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हत्या और लूट के आरोपी बंदी से मिला मोबाइल फोन

Tue, 02 Aug 2016 01:45 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक Updated Tue, 02 Aug 2016 01:45 AM IST
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crime, police, arest, loot, robbery, mobile phone, rohtak
crime - फोटो : demo pic
प्रदेश के साथ दिल्ली में हत्या, लूट और डकैती के मामले में विचाराधीन कैदी से बिना बैटरी का मोबाइल फोन और एक टूटी सिम बरामद हुई है। आरोपी ने अपने पायजामे में मोबाइल फोन छिपा रखा था। इस संबंध में सोनीपत के पिनाना निवासी बंदी जय भगवान उर्फ सोनू के खिलाफ जेल प्रशासन की शिकायत पर शिवाजी कॉलोनी थाने में केस दर्ज किया गया है। आरोपी के पास से वर्ष की शुरुआत में सोनीपत जेल में भी मोबाइल फोन मिला था, इस संबंध में सोनीपत में भी केस दर्ज है।
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जेल और पुलिस प्रशासन की ओर से रविवार को जेल में तलाशी अभियान चलाया गया। सभी बंदियों को बैरक से बाहर निकालकर बैरक और बंदियों की तलाशी ली गई। इस दौरान जेल प्रशासन को बंदी जय भगवान के पास से एक बिना बैटरी का मोबाइल फोन और एक टूटा सिम बरामद हुआ। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि हाल ही में जमानत पर बाहर गया एक बंदी उसे मोबाइल दे गया है, हालांकि उसने मोबाइल फोन की बैटरी के बारे में कुछ नहीं बताया। जेल प्रशासन की शिकायत पर शिवाजी कॉलोनी थाने में केस दर्ज कर किया गया है। पुलिस जल्द ही आरोपी को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ करेगी।
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कई संगीन मामलों में आरोपी है जय भगवान

जांच अधिकारी एएसआई नफे सिंह ने बताया कि जय भगवान कई संगीन मामलों में आरोपी है। आरोपी के खिलाफ 13 मई 2010 में सांपला थाने में हत्या का केस दर्ज किया गया था। इसके अलावा जय भगवान के खिलाफ दिल्ली के रोहिणी में हत्या प्रयास, लूट और झज्जर में भी लूट का केस दर्ज है। आरोपी पर दर्ज अधिकतर मामले अदालत में विचाराधीन हैं।
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तीन डीएसपी और स्पेशल स्टाफ ने ली तलाशी

जिला पुलिस को जेल से मोबाइल फोन के संचालित की सूचना मिली थी। इस पर डीएसपी रविंद्र, वीर सिंह, विजय सिंह सहित सीआईए-1 इंचार्ज राकेश मलिक, इंस्पेक्टर अमन कुमार के साथ जेल प्रशासन ने छापेमारी की।

 
नहीं टूट रहा जेल से मोबाइल का नेटवर्क

बंदियों का मोबाइल नेटवर्क नहीं टूट रहा है। जब भी जेल में सर्च अभियान चलाया जाता है, किसी न किसी कैदी से मोबाइल फोन मिल ही जाता है। मोबाइल फोन मिलने के बाद पुलिस एफआईआर तो दर्ज कर लेती है मगर उसके आगे की जांच कभी सामने नहीं आती। इस वर्ष जेल से करीब पांच मोबाइल फोन मिल चुके हैं। सभी मामलों में केस दर्ज किए गए लेकिन पुलिस बंदियों से मोबाइल फोन देने वालों का पता नहीं लगा सकी।
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