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Rohtak: फौजी हत्याकांड में भगवतीपुर के युवक को आजीवन कारावास, 20 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया

Sat, 01 Oct 2022 08:32 PM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)
अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Sat, 01 Oct 2022 08:32 PM IST
सार

एएसजे राजकुमार यादव की अदालत ने फैसला सुनाया है। पांच साल पहले तीन आरोपी सबूतों के अभाव में बरी हो चुके हैं। दोषी करार युवक राकेश उर्फ वैध उस समय पीओ था। 

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Life imprisonment to the youth of Bhagwatipur in the army man murder case
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : google

विस्तार

हरियाणा के रोहतक के लाखनमाजरा खंड के गांव भगवतीपुर में 10 साल पहले हुई फौजी राजेंद्र उर्फ राजू की हत्या के आरोपी गांव के ही युवक राकेश उर्फ वैध को दोषी करार दिया गया है। शनिवार को एएसजे राजकुमार यादव की अदालत ने दोषी को आजीवन कारावास व 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। वारदात पैसे के लेनदेन के चलते अंजाम दी गई थी। 

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पीड़ित पक्ष के वकील दलबीर सिंह कन्हेली ने बताया कि फौज से रिटायर भगवतीपुर गांव निवासी राजेंद्र उर्फ राजू फौजी सितंबर 2012 में घर से लापता हो गया। उसके भाई जगत सिंह ने थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बाद में राजेंद्र का शव हिसार के उकलाना थाना क्षेत्र में सिरसा ब्रांच के अंदर मिला था।
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पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच पड़ताल की। जांच के दौरान पता चला कि गांव के युवक राकेश उर्फ वैध का राजेंद्र उर्फ राजू के साथ 14 हजार रुपये का लेनदेन था। 5 हजार रुपये तो उसने राजेंद्र को दे दिए थे। इसके बाद बचे हुए 9 हजार रुपये वह राजेंद्र बार-बार मांग रहा था। इसके चलते राकेश ने राजेंद्र की हत्या कर दी।


पुलिस ने मामले में महिला सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया था, लेकिन 2017 में तीनों आरोपी सबूतों के अभाव में बरी हो गए थे। जबकि वारदात के चार साल बाद 2016 में आरोपी राकेश गिरफ्तार हुआ था। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि हत्या के बाद शव को नरवाना के पास सिरसा ब्रांच में फेंका था।

तभी से आरोपी के खिलाफ अदालत में हत्या का केस चल रहा था। शनिवार को कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार देते हुए हत्या करने पर आईपीसी की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास व 15 हजार रुपये जुर्माना व सबूत मिटाने पर आईपीसी की धारा 201 के तहत 3 साल की कैद व 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। दोनों सजा एक साथ चलेंगी।

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