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सुरक्षा रहेगी चाक चौबंद, पुलिस नाके नहीं हटेंगे

Sun, 19 Mar 2017 11:45 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक Updated Sun, 19 Mar 2017 11:45 PM IST
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city secuity high, do not put on police gate
माौजूद पु‌िललिस जवान - फोटो : amar ujala
बीस मार्च को होने वाला जाटों का दिल्ली कूच भले ही स्थगित हो गया हो, लेकिन सुरक्षा के मामले में पुलिस प्रशासन कोई ढील बरतने के मूड में नहीं है। यही वजह है कि सुरक्षा व्यवस्था में पुलिस फोेर्स और अर्द्धसैनिक बल पहले की तरह तैनात रहेंगे। जाट आंदोलन के मद्देनजर बनाए गए पुलिस के नाके पहले की तरह बने रहेंगे। पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों के नाकों में भी फेरबदल नहीं किया जाएगा। हालांकि, सेना को बुलाने का फैसला स्थगित कर दिया गया है। अब परिस्थितियों के अनुसार सेना को बुलाया जाएगा।
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पुलिस और अर्द्धसैनिक  बल ने ली राहत की सांस
वहीं, जाटों के दिल्ली कूच का फैसला टलने के बाद जिले में तैनात पुलिस और अर्द्धसैनिक  बल ने राहत की सांस ली है। इससे पहले उपद्रव की आशंका के चलते पुलिस प्रशासन के हाथ पांव फूल गये थे। हालांकि, जिला पुलिस की तरफ से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गये हैं। इसके अलावा पैरा मिलिट्री की कंपनी शहर में रहेगी। मामला शांत होने के बाद इन्हें वापस भेजा जाएगा। शहर में पैरा मिलिट्री की करीब 20 कंपनियां तैनात हैं। पुलिस विभाग की तरफ से संवेदनशील क्षेत्रों में संयुक्त रूप से अर्धसैनिक बल और पुलिस के नाके लगाए गए हैं।
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पुलिस ने सुबह से ही कस ली थी कमर  

पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुबह से ही कमर कस ली थी। सुबह से ही पुलिस नाकों पर पैरा मिलिट्री तैनात कर दी थी। अधिकतर जवानों को शहर की सीमाओं पर बने नाकों पर तैनात किया गया था। शहर के अंदरूनी हिस्सों में भी पैरा मिलिट्री के अलग से नाके लगाए गये हैं।
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एसपी-एडीसी ने सरपंचों से मांगा सहयोग
शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए एसपी पंकज नैन ने रविवार को जिला विकास सभागार में सरपंचों के साथ बैठक की। एसपी ने कहा कि जन प्रतिनिधि होने के नाते कानून एवं शांति व्यवस्था बनाये रखने में सरपंचों की महत्वपूर्ण भूमिका है। वह युवाओं को समझाकर असामाजिक व गैर कानूनी गतिविधियों से दूर रहने सलाह दें। उन्होंने कहा कि पिछले साल हुई हिंसा से प्रदेश की छवि खराब हुई है। इसे मिलजुल कर सुधारने का संकल्प लेना होगा। वहीं, अतिरिक्त उपायुक्त प्रदीप कु मार ने कहा कि सरपंच गांव का मुखिया होता है। इस कारण सरपंच की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। सरपंच को असामाजिक एवं अराजकता फैलाने वाले समाज विरोधी लोगों की तुरंत प्रशासन को सूचना देनी चाहिए। एडीसी ने सरपंचों से गांव में शांति समिति बनाने की अपील की।


सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और पैरा मिलिट्री के नाके पहले की ही तरह बने रहेंगे। किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए जिला पुलिस के पास पर्याप्त फोर्स है। सेना को बुलाने का फै सला फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। किसी को भी कानून तोड़ने पर बख्शा नहीं जाएगा।
- पंकज नैन, एसपी रोहतक।
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