{"_id":"58052c8e4f1c1b562c703424","slug":"crime-court-life-imprisonment-police-rohtak-haryana-relative","type":"story","status":"publish","title_hn":"हत्या के मामले में युवक को उम्रकैद, रिश्तेदारों को भी कैद ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
हत्या के मामले में युवक को उम्रकैद, रिश्तेदारों को भी कैद
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Tue, 18 Oct 2016 01:24 AM IST
विज्ञापन
कोर्ट
- फोटो : डेमो फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिला एवं सत्र न्यायाधीश संत प्रकाश की अदालत ने गांव सिंहपुरा में एक युवक की हत्या के मामले में आरोपी को उम्रकैद और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर दोषी को अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। साथ ही अदालत ने इसी मामले में दर्ज दूसरी एफआइआर में उम्रकैद के दोषी युवक के दो रिश्तेदारों को भी 6 महीने की कैद की सजा सुनाई है। रिश्तेदारों ने मामला कोर्ट में विचाराधीन होने के दौरान पीड़ित पक्ष को गवाही देने पर जान से मारने की धमकी दी थी।
अदालत में चले अभियोग के अनुसार गांव सिंहपुरा निवासी रमेश ने 31 अक्तूबर 2014 को सदर थाना पुलिस को शिकायत दी थी। रमेश ने बताया था कि उनका बेटा अजीत गांव के एक किसान के खेतों में बोरिंग करने गया था। लेकिन वह काफी देर तक वापस नहीं आया। रमेश अजीत को तलाशने खेतों में चला गया। यहां पर अजीत काम कर रहा था। उसके साथ ही गांव का युवक अजीत उर्फ पप्पे भी था। यहां पर किसी बात को लेकर अजीत और अजीत उर्फ पप्पे का आपस में झगड़ा हो गया। रमेश का आरोप था कि पप्पे ने उनके बेटे पर धारदार हथियार से हमला बोल दिया और फरार हो गया। बाद में अजीत को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां उपचार के दौरान अजीत ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने आरोपी अजीत उर्फ पप्पे को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया था। अदालत ने पूरे मुकदमे की सुनवाई के बाद पप्पे को दोषी मानते हुए सजा सुनाई। वहीं, मामला जब कोर्ट में विचाराधीन था तो पप्पे के रिश्तेदार ने रमेश को जान से मारने की धमकी दी। पप्पे के रिश्तेदार अमरजीत व कर्मजीत ने कहा था कि यदि गवाही दी तो हत्या कर देंगे। इस पर रमेश की शिकायत पर पुलिस ने दोनों रिश्तेदारों के खिलाफ भी केस दर्ज किया था। अदालत ने अमरजीत और कर्मजीत को छह माह कै द और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
विज्ञापन
अदालत में चले अभियोग के अनुसार गांव सिंहपुरा निवासी रमेश ने 31 अक्तूबर 2014 को सदर थाना पुलिस को शिकायत दी थी। रमेश ने बताया था कि उनका बेटा अजीत गांव के एक किसान के खेतों में बोरिंग करने गया था। लेकिन वह काफी देर तक वापस नहीं आया। रमेश अजीत को तलाशने खेतों में चला गया। यहां पर अजीत काम कर रहा था। उसके साथ ही गांव का युवक अजीत उर्फ पप्पे भी था। यहां पर किसी बात को लेकर अजीत और अजीत उर्फ पप्पे का आपस में झगड़ा हो गया। रमेश का आरोप था कि पप्पे ने उनके बेटे पर धारदार हथियार से हमला बोल दिया और फरार हो गया। बाद में अजीत को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां उपचार के दौरान अजीत ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने आरोपी अजीत उर्फ पप्पे को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया था। अदालत ने पूरे मुकदमे की सुनवाई के बाद पप्पे को दोषी मानते हुए सजा सुनाई। वहीं, मामला जब कोर्ट में विचाराधीन था तो पप्पे के रिश्तेदार ने रमेश को जान से मारने की धमकी दी। पप्पे के रिश्तेदार अमरजीत व कर्मजीत ने कहा था कि यदि गवाही दी तो हत्या कर देंगे। इस पर रमेश की शिकायत पर पुलिस ने दोनों रिश्तेदारों के खिलाफ भी केस दर्ज किया था। अदालत ने अमरजीत और कर्मजीत को छह माह कै द और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
विज्ञापन