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दांगी के गुर्गे को स्कूल गेट से अंदर ले जाकर पेपर दिलवाने वाला पीटीआई भी गिरफ्तार
ब्यूरो/अमर उजाला,रोहतक
Updated Tue, 05 Apr 2016 02:28 AM IST
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रूप सिंह दांगी
- फोटो : अमर उजाला
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एआईपीएमटी पेपर लीक प्रकरण के मास्टरमाइंड रूप सिंह दांगी की गिरफ्तारी के बाद खुलासे पर खुलासे हो रहे हैं। दांगी ने नया बस स्टैंड स्थित एमडीएन स्कूल से पेपर लीक कराया था। स्कूल से पेपर लीक करने वाले पहले पीटीआई सतीश की गिरफ्तारी के बाद अब इसी स्कूल के दूसरे पीटीआई रवींद्र को गिरफ्तार किया गया है। खुलासा हुआ है कि परीक्षा वाले दिन 3 मई 2015 को रवींद्र की स्कूल गेट पर ड्यूटी लगी थी।
रिठाल गांव निवासी पीटीआई रवींद्र परीक्षार्थियों के रोल नंबर और दूसरे दस्तावेज जांच रहा था। आरोपी दांगी के गुर्गे को स्कूल गेट से परीक्षा केंद्र तक ले गया। रवींद्र गुर्गे को उस क्लास रूम तक ले गया था, जहां आरोपी पीटीआई सतीश पहले से ही ड्यूटी पर तैनात था। परीक्षा शुरू होने से चंद मिनट पहले सतीश ने गुर्गे को प्रश्न पत्र उपलब्ध करवा दिया। रवींद्र और गुर्गा पेपर को बाथरूम में ले गए और यहां से फोटो खींचकर बहरोड़ कंट्रोल रूम में बैठे दांगी के मोबाइल तक पेपर पहुंचा दिय।
दांगी पहले ही मास्टर सॉल्वर के साथ बहरोड़ स्थित एक रिसोर्ट में प्रश्नपत्र का इंतजार कर रहा था। जैसे ही प्रश्नपत्र दांगी के पास पहुंचा तो मास्टर सॉल्वर ने मिनटों में इसे हल कर दिया। इसके बाद आरोपियों ने अपने गुर्गों तक मोबाइल के माध्यम से आंसर की भेज दी। पुलिस ने आरोपी रवींद्र को लाढ़ौत रोड से गिरफ्तार किया है। आरोपी को मंगलवार को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा।
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आज हो सकती है गुर्गे की गिरफ्तारी
रवींद्र की निशानदेही पर पुलिस सोमवार को रातभर उसे साथ लेकर छापेमारी करेगी। पुलिस सूत्रों का कहना है कि रवींद्र ने दांगी के गुर्गे के बारे में सटीक सूचना दी है। इसके आधार पर आरोपी को बुधवार तक गिरफ्तार किया जा सकता है। पुलिस रवींद्र को साथ लेकर दांगी के ठिकानों पर छापेमारी के लिए रवाना हो चुकी है। दूसरी जांच टीम दांगी को भी साथ ले गई हैं। ताकि उसके अन्य साथियों के ठिकानों पर छापेमारी की जा सके।
लगातार छापेमारी, 5 टीमों का गठन
दांगी के गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस ने मामले का पूरा पटापेक्ष करने का मूड बना लिया है। पुलिस प्रशासन की ओर से केस में फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए अलग-अलग 5 जांच टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें अलग-अलग जगहों पर भेजी गई हैं।
रवींद्र को भी देने थे 10 लाख रुपये
सतीश ने प्रश्नपत्र लीक करने के लिए दांगी के साथ 10 लाख रुपये में सौदा किया था। उसी तरह रवींद्र को भी दांगी के गुर्गे को क्लास रूम तक पहुंचाने और प्रश्नपत्र की फोटो दिलवाने के लिए 10 लाख रुपये दिये जाने का सौदा हुआ था। हालांकि पुलिस ने यह खुलासा नहीं किया कि रवींद्र को एडवांस में कितनी रकम मिल चुकी थी।
