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विरेंद्र तो बहाना था, कोई ओर ही निशाना था
ब्यूरो/अमर उजाला,रोहतक
Updated Thu, 31 Mar 2016 02:23 AM IST
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जेल से लौटे प्रो.विरेंद्र अपने समर्थकों के साथ।
- फोटो : amar ujala
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प्रो. विरेंद्र सिंह ने जेल से बाहर आते ही प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि विरेंद्र सिंह तो सिर्फ बहाना था, कोई ओर ही निशाना था। आरोप लगाते हुए कहा, प्रदेश सरकार की उपद्रव की आड़ में पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा को बदनाम करने की साजिश थी। शाम 6 बजे विरेंद्र सिंह को सुनारिया जेल से जमानत पर रिहा किया गया। जेल के बाहर समर्थकों ने विरेंद्र सिंह का फूलों की माला पहनाकर स्वागत किया।
इस दौरान उनके बेटे अखिलेश सिंह सहित परिवार के अन्य सदस्य साथ रहे। सुनारिया ओवरब्रिज पर विरेंद्र के पिता रणधीर सिंह भी उनसे मिलने पहुंचे थे। विरेन्द्र सिंह ने पिता के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा, वह मरते दम तक भी देशद्रोही नहीं हो सकते है। जमानत मंजूर होने की खबर मिलते ही विरेंद्र के गांव बालंद व शहर के आसपास के समर्थक जेल के बाहर पहुंच गए। वहीं रोहतक स्थित उनके घर में भी समर्थक देर रात तक जमे रहे।
राजनैतिक प्रतिशोध के चलते फंसाया
प्रो. विरेंद्र सिंह ने कहा कि उन्हें राजनीतिक प्रतिशोध के कारण फंसाया गया है। विरेन्द्र ने कहा कि पुलिस ने पूछताछ के दौरान उन्हें बहुत यातनाएं दी लेकिन उन्होेंने कोई झूठी बात कबूल नहीं की।
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4 दिन तक छिपकली रही दोस्त
जब विरेंद्र सिंह समर्थकों को संबोधित करते हुए भावुक हो गए। उन्होंने कहा, हवालात में केवल एक छिपकली उनकी मित्र थी। लेकिन 4 दिनों तक साथ देने के बाद वह भी नजर नहीं आई। इस पर विरेंद्र सिंह ने पुलिस कर्मियों से पूछा कि छिपकली की जमानत मंजूर हो गई क्या।
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इस दौरान उनके बेटे अखिलेश सिंह सहित परिवार के अन्य सदस्य साथ रहे। सुनारिया ओवरब्रिज पर विरेंद्र के पिता रणधीर सिंह भी उनसे मिलने पहुंचे थे। विरेन्द्र सिंह ने पिता के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा, वह मरते दम तक भी देशद्रोही नहीं हो सकते है। जमानत मंजूर होने की खबर मिलते ही विरेंद्र के गांव बालंद व शहर के आसपास के समर्थक जेल के बाहर पहुंच गए। वहीं रोहतक स्थित उनके घर में भी समर्थक देर रात तक जमे रहे।
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राजनैतिक प्रतिशोध के चलते फंसाया
प्रो. विरेंद्र सिंह ने कहा कि उन्हें राजनीतिक प्रतिशोध के कारण फंसाया गया है। विरेन्द्र ने कहा कि पुलिस ने पूछताछ के दौरान उन्हें बहुत यातनाएं दी लेकिन उन्होेंने कोई झूठी बात कबूल नहीं की।
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4 दिन तक छिपकली रही दोस्त
जब विरेंद्र सिंह समर्थकों को संबोधित करते हुए भावुक हो गए। उन्होंने कहा, हवालात में केवल एक छिपकली उनकी मित्र थी। लेकिन 4 दिनों तक साथ देने के बाद वह भी नजर नहीं आई। इस पर विरेंद्र सिंह ने पुलिस कर्मियों से पूछा कि छिपकली की जमानत मंजूर हो गई क्या।