा दांत
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Tue, 20 Oct 2015 02:20 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले में छेड़छाड़ रुकने का नाम नहीं ले रही है। छेड़छाड़ से जुड़ा एक और संगीन मामला फिर सामने आया है। गांव फरमाना में युवकों ने 10वीं की एक छात्रा से छेड़छाड़ की। जब छात्रा ने इसका विरोध किया तो तमंचे और डंडों से हमला कर उसका दांत तोड़ दिया। छात्रा को गंभीर हालत में सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिस कारण छात्रा सोमवार को परीक्षा भी नहीं दे सकी। वहीं, महिला पुलिस थाने में पीड़ित के पिता के बयान पर चार आरोपियों के खिलाफ पोक्सो एक्ट, छेड़छाड़ और मारपीट सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है। वहीं, दूसरे पक्ष ने भी पीड़ित पक्ष पर मारपीट का आरोप लगाया है।
पुलिस के मुताबिक गांव की नाबालिग छात्रा सोमवार सुबह कचरा फेंकने के लिए गई थी। यहां गांव के तीन चार युवकों ने उसका पीछा करना शुरू कर दिया। जब छात्रा वापस घर आ रही थी तो आरोपियों ने उसके साथ छेड़खानी शुरू कर दी। छात्रा ने विरोध किया तो आरोपियों ने उसके चेहरे और गर्दन पर तमंचे से वार कर दिया। इससे नाबालिग का दांत टूट गया और उसकी गर्दन में घाव हो गया। छात्रा के शोर मचाने पर ग्रामीण जुटता देख आरोपी फरार हो गए।
कभी पीजीआई तो कभी थाने में भटकती रही छात्रा
मामले में एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन की लापरवाही सामने आई है। जब परिजन छात्रा को घायल अवस्था में लेकर पीजीआई पहुंचे तो यहां से पीजीआई प्रबंधन ने छात्रा को सिविल अस्पताल भेज दिया। सिविल अस्पताल के डॉक्टरों ने इलाज की बजाय पुलिस केस बता महम पुलिस के पास भेजने की सलाह दी। करीब दो घंटे तक छात्रा पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण दर्द से कराहती रही।
विज्ञापन
परिजन पीड़ित को ऑटो में बैठाकर पहुंचे महिला थाने
काफी देर गुहार के बाद सीएमओ ने सिविल अस्पताल में डॉक्टरों को पीड़ित का इलाज करने के निर्देश दिये। फिर भी सिविल अस्पताल प्रशासन की ओर से इलाज नहीं किया गया। दुखी परिजन खुद पीड़ित को ऑटो में बैठाकर महिला थाने ले आए। यहां से एक सिपाही पीड़ित पक्ष के साथ बैठकर सिविल अस्पताल पहुंचा और एमएलआर कटवाई। तब जाकर प्राथमिक उपचार मिला।
रविवार शाम छेड़छाड़ को लेकर हुआ था झगड़ा
गांव में छेड़छाड़ का विवाद सोमवार को अचानक नही उभरा। एक दिन पहले रविवार को पीड़ित के साथ स्कूल जाते समय कुछ लड़कों ने छेड़खानी की थी। आरोप है कि जब पीड़ित पक्ष शिकायत लेकर आरोपियों के घर पहुंचा तो दूसरे पक्ष ने उन पर हमला कर दिया। पीड़ित पक्ष की ओर से मामले की शिकायत पुलिस को दी गई थी।
पीड़ित का पिता बोला- कई महीनों से झेल रही छेड़छाड़ का दंश
पीड़ित के पिता का आरोप है कि आरोपियों ने बंदूकों और तमंचों ने मेरी बेटी पर हमला किया है। गांव के पांच छह लड़के पिछले कई महीनों से बेटी के साथ छेड़खानी कर रहे हैं। कई बार उनके परिजनों को शिकायत भी, लेकिन सुधार नहीं आया।
दूसरा पक्ष भी पहुंचा महिला थाने
वहीं, शाम होते होते दूसरा पक्ष भी महिला थाने पहुंच गया। दूसरे पक्ष का आरोप है कि लड़की पक्ष के लोगों ने बीती शाम उनके घर पर आकर परिवार के सदस्यों पर हमला किया था। वारदात के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए थे। पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए यह सब कु छ किया है। महिला एएसआई विमला ने बताया कि इस पक्ष की एक लड़की का भी मेडिकल कराया गया है। वह अस्पताल में दाखिल है। उनका कहना है कि हमले में उक्त लड़की को चोट लगी है। हालांकि यह पक्ष मंगलवार सुबह शिकायत देने की बात कह रहा है। उसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पीड़ित पक्ष की शिकायत के आधार पर गांव के चार युवकों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। मामले की तफ्तीश की जा रही है। वहीं, दूसरा पक्ष भी थाने में शिकायत लेकर पहुंच चुका है। मामला लड़ाई झगड़े से ही संबंधित है।
