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फर्जी प्रमाण पत्र से हड़पे आरक्षित श्रेणी के प्लाट, 13 पर धोखाधड़ी का केस
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Sat, 31 Dec 2016 02:13 AM IST
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फर्जीवाड़ा करने में सेना और अन्य विभागों के अधिकारी
- फोटो : demo pic
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अर्बन एस्टेट थाना पुलिस ने हुडा के आरक्षित श्रेणी के एक से ज्यादा प्लाट खरीदने के मामले में 13 लोगों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। इनमें कुछ सेना के अधिकारी हैं तो कुछ अन्य विभागों के अधिकारी हैं। बताया जा रहा है कि इनमें से कुछ सेवानिवृत्त हो गए हैं तो कुछ सेवारत हैं। हुडा की जांच में करीब 40 लोग संदेह के दायरे में आए हैं। जल्द ही इन पर भी एफआईआर हो सकती है।
पुलिस को दी शिकायत में हुडा के स्टेट आफिसर अमित गुलिया ने बताया कि विशेष विभाग के अधिकारियों को आरक्षित श्रेणी में प्रदेश में एक ही प्लाट लेने की स्कीम है। लेकिन हुडा के अधिकारियों ने जांच की तो कई अधिकारियों के पास प्रदेश में रिजर्व केटेगिरी से जुड़े एक से ज्यादा प्लाट मिले। इसके बाद विभाग की शिकायत पर कदम सिंह निवासी बालंद, धनपत राम निवासी प्रीत विहार कालोनी, भरपाई देवी निवासी सेक्टर-14, मनोहरी निवासी भरत कालोनी, हरभजन निवासी जनता बुक डिपो माडल टाउन, लेफ्टिनेंट कर्नल पृथ्वी सिंह न्यू जनता कालोनी, सुमेर सिंह निवासी कबूलपुर, धनराज कुंडू निवासी सेक्टर-4, माल्हो देवी श्याम नगर, मल्हाना रोड सोनीपत, कर्नल जगबीर सिंह दहिया निवासी कमल कालोनी, लेफ्टिनेंट कर्नल रामकुमार सेक्टर-1, बलबीर सिंह सेक्टर-6 बहादुरगढ़ व मेजर चंदन सिंह पुराना हाउसिंग बोर्ड कालोनी के खिलाफ केस दर्ज किया है। फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद विभाग ने सभी को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में वर्ष 2013 में दायर याचिका के बाद अदालत ने जांच के आदेश दिए थे। इसके बाद की गई जांच में सामने आया कि आरोपियों ने गलत प्रमाण पत्र देकर प्लाट आवंटन कराया है।
पुलिस के मुताबिक आरोपी कदम सिंह को रिजर्व केटेगिरी में सेक्टर दो में 3 जुलाई 2001 में प्लाट मिला था। जब विभाग ने जांच की तो सामने आया कि कदम सिंह ने गुड़गांव के सेक्टर 45 में 27 फरवरी 1998 में ही आरक्षित श्रेणी का प्लाट लिया था। इसी तरह अन्य आरोपियों ने गलत प्रमाण पत्र देकर दूसरी जगह आरक्षित श्रेणी का प्लाट खरीदा। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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बोले अधिकारी
हुडा के प्लाट आवंटन में गलत दस्तावेज पेश कर कुछ लोगों ने धोखाधड़ी की है। अभी और भी मामले हैं जो संदेह के दायरे में हैं, इनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
- अमित गुलिया, स्टेट प्रबंधक, हुडा
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पुलिस को दी शिकायत में हुडा के स्टेट आफिसर अमित गुलिया ने बताया कि विशेष विभाग के अधिकारियों को आरक्षित श्रेणी में प्रदेश में एक ही प्लाट लेने की स्कीम है। लेकिन हुडा के अधिकारियों ने जांच की तो कई अधिकारियों के पास प्रदेश में रिजर्व केटेगिरी से जुड़े एक से ज्यादा प्लाट मिले। इसके बाद विभाग की शिकायत पर कदम सिंह निवासी बालंद, धनपत राम निवासी प्रीत विहार कालोनी, भरपाई देवी निवासी सेक्टर-14, मनोहरी निवासी भरत कालोनी, हरभजन निवासी जनता बुक डिपो माडल टाउन, लेफ्टिनेंट कर्नल पृथ्वी सिंह न्यू जनता कालोनी, सुमेर सिंह निवासी कबूलपुर, धनराज कुंडू निवासी सेक्टर-4, माल्हो देवी श्याम नगर, मल्हाना रोड सोनीपत, कर्नल जगबीर सिंह दहिया निवासी कमल कालोनी, लेफ्टिनेंट कर्नल रामकुमार सेक्टर-1, बलबीर सिंह सेक्टर-6 बहादुरगढ़ व मेजर चंदन सिंह पुराना हाउसिंग बोर्ड कालोनी के खिलाफ केस दर्ज किया है। फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद विभाग ने सभी को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में वर्ष 2013 में दायर याचिका के बाद अदालत ने जांच के आदेश दिए थे। इसके बाद की गई जांच में सामने आया कि आरोपियों ने गलत प्रमाण पत्र देकर प्लाट आवंटन कराया है।
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पुलिस के मुताबिक आरोपी कदम सिंह को रिजर्व केटेगिरी में सेक्टर दो में 3 जुलाई 2001 में प्लाट मिला था। जब विभाग ने जांच की तो सामने आया कि कदम सिंह ने गुड़गांव के सेक्टर 45 में 27 फरवरी 1998 में ही आरक्षित श्रेणी का प्लाट लिया था। इसी तरह अन्य आरोपियों ने गलत प्रमाण पत्र देकर दूसरी जगह आरक्षित श्रेणी का प्लाट खरीदा। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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बोले अधिकारी
हुडा के प्लाट आवंटन में गलत दस्तावेज पेश कर कुछ लोगों ने धोखाधड़ी की है। अभी और भी मामले हैं जो संदेह के दायरे में हैं, इनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
- अमित गुलिया, स्टेट प्रबंधक, हुडा