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एमबीबीएस में एडमिशन के नाम पर 30 लाख रुपये ठगे, कॉलेज डायरेक्टर पर केस
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Tue, 12 Apr 2016 02:04 AM IST
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- फोटो : Desk
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पंजाब के मानसा में नर्सिंग होम चलाने वाली एक डॉक्टर से उसके बेटे का एमबीबीएस में एडमिशन कराने के नाम पर 30 लाख रुपये हड़प लिए गए। कोलकाता के मेडिकल कॉलेज में एडमिशन कराने के नाम पर इनते रुपये मांगे गए थे। रुपये भी शहर की शिवाजी कॉलोनी में डॉक्टर ने अपनी बहन के घर आकर दिए थे। लेकिन न एडमिशन कराया गया और न ही रुपये लौटाए गए।
अब पीड़ित डॉक्टर ने शिवाजी कॉलोनी थाने में एक कॉलेज के डायरेक्टर समेत चार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
डा. प्रोमिला बैनीवाल और उनके पति पिरथी बैनीवाल का पंजाब के मानसा के सारदूलगढ़ में देहली नर्सिंग होम है।
डॉ. प्रोमिला ने बताया कि अगस्त 2015 में वे अपने बेटे विक्रमजीत के एमबीबीएस में दाखिले के लिए आई केयर मेडिकल कॉलेज हल्दिया कोलकाता में गए थे। वहां उनकी मुलाकात दिनेश अग्रवाल नाम के व्यक्ति से हुई। आरोप है कि दिनेश ने उनसे कहा कि वह उनके बेटे का कॉलेज में डोनेशन पर एडमिशन करवा देंगे। इसके लिए उनसे 30 लाख 70 हजार रुपये मांगे गए।
दिनेश अग्रवाल नाम के उस व्यक्ति ने डॉ. प्रोमिला को 11 अगस्त 2015 को आई केयर मेडिकल कॉलेज हल्दिया, कोलकाता में फिर से बुलाया। डा. प्रोमिला अपने पति व बेटे के साथ वहां पहुंच गई। जहां दिनेश अग्रवाल ने उनकी मुलाकात कॉलेज के डायरेक्टर डा. संतोष रमन के अलावा झारखंड के रहने वाले मनीष कुमार और डा. विशाल बंसल से कराई। उन सभी ने दिनेश अग्रवाल को रुपये देने के लिए कहा।
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सभी डायरेक्टर ऑफिस भी पहुंचे और वहां छह हजार रुपये की रसीद भी काटी गई। जिससे यह साफ हो जाए कि उनके बेटे ने एडमिशन के लिए आवेदन किया है। 23 अगस्त को उनके बेटे विक्रमजीत को टेस्ट के लिए कॉलेज में बुलाया गया। जहां उसका टेस्ट लिया गया और फेल या पास होने पर भी डोनेशन के आधार पर एडमिशन हो जाने का विश्वास दिलाया गया। टेस्ट होते ही रुपये मांगने शुरू कर दिए गए। पहले हवाला के जरिए रुपये देने के लिए कहा गया, लेकिन डॉ. प्रोमिला ने रुपये नहीं दिए।
इस पर आरोपियों ने रोहतक से किसी अन्य से रुपये लेने के कारण यहां आने की बात कही और डा. प्रोमिला को भी रुपये देने के लिए यहां बुला लिया गया। डा. प्रोमिला भी शिवाजी कालोनी में अपनी बहन के घर आ गई। जहां दिनेश अग्रवाल को पहली बार में 19 लाख और दूसरी बार में 11 लाख 70 हजार रुपये दिए गए।
इसके बावजूद भी एमबीबीएस में एडमिशन नहीं कराया गया और रुपये भी वापस नहीं दिए जा रहे हैं। अब पीड़ित की ओर से कॉलेज के डायरेक्टर डा. संतोष रमन, दिनेश अग्रवाल, मनीष कुमार, डा. विशाल बंसल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। जांच अधिकारी एसआई श्रीभगवान का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को पकड़ा जाएगा।
रुपये देते हुए बनाई गई वीडियो बनी सबूत