कॉल डिटेल के जरिये पहुंची रवींद्र तक
पुलिस की मानें तो दांगी पूछताछ में पुलिस का पूरा सहयोग कर रहा है। लेकिन पुलिस ने आरोपी पीटीआई सतीश की कॉल डिटेल खंगालने के बाद रवींद्र को दबोचा है। वहीं, प्रकरण में जैसे-जैसे आरोपियों की गिरफ्तारी हो रही है उससे तय है कि अन्य बड़े नाम भी सामने आने हैं। मास्टरमाइंड दांगी 8 तो सतीश 3 दिन के पुलिस रिमांड पर है। अब पुलिस तीनों आरोपियों को आमने सामने बैठाकर पूछताछ करेगी।
सप्ताहभर के अवकाश पर था सतीश
एमडीएन पब्लिक स्कूल की डायरेक्टर रेणु नरवाल ने बताया कि पीटीआई सतीश एक सप्ताह से स्कूल में नहीं आ रहा है। उन्हें अभी पीटीआई रवींद्र के बारे में कुछ भी पता नहीं है, क्योंकि वे बहुत कम ही स्कूल जाती हैं। इसलिए सारी जानकारी मंगलवार को स्कूल में जाने के बाद ही दे पाएंगी।
ये है मामला
बता दें कि 3 मई 2015 को एआईपीएमटी की प्रवेश परीक्षा हुई थी। इस दौरान ही पुलिस ने गुढाणा निवासी डॉ. भूपेंद्र सिंह, गद्दी खेड़ी निवासी राजेश बिश्नोई, बसंत विहार निवासी संजीत और ग्रेटर नोएडा के नीमका निवासी रवि अत्री को गिरफ्तार किया था। इन्हीं से पेपर लीक प्रकरण का खुलासा हुआ। आरोपियों और अभ्यर्थियों के पास से नकल कराने के आधुनिक उपकरण, ब्लूटूथ डिवाइस लगे अंडर गारमेंट्स बरामद हुए थे।
इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर परीक्षा रद्द हुई थी। इस मामले में करीब 11 माह बाद मास्टरमाइंड रूप सिंह दांगी को 31 मार्च को बहादुरगढ़ बाईपास से गिरफ्तार किया गया है। अब खुलासा हुआ है कि पेपर कैसे और कहां से लीक हुआ। दांगी की गिरफ्तारी के बाद एमडीएन स्कूल के दो पीटीआई गांव भगवतीपुर निवासी सतीश और गांव रिठाल निवासी रवींद्र को पकड़ा गया है।
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रिठाल गांव निवासी पीटीआई रवींद्र परीक्षार्थियों के रोल नंबर और दूसरे दस्तावेज जांच रहा था। आरोपी दांगी के गुर्गे को स्कूल गेट से परीक्षा केंद्र तक ले गया। रवींद्र गुर्गे को उस क्लास रूम तक ले गया था, जहां आरोपी पीटीआई सतीश पहले से ही ड्यूटी पर तैनात था। परीक्षा शुरू होने से चंद मिनट पहले सतीश ने गुर्गे को प्रश्न पत्र उपलब्ध करवा दिया। रवींद्र और गुर्गा पेपर को बाथरूम में ले गए और यहां से फोटो खींचकर बहरोड़ कंट्रोल रूम में बैठे दांगी के मोबाइल तक पेपर पहुंचा दिय।
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दांगी पहले ही मास्टर सॉल्वर के साथ बहरोड़ स्थित एक रिसोर्ट में प्रश्नपत्र का इंतजार कर रहा था। जैसे ही प्रश्नपत्र दांगी के पास पहुंचा तो मास्टर सॉल्वर ने मिनटों में इसे हल कर दिया। इसके बाद आरोपियों ने अपने गुर्गों तक मोबाइल के माध्यम से आंसर की भेज दी। पुलिस ने आरोपी रवींद्र को लाढ़ौत रोड से गिरफ्तार किया है। आरोपी को मंगलवार को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा।
