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पीजीआई से जेल पहुंचा जगपाल, भूख हड़ताल खत्म नहीं की तो लगाई ड्रिप

Wed, 01 Feb 2017 02:38 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक Updated Wed, 01 Feb 2017 02:38 AM IST
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जेल में भूख हड़ताल के कारण तबीयत खराब होने पर मंगलवार को पीजीआई में कराया गया था भर्ती - फोटो : demo pic
जाट आंदोलन को समर्थन देने के लिए जेल में भूख हड़ताल करने वाले बंदी जगपाल की हालत मंगलवार को सामान्य हो गई। प्राथमिक उपचार और डॉक्टरों की जांच के बाद उसे पीजीआई से जेल भेज दिया गया। जगपाल ने जेल जाकर भूख हड़ताल खत्म नहीं की। इसके बाद उसे ड्रिप लगवा दी गई। जगपाल ने पीजीआई में भी प्राथमिक उपचार लेने से इनकार कर दिया था। रात में उसे बंदी वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया था। वहीं, चर्चा यह भी रही कि जगपाल का एक साथी भी जेल में भूख हड़ताल पर है। उसकी भी तबीयत खराब होने की दिन भर चर्चा रही।
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बता दें कि पिछले साल आरक्षण आंदोलन के दौरान वित्तमंत्री कै प्टन अभिमन्यु की कोठी में आगजनी और लूटपाट के मामले में जगपाल काफी समय से जेल में बंद है। इसी तरह इस मामले में 25 आरोपी जिला जेल में बंद बताये जा रहे हैं। जगपाल ने दावा किया था कि उसने 26 जनवरी की शाम को भूख हड़ताल शुरू की थी। उसके साथ जेल में बंद अंकित कादयान और विकास ने भी भूख हड़ताल शुरू की थी। बाद में जेल प्रशासन ने विकास को यमुनानगर जेल में शिफ्ट कर दिया। जगपाल ने दावा किया था कि उसे करीब 20 और साथियों ने 29 जनवरी से जेल में भूख हड़ताल शुरू कर दी है। जबकि जेल प्रशासन का कहना है कि जगपाल को जेल के अस्पताल में ड्रिप लगवा दी गई है। वह खुद खाने पीने से इनकार कर रहा है। उसके अलावा कोई भी बंदी भूख हड़ताल पर नहीं है।
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जगपाल की स्थिति सही होने पर किया गया डिस्चार्ज

पीजीआईएमएस के डॉक्टरों की मानें तो जगपाल की हालत सामान्य होने पर ही डिस्चार्ज किया गया है। उसका ब्लड शुगर, किटोन बॉडी, बीपी आदि जांचें सही थीं। डॉक्टरों ने बताया कि जगपाल की एमएलआर विडियो रिकार्डिंग करके काटी गई है। संस्थान का कहना है कि भविष्य में आगे भी वह विवादित मामलों की एमएलआर वीडियोग्राफी करवा कर ही काटेगा, ताकी बाद में सवाल खडे़ होने की गुंजाइश न बचे। गौरतलब है कि पिछले साल हुए जाट आरक्षण आंदोलन में काटी गई घायलों की एमएलआर पर सवाल उठाए गये थे। अब आपातकालीन विभाग के डॉक्टर जरूरत पड़ती है तो पूरा रिकार्ड रखेंगे।
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