डा. प्रोमिला ने रोहतक में अपनी बहन के घर जब दिनेश अग्रवाल को रुपये दिए तो उन्होंने वीडियो बनाई थी। क्योंकि इतने ज्यादा रुपये किसी को देना बड़ा सौदा था, इसलिए वीडियो क्लिप बनाई गई। उस वीडियो क्लिप में साफ दिख रहा है कि दिनेश अग्रवाल रुपये ले रहा है। क्लिप को पुलिस को दिखाया गया और उसको देखकर ही पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया।
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अब पीड़ित डॉक्टर ने शिवाजी कॉलोनी थाने में एक कॉलेज के डायरेक्टर समेत चार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
डा. प्रोमिला बैनीवाल और उनके पति पिरथी बैनीवाल का पंजाब के मानसा के सारदूलगढ़ में देहली नर्सिंग होम है।
डॉ. प्रोमिला ने बताया कि अगस्त 2015 में वे अपने बेटे विक्रमजीत के एमबीबीएस में दाखिले के लिए आई केयर मेडिकल कॉलेज हल्दिया कोलकाता में गए थे। वहां उनकी मुलाकात दिनेश अग्रवाल नाम के व्यक्ति से हुई। आरोप है कि दिनेश ने उनसे कहा कि वह उनके बेटे का कॉलेज में डोनेशन पर एडमिशन करवा देंगे। इसके लिए उनसे 30 लाख 70 हजार रुपये मांगे गए।
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दिनेश अग्रवाल नाम के उस व्यक्ति ने डॉ. प्रोमिला को 11 अगस्त 2015 को आई केयर मेडिकल कॉलेज हल्दिया, कोलकाता में फिर से बुलाया। डा. प्रोमिला अपने पति व बेटे के साथ वहां पहुंच गई। जहां दिनेश अग्रवाल ने उनकी मुलाकात कॉलेज के डायरेक्टर डा. संतोष रमन के अलावा झारखंड के रहने वाले मनीष कुमार और डा. विशाल बंसल से कराई। उन सभी ने दिनेश अग्रवाल को रुपये देने के लिए कहा।
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सभी डायरेक्टर ऑफिस भी पहुंचे और वहां छह हजार रुपये की रसीद भी काटी गई। जिससे यह साफ हो जाए कि उनके बेटे ने एडमिशन के लिए आवेदन किया है। 23 अगस्त को उनके बेटे विक्रमजीत को टेस्ट के लिए कॉलेज में बुलाया गया। जहां उसका टेस्ट लिया गया और फेल या पास होने पर भी डोनेशन के आधार पर एडमिशन हो जाने का विश्वास दिलाया गया। टेस्ट होते ही रुपये मांगने शुरू कर दिए गए। पहले हवाला के जरिए रुपये देने के लिए कहा गया, लेकिन डॉ. प्रोमिला ने रुपये नहीं दिए।
इस पर आरोपियों ने रोहतक से किसी अन्य से रुपये लेने के कारण यहां आने की बात कही और डा. प्रोमिला को भी रुपये देने के लिए यहां बुला लिया गया। डा. प्रोमिला भी शिवाजी कालोनी में अपनी बहन के घर आ गई। जहां दिनेश अग्रवाल को पहली बार में 19 लाख और दूसरी बार में 11 लाख 70 हजार रुपये दिए गए।
इसके बावजूद भी एमबीबीएस में एडमिशन नहीं कराया गया और रुपये भी वापस नहीं दिए जा रहे हैं। अब पीड़ित की ओर से कॉलेज के डायरेक्टर डा. संतोष रमन, दिनेश अग्रवाल, मनीष कुमार, डा. विशाल बंसल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। जांच अधिकारी एसआई श्रीभगवान का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को पकड़ा जाएगा।
रुपये देते हुए बनाई गई वीडियो बनी सबूत
डा. प्रोमिला ने रोहतक में अपनी बहन के घर जब दिनेश अग्रवाल को रुपये दिए तो उन्होंने वीडियो बनाई थी। क्योंकि इतने ज्यादा रुपये किसी को देना बड़ा सौदा था, इसलिए वीडियो क्लिप बनाई गई। उस वीडियो क्लिप में साफ दिख रहा है कि दिनेश अग्रवाल रुपये ले रहा है। क्लिप को पुलिस को दिखाया गया और उसको देखकर ही पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया।