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एएसआई की हत्या के आरोप में हेड कांस्टेबल गिरफ्तार
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Sun, 27 Nov 2016 02:21 AM IST
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वारदात के समय एएसआई जयकिशन के साथ ड्यूटी पर था मनोज कुमार
- फोटो : demo pic
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करीब दो माह पहले सरकारी मालखाने में की गई एएसआई जयकिशन की हत्या के आरोप में हेड कांस्टेबल मनोज कुमार को गिरफ्तार किया गया है। वारदात की रात एचसी जय किशन के साथ ड्यूटी पर था। पुलिस ने गुपचुप तरीके से मनोज कुमार को एक दिन के रिमांड पर लेकर जेल भेज दिया।
चार सितंबर को बांगड़ सिनेमा स्थित जेपी कालोनी में सरकारी मालखाने में ड्यूटी के दौरान मृत मिले एएसआई जय किशन की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पसलियां टूटने रिपोर्ट सामने आई थी। इसके बाद परिजनों ने जांच की मांग की तो पुलिस ने अज्ञात पर हत्या का केस दर्ज किया था। मामले की जांच डीएसपी रमेश अलावादी को सौंपी गई थी। पुलिस ने जब जांच के दौरान मनोज की मोबाइल लोकेशन भी खंगाली। इसमें सामने आया कि वारदात के समय केवल मनोज और जय किशन ही वारदात स्थल पर मौजूद थे।
मनोज ने कहा था कि किसी के साथ शराब पी थी जय किशन ने
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का खुलासा होने के बाद पुलिस ने मनोज से पूछताछ की थी। मनोज ने पुलिस को बताया था कि वारदात वाले दिन जब वह ड्यूटी पर आया तो जय किशन किसी दुकानदार के साथ शराब पी रहा था। दोनों को शराब पीता देख मनोज अंदर जाकर सो गया था। जबकि पुलिस जांच में सामने आया कि उस रात जय किशन और मनोज के अलावा वहां दूसरा आदमी नहीं था। यहीं से पुलिस को शक हो गया। इस कारण पुलिस जांच मनोज के इर्दगिर्द घूम रही थी।
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छाती और कमर की टूटी थीं हड्डियां
वारदात वाले दिन एएसआई की मौत का कारण हार्ट अटैक माना गया था। जब डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम कर रिपोर्ट पुलिस को सौंपी तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। रिपोर्ट में सामने आया कि जय किशन की छाती और कमर की दर्जनों हड्डियां टूटी हैं। शरीर पर आधा दर्जन से अधिक गंभीर चोट के निशान मिले थे। जांच में सामने आया है कि हेड कांस्टेबल मनोज कुमार बिना बताए छुट्टी चला गया था। जब वापस आया तो जय किशन ने उससे बिना बताए छुट्टी जाने का कारण पूछ लिया था। इसी बात पर दोनों के बीच मारपीट हुई थी। इसमेें जय किशन की मौत हो गई थी।
छवि धूमिल न हो इसलिए की गुपचुप कार्रवाई
पुलिस ने खुद की छवि को धूमिल होने से बचाने के लिए मामले में सारी कार्रवाई गुपचुप तरीके से की। न तो किसी को मनोज की गिरफ्तारी की भनक लगी और न ही जेल जाने की। जबकि आमतौर पर पुलिस प्रशासन की ओर से किसी मामले में गिरफ्तारी होने पर मीडिया को सूचित किया जाता है। मामले में किसी को भी जानकारी नहीं दी गई। डीएसपी रमेश अलावादी ने बताया कि एएसआई जय किशन की हत्या के आरोप में हेड कांस्टेबल मनोज को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। आपस में मारपीट के दौरान जय किशन की हत्या हुई थी।
यह था मामला
गांव कन्हेली निवासी जय किशन (50) हरियाणा पुलिस में एएसआई के पद पर कार्यरत थे। उनकी ड्यूटी बांगड़ सिनेमा स्थित जेपी कालोनी में सरकारी मालखाने की गार्द में थी। उनके साथ एचसी मनोज कुमार भी तैनात था। चार सितंबर की रात जय किशन ड्यूटी के लिए मालखाने गये थे। देर रात परिजनों को सूचना मिली कि जय किशन की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। अगले दिन पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार कई जगहों से जय किशन की हड्डियां टूटी हुई थीं। इसके बाद पुलिस ने अज्ञात पर हत्या का केस दर्ज किया था। जय किशन का इकलौता बेटा इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है। उनकी दो बेटियां हैं।
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चार सितंबर को बांगड़ सिनेमा स्थित जेपी कालोनी में सरकारी मालखाने में ड्यूटी के दौरान मृत मिले एएसआई जय किशन की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पसलियां टूटने रिपोर्ट सामने आई थी। इसके बाद परिजनों ने जांच की मांग की तो पुलिस ने अज्ञात पर हत्या का केस दर्ज किया था। मामले की जांच डीएसपी रमेश अलावादी को सौंपी गई थी। पुलिस ने जब जांच के दौरान मनोज की मोबाइल लोकेशन भी खंगाली। इसमें सामने आया कि वारदात के समय केवल मनोज और जय किशन ही वारदात स्थल पर मौजूद थे।
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मनोज ने कहा था कि किसी के साथ शराब पी थी जय किशन ने
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का खुलासा होने के बाद पुलिस ने मनोज से पूछताछ की थी। मनोज ने पुलिस को बताया था कि वारदात वाले दिन जब वह ड्यूटी पर आया तो जय किशन किसी दुकानदार के साथ शराब पी रहा था। दोनों को शराब पीता देख मनोज अंदर जाकर सो गया था। जबकि पुलिस जांच में सामने आया कि उस रात जय किशन और मनोज के अलावा वहां दूसरा आदमी नहीं था। यहीं से पुलिस को शक हो गया। इस कारण पुलिस जांच मनोज के इर्दगिर्द घूम रही थी।
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छाती और कमर की टूटी थीं हड्डियां
वारदात वाले दिन एएसआई की मौत का कारण हार्ट अटैक माना गया था। जब डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम कर रिपोर्ट पुलिस को सौंपी तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। रिपोर्ट में सामने आया कि जय किशन की छाती और कमर की दर्जनों हड्डियां टूटी हैं। शरीर पर आधा दर्जन से अधिक गंभीर चोट के निशान मिले थे। जांच में सामने आया है कि हेड कांस्टेबल मनोज कुमार बिना बताए छुट्टी चला गया था। जब वापस आया तो जय किशन ने उससे बिना बताए छुट्टी जाने का कारण पूछ लिया था। इसी बात पर दोनों के बीच मारपीट हुई थी। इसमेें जय किशन की मौत हो गई थी।
छवि धूमिल न हो इसलिए की गुपचुप कार्रवाई
पुलिस ने खुद की छवि को धूमिल होने से बचाने के लिए मामले में सारी कार्रवाई गुपचुप तरीके से की। न तो किसी को मनोज की गिरफ्तारी की भनक लगी और न ही जेल जाने की। जबकि आमतौर पर पुलिस प्रशासन की ओर से किसी मामले में गिरफ्तारी होने पर मीडिया को सूचित किया जाता है। मामले में किसी को भी जानकारी नहीं दी गई। डीएसपी रमेश अलावादी ने बताया कि एएसआई जय किशन की हत्या के आरोप में हेड कांस्टेबल मनोज को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। आपस में मारपीट के दौरान जय किशन की हत्या हुई थी।
यह था मामला
गांव कन्हेली निवासी जय किशन (50) हरियाणा पुलिस में एएसआई के पद पर कार्यरत थे। उनकी ड्यूटी बांगड़ सिनेमा स्थित जेपी कालोनी में सरकारी मालखाने की गार्द में थी। उनके साथ एचसी मनोज कुमार भी तैनात था। चार सितंबर की रात जय किशन ड्यूटी के लिए मालखाने गये थे। देर रात परिजनों को सूचना मिली कि जय किशन की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। अगले दिन पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार कई जगहों से जय किशन की हड्डियां टूटी हुई थीं। इसके बाद पुलिस ने अज्ञात पर हत्या का केस दर्ज किया था। जय किशन का इकलौता बेटा इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है। उनकी दो बेटियां हैं।