{"_id":"5835fcac4f1c1b2b2513c4e4","slug":"child-new-born-haryana-rohtak-crime-health","type":"story","status":"publish","title_hn":"इंसानियत शर्मशार, पीजीआईएमएस कैंपस में मिला नवजात का शव","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
इंसानियत शर्मशार, पीजीआईएमएस कैंपस में मिला नवजात का शव
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Thu, 24 Nov 2016 02:01 AM IST
विज्ञापन
कैंपस स्थित गंदे पानी के डिस्पोजल में फेंका गया था शव
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीजीआईएमएस कैंपस में इंसानियत को तार-तार करने वाला एक मामला सामने आया है। कैंपस में स्थित गंदे पानी के डिस्पोजल में नवजात का शव मिलने से सनसनी फैल गई। माना जा रहा है कि लोक लाज के डर से मां ने नवजात को डिस्पोजल में फेंका दिया होगा। शव को देखकर अनुमान लगाया जा रहा था कि कुछ घंटे पहले ही उसका जन्म हुआ है।
बुधवार शाम पीजीआईएमएस के कैंपस स्थित गंदे पानी के डिस्पोजल के पास कुछ लोग काम कर रहे थे। इसी दौरान गंदे पानी के साथ एक नवजात शिशु का शव बहकर आया। लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद पीजीआईएमएस थाना पुलिस ने पहुंचकर शव को बाहर निकाला। नवजात का शव अधिक पुराना नहीं था। उसे देखकर लग रहा था कि रात या सुबह ही उसे जन्म दिया गया है। पुलिस का मानना है कि लोक लाज के डर से नवजात को फेंका गया होगा, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मौके पर मौजूद लोगों से भी जानकारी ली कि उनके जान-पहचान में कोई डिलीवरी तो नहीं हुई। साथ ही पीजीआईएमएस में पिछले दो-तीन दिनों में हुई डिलीवरी के रिकार्ड की भी जांच-पड़ताल की जाएगी, जिससे पता चल सके कि नवजात को किसने फेंका है। पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया है। हालांकि रात होने के बाद शव का पोस्टमार्टम नहीं हो सका था। उधर, थाना प्रभारी मंजीत सिंह का कहना है कि नवजात शिशु लड़का है। शव का डीएनए टेस्ट कराया जाएगा, जिससे उसकी पहचान करने में मदद मिले। नवजात को फेंकने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
बुधवार शाम पीजीआईएमएस के कैंपस स्थित गंदे पानी के डिस्पोजल के पास कुछ लोग काम कर रहे थे। इसी दौरान गंदे पानी के साथ एक नवजात शिशु का शव बहकर आया। लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद पीजीआईएमएस थाना पुलिस ने पहुंचकर शव को बाहर निकाला। नवजात का शव अधिक पुराना नहीं था। उसे देखकर लग रहा था कि रात या सुबह ही उसे जन्म दिया गया है। पुलिस का मानना है कि लोक लाज के डर से नवजात को फेंका गया होगा, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मौके पर मौजूद लोगों से भी जानकारी ली कि उनके जान-पहचान में कोई डिलीवरी तो नहीं हुई। साथ ही पीजीआईएमएस में पिछले दो-तीन दिनों में हुई डिलीवरी के रिकार्ड की भी जांच-पड़ताल की जाएगी, जिससे पता चल सके कि नवजात को किसने फेंका है। पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया है। हालांकि रात होने के बाद शव का पोस्टमार्टम नहीं हो सका था। उधर, थाना प्रभारी मंजीत सिंह का कहना है कि नवजात शिशु लड़का है। शव का डीएनए टेस्ट कराया जाएगा, जिससे उसकी पहचान करने में मदद मिले। नवजात को फेंकने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन