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एमडीयू के एक प्रशासनिक अधिकारी समेत चार के खिलाफ एसपी से शिकायत
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Wed, 21 Sep 2016 02:30 AM IST
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एमडीयू
- फोटो : file photo
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महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) की फाइन आर्ट डिपार्टमेंट की महिला प्रोफेसर पर प्रमोशन के लिए दर्ज गड़बड़झाले का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि ऐसा ही एक और मामला सामने आ गया है। अब डिफेंस स्टडीज के एचओडी ने यूनिवर्सिटी के दो लोगों पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है।
डिफेंस स्टडीज के एचओडी डॉ. राजेंद्र सिंह सिवाच ने मंगलवार को एसपी कार्यालय में जाकर शिकायत की। अपनी शिकायत में उन्होंने बताया कि यूनिवर्सिटी प्रशासन पूर्व रजिस्ट्रार रह चुके एक एसोसिएट प्रोफेसर को गलत तरीके से प्रमोशन देकर प्रोफेसर बनाना चाहता है, जबकि प्रोफेसर के लिए तीन साल टीचिंग का अनुभव होना चाहिए। इसी मामले को दो माह पहले स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में रखा गया था। एचओडी होने के नाते डॉ. सिवाच भी स्क्रीनिंग कमेटी के सदस्य हैं, जिन्होंने हस्ताक्षर करने से मना कर दिया। इसी मुद्दे को लेकर सोमवार को फिर से स्क्रीनिंग कमेटी की मीटिंग हुई। इसमें भी उन्होंने हस्ताक्षर करने से मना कर दिया। डॉ. सिवाच का आरोप है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन स्क्रीनिंग कमेटी से साइन कराकर 24 सितंबर को होने वाली ईसी की मीटिंग में यह एजेंडा लाना चाह रहा है। आरोप है कि सोमवार देर रात विवि के दो अधिकारी उनके आवास पर पहुंचे। उन्होंने फाइल पर साइन करने के लिए दबाव बनाया। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। डॉ. सिवाच ने शिकायत में आरोप लगाया कि प्रशासनिक अधिकारी के इशारे पर उन्हें धमकी दी गई है। धमकी देने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। मामले की शिकायत राज्यपाल और मुख्यमंत्री को भी भेजी गई है। एसपी राकेश आर्य ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।
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डिफेंस स्टडीज के एचओडी डॉ. राजेंद्र सिंह सिवाच ने मंगलवार को एसपी कार्यालय में जाकर शिकायत की। अपनी शिकायत में उन्होंने बताया कि यूनिवर्सिटी प्रशासन पूर्व रजिस्ट्रार रह चुके एक एसोसिएट प्रोफेसर को गलत तरीके से प्रमोशन देकर प्रोफेसर बनाना चाहता है, जबकि प्रोफेसर के लिए तीन साल टीचिंग का अनुभव होना चाहिए। इसी मामले को दो माह पहले स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में रखा गया था। एचओडी होने के नाते डॉ. सिवाच भी स्क्रीनिंग कमेटी के सदस्य हैं, जिन्होंने हस्ताक्षर करने से मना कर दिया। इसी मुद्दे को लेकर सोमवार को फिर से स्क्रीनिंग कमेटी की मीटिंग हुई। इसमें भी उन्होंने हस्ताक्षर करने से मना कर दिया। डॉ. सिवाच का आरोप है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन स्क्रीनिंग कमेटी से साइन कराकर 24 सितंबर को होने वाली ईसी की मीटिंग में यह एजेंडा लाना चाह रहा है। आरोप है कि सोमवार देर रात विवि के दो अधिकारी उनके आवास पर पहुंचे। उन्होंने फाइल पर साइन करने के लिए दबाव बनाया। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। डॉ. सिवाच ने शिकायत में आरोप लगाया कि प्रशासनिक अधिकारी के इशारे पर उन्हें धमकी दी गई है। धमकी देने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। मामले की शिकायत राज्यपाल और मुख्यमंत्री को भी भेजी गई है। एसपी राकेश आर्य ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।
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