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आज हो सकती है गुर्गे की गिरफ्तारी
रवींद्र की निशानदेही पर पुलिस सोमवार को रातभर उसे साथ लेकर छापेमारी करेगी। पुलिस सूत्रों का कहना है कि रवींद्र ने दांगी के गुर्गे के बारे में सटीक सूचना दी है। इसके आधार पर आरोपी को बुधवार तक गिरफ्तार किया जा सकता है। पुलिस रवींद्र को साथ लेकर दांगी के ठिकानों पर छापेमारी के लिए रवाना हो चुकी है। दूसरी जांच टीम दांगी को भी साथ ले गई हैं। ताकि उसके अन्य साथियों के ठिकानों पर छापेमारी की जा सके।
लगातार छापेमारी, 5 टीमों का गठन
दांगी के गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस ने मामले का पूरा पटापेक्ष करने का मूड बना लिया है। पुलिस प्रशासन की ओर से केस में फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए अलग-अलग 5 जांच टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें अलग-अलग जगहों पर भेजी गई हैं।
रवींद्र को भी देने थे 10 लाख रुपये
सतीश ने प्रश्नपत्र लीक करने के लिए दांगी के साथ 10 लाख रुपये में सौदा किया था। उसी तरह रवींद्र को भी दांगी के गुर्गे को क्लास रूम तक पहुंचाने और प्रश्नपत्र की फोटो दिलवाने के लिए 10 लाख रुपये दिये जाने का सौदा हुआ था। हालांकि पुलिस ने यह खुलासा नहीं किया कि रवींद्र को एडवांस में कितनी रकम मिल चुकी थी।
कॉल डिटेल के जरिये पहुंची रवींद्र तक
पुलिस की मानें तो दांगी पूछताछ में पुलिस का पूरा सहयोग कर रहा है। लेकिन पुलिस ने आरोपी पीटीआई सतीश की कॉल डिटेल खंगालने के बाद रवींद्र को दबोचा है। वहीं, प्रकरण में जैसे-जैसे आरोपियों की गिरफ्तारी हो रही है उससे तय है कि अन्य बड़े नाम भी सामने आने हैं। मास्टरमाइंड दांगी 8 तो सतीश 3 दिन के पुलिस रिमांड पर है। अब पुलिस तीनों आरोपियों को आमने सामने बैठाकर पूछताछ करेगी।
सप्ताहभर के अवकाश पर था सतीश
एमडीएन पब्लिक स्कूल की डायरेक्टर रेणु नरवाल ने बताया कि पीटीआई सतीश एक सप्ताह से स्कूल में नहीं आ रहा है। उन्हें अभी पीटीआई रवींद्र के बारे में कुछ भी पता नहीं है, क्योंकि वे बहुत कम ही स्कूल जाती हैं। इसलिए सारी जानकारी मंगलवार को स्कूल में जाने के बाद ही दे पाएंगी।
ये है मामला
बता दें कि 3 मई 2015 को एआईपीएमटी की प्रवेश परीक्षा हुई थी। इस दौरान ही पुलिस ने गुढाणा निवासी डॉ. भूपेंद्र सिंह, गद्दी खेड़ी निवासी राजेश बिश्नोई, बसंत विहार निवासी संजीत और ग्रेटर नोएडा के नीमका निवासी रवि अत्री को गिरफ्तार किया था। इन्हीं से पेपर लीक प्रकरण का खुलासा हुआ। आरोपियों और अभ्यर्थियों के पास से नकल कराने के आधुनिक उपकरण, ब्लूटूथ डिवाइस लगे अंडर गारमेंट्स बरामद हुए थे।
इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर परीक्षा रद्द हुई थी। इस मामले में करीब 11 माह बाद मास्टरमाइंड रूप सिंह दांगी को 31 मार्च को बहादुरगढ़ बाईपास से गिरफ्तार किया गया है। अब खुलासा हुआ है कि पेपर कैसे और कहां से लीक हुआ। दांगी की गिरफ्तारी के बाद एमडीएन स्कूल के दो पीटीआई गांव भगवतीपुर निवासी सतीश और गांव रिठाल निवासी रवींद्र को पकड़ा गया है।