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जमीनी विवाद में भाई की हत्या करने वाले और उसके दो साथियों को उम्रकैद
ब्यूरो/अमर उजाला,रोहतक
Updated Wed, 30 Mar 2016 02:30 AM IST
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जेल
- फोटो : life time jail
रोहतक। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अश्वनी कुमार की अदालत ने जमीनी विवाद में भाई की हत्या करने वाले और उसके दो साथियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने बिहार के गांव कन्हैवा गोडयारी निवासी सूरत मेहता और उसके साथियों लालू शाह और विनोद मेहता को उम्रकैद और 30-30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
जुर्माना न भरने पर दोषियों को 6-6 महीने की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। साथ ही कोर्ट ने शव खुर्द-बुर्द करने के दोष में 5-5 वर्ष और 5-5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं मामले में अभी तक एक आरोपी फरार है। 31 अक्तूबर 2013 को गांव इस्माइला व गिझी के बीच खेतों में एक युवक का शव पड़ा मिला था। उसकी शिनाख्त जिला मदसपुरा, बिहार के गांव कन्हैवा गोडयारी निवासी मंटू मेहता के रूप में हुई।
पुलिस ने इस मामले में मंटू के भाई सूरत मेहता और जिला सुपाल, बिहार के गांव चौगारा लक्ष्मनिया निवासी लालू शाह को गिरफ्तार किया। जिन्होंने पूछताछ में बताया कि उन्होंने चौगारा लक्ष्मनिया निवासी विनोद मेहता और कन्हैवा गोडियारी निवासी मनोज उर्फ बुचन के साथ मिलकर चाकू और सरिये से मंटू की हत्या की थी। पुलिस ने विनोद मेहता को भी गिरफ्तार कर लिया, लेकिन मनोज अभी तक फरार चल रहा है।
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यह था विवाद
पुलिस पूछताछ में सूरत मेहता ने पुलिस को बताया था कि उसके भाई मंटू ने उसकी सारी जमीन हड़प ली थी, जिसके चलते उसने साथियों के साथ 26 अक्तूबर 2013 को उसकी हत्या की योजना बनाई। शाम 7 बजे सूरत मेहता अपने भाई मंटू को गिझी में काम मिलने की बात कही। विश्वास करते हुए मंटू अपने भाई और उसके तीनों साथियों के साथ खेतों के रास्ते से गिझी की तरफ चल दिया। रास्ते में चारों ने मिलकर मंटू की हत्या कर खुर्द-बुर्द करने के लिए शव किसी और खेत में डाल दिया।
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जुर्माना न भरने पर दोषियों को 6-6 महीने की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। साथ ही कोर्ट ने शव खुर्द-बुर्द करने के दोष में 5-5 वर्ष और 5-5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं मामले में अभी तक एक आरोपी फरार है। 31 अक्तूबर 2013 को गांव इस्माइला व गिझी के बीच खेतों में एक युवक का शव पड़ा मिला था। उसकी शिनाख्त जिला मदसपुरा, बिहार के गांव कन्हैवा गोडयारी निवासी मंटू मेहता के रूप में हुई।
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पुलिस ने इस मामले में मंटू के भाई सूरत मेहता और जिला सुपाल, बिहार के गांव चौगारा लक्ष्मनिया निवासी लालू शाह को गिरफ्तार किया। जिन्होंने पूछताछ में बताया कि उन्होंने चौगारा लक्ष्मनिया निवासी विनोद मेहता और कन्हैवा गोडियारी निवासी मनोज उर्फ बुचन के साथ मिलकर चाकू और सरिये से मंटू की हत्या की थी। पुलिस ने विनोद मेहता को भी गिरफ्तार कर लिया, लेकिन मनोज अभी तक फरार चल रहा है।
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यह था विवाद
पुलिस पूछताछ में सूरत मेहता ने पुलिस को बताया था कि उसके भाई मंटू ने उसकी सारी जमीन हड़प ली थी, जिसके चलते उसने साथियों के साथ 26 अक्तूबर 2013 को उसकी हत्या की योजना बनाई। शाम 7 बजे सूरत मेहता अपने भाई मंटू को गिझी में काम मिलने की बात कही। विश्वास करते हुए मंटू अपने भाई और उसके तीनों साथियों के साथ खेतों के रास्ते से गिझी की तरफ चल दिया। रास्ते में चारों ने मिलकर मंटू की हत्या कर खुर्द-बुर्द करने के लिए शव किसी और खेत में डाल दिया।