- गरिमा, महिला थाना प्रभारी।
विज्ञापन
पुलिस के मुताबिक गांव की नाबालिग छात्रा सोमवार सुबह कचरा फेंकने के लिए गई थी। यहां गांव के तीन चार युवकों ने उसका पीछा करना शुरू कर दिया। जब छात्रा वापस घर आ रही थी तो आरोपियों ने उसके साथ छेड़खानी शुरू कर दी। छात्रा ने विरोध किया तो आरोपियों ने उसके चेहरे और गर्दन पर तमंचे से वार कर दिया। इससे नाबालिग का दांत टूट गया और उसकी गर्दन में घाव हो गया। छात्रा के शोर मचाने पर ग्रामीण जुटता देख आरोपी फरार हो गए।
विज्ञापन
कभी पीजीआई तो कभी थाने में भटकती रही छात्रा
मामले में एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन की लापरवाही सामने आई है। जब परिजन छात्रा को घायल अवस्था में लेकर पीजीआई पहुंचे तो यहां से पीजीआई प्रबंधन ने छात्रा को सिविल अस्पताल भेज दिया। सिविल अस्पताल के डॉक्टरों ने इलाज की बजाय पुलिस केस बता महम पुलिस के पास भेजने की सलाह दी। करीब दो घंटे तक छात्रा पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण दर्द से कराहती रही।
विज्ञापन
परिजन पीड़ित को ऑटो में बैठाकर पहुंचे महिला थाने
काफी देर गुहार के बाद सीएमओ ने सिविल अस्पताल में डॉक्टरों को पीड़ित का इलाज करने के निर्देश दिये। फिर भी सिविल अस्पताल प्रशासन की ओर से इलाज नहीं किया गया। दुखी परिजन खुद पीड़ित को ऑटो में बैठाकर महिला थाने ले आए। यहां से एक सिपाही पीड़ित पक्ष के साथ बैठकर सिविल अस्पताल पहुंचा और एमएलआर कटवाई। तब जाकर प्राथमिक उपचार मिला।
रविवार शाम छेड़छाड़ को लेकर हुआ था झगड़ा
गांव में छेड़छाड़ का विवाद सोमवार को अचानक नही उभरा। एक दिन पहले रविवार को पीड़ित के साथ स्कूल जाते समय कुछ लड़कों ने छेड़खानी की थी। आरोप है कि जब पीड़ित पक्ष शिकायत लेकर आरोपियों के घर पहुंचा तो दूसरे पक्ष ने उन पर हमला कर दिया। पीड़ित पक्ष की ओर से मामले की शिकायत पुलिस को दी गई थी।
पीड़ित का पिता बोला- कई महीनों से झेल रही छेड़छाड़ का दंश
पीड़ित के पिता का आरोप है कि आरोपियों ने बंदूकों और तमंचों ने मेरी बेटी पर हमला किया है। गांव के पांच छह लड़के पिछले कई महीनों से बेटी के साथ छेड़खानी कर रहे हैं। कई बार उनके परिजनों को शिकायत भी, लेकिन सुधार नहीं आया।
दूसरा पक्ष भी पहुंचा महिला थाने
वहीं, शाम होते होते दूसरा पक्ष भी महिला थाने पहुंच गया। दूसरे पक्ष का आरोप है कि लड़की पक्ष के लोगों ने बीती शाम उनके घर पर आकर परिवार के सदस्यों पर हमला किया था। वारदात के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए थे। पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए यह सब कु छ किया है। महिला एएसआई विमला ने बताया कि इस पक्ष की एक लड़की का भी मेडिकल कराया गया है। वह अस्पताल में दाखिल है। उनका कहना है कि हमले में उक्त लड़की को चोट लगी है। हालांकि यह पक्ष मंगलवार सुबह शिकायत देने की बात कह रहा है। उसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पीड़ित पक्ष की शिकायत के आधार पर गांव के चार युवकों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। मामले की तफ्तीश की जा रही है। वहीं, दूसरा पक्ष भी थाने में शिकायत लेकर पहुंच चुका है। मामला लड़ाई झगड़े से ही संबंधित है।
- गरिमा, महिला थाना प्रभारी।