फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   शिक्षा मंदिर के गेट पर बिखरा खून ही खून, दादागिरी में चले चाकू

शिक्षा मंदिर के गेट पर बिखरा खून ही खून, दादागिरी में चले चाकू

Sun, 27 May 2018 03:00 AM IST
Updated Sun, 27 May 2018 03:00 AM IST
विज्ञापन
शिक्षा मंदिर के गेट पर बिखरा खून ही खून, दादागिरी में चले चाकू
फोटो :
विज्ञापन

स्कूल प्रशासन चौकस रहता तो बच जाती छात्र जयदीप की जान
- वर्चस्व की लड़ाई में बहाया शिक्षा के मंदिर के बाहर खून, स्कूल प्रबंधन की भूमिका पर खड़े हो रहे सवाल
- तीन दिन पहले भी दोनों छात्र गुटों में स्कूल के गेट पर हुआ था विवाद, एक दूसरे की दी थी देख लेने की धमकी
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जसिया के बाहर खेला गया खूनी खेल टल सकता था। स्कूल प्रशासन चौकन्ना रहता तो शायद जयदीप की जान नहीं जाती। वर्चस्व की इस लड़ाई में विद्यार्थियों ने ही अपने सहपाठी का खून बहाया। इनके बीच तीन दिन पहले भी स्कूल के गेट पर विवाद हुआ था। यहां दोनों छात्र गुटों ने एक-दूसरे को देख लेने की धमकी दी थी। इसके बावजूद स्कूल प्रशासन का सख्त कदम नहीं उठाना स्कूल प्रबंधन की भूमिका पर सवाल खड़े करता है। गांव के एक बेटी की हत्या व दूसरे की हालत नाजुक होने के चलते माहौल गमगीन है।
शनिवार सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों में खेला गया खूनी खेल स्कूल प्रबंधन को कठघरे में खड़ा कर रहा है। ग्रामीणों व विद्यार्थियों की मानें तो छात्र गुटों में झगड़ा आपसी दादागिरी में हुआ। अपने वर्चस्व को लेेकर ही दोनों गुट तीन दिन पहले भी आमने-सामने हुए थे। शायद यही वजह है कि शनिवार को झगड़े की पहले से तैयारी थी। विज्ञान संकाय के छात्र जयदीप के स्कूल से बाहर निकलने पर हुई कहासुनी, यहीं तक सीमित नहीं रही। सहपाठी के फोन पर हथियारबंद युवकों का आना और निर्ममता से उसे चाकुओं से गोदना हमलावारों के इरादे साफ दर्शाता है। उसके बचाव में आए दीपक पर भी जान से मारने की नीयत से चाकू से वार किया गया। यह मामला इतना नहीं बढ़ता। स्कूल प्रशासन तीन दिन पहले हुए विवाद को गंभीरता से लेता तो छात्र की जान भी नहीं जाती। इस बारे में छात्रों के परिवारों को भी जानकारी नहीं दी गई।
विज्ञापन

50 कदम दूर रहता था दीपक का दोस्त जयदीप
स्कूल से बमुश्किल आधा किमी. दूर देवी के मठ के नजदीक सामने-सामने दो रास्ते जाते हैं। एक रास्ते से चंद कदम दूर घायल दीपक व दूसरी तरफ करीब 50 कदम की दूरी पर जयदीप (18) का मकान है। दीपक के पिता की पंचर की दुकान है। जयदीप के पिता किसान हैं। दीपक और जयदीप एक ही स्कूल में पढ़ते रहे हैं। दोनों अच्छे दोस्त भी रहे। शनिवार को भी वे स्कूल साथ गए थे। अपने दोस्त के जाने से दीपक अकेला रह गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

हत्या का नहीं हो रहा यकीन
ग्रामीणों की मानें तो तीन दिन पहले हुए झगड़े में किसी की हत्या हो जाएगी, इसका यकीन ही नहीं हो रहा है। छात्रों को झगड़े के बाद शांत करा दिया था। दो दिन तक कहीं कोई बात भी सामने नहीं आई। अचानक घमासान ने सभी को झकझोर दिया है। यह चिंता का भी विषय है। स्कूल के बाहर तीन बाइकों पर सात-आठ लड़के आए और मारपीट शुरू कर दी। कुछ ही देर में भाग गए। जयदीप खून में लथपथ देखा तो सभ दंग रह गए। इस बीच स्कूल स्टाफ भी बाहर आ गया। इसके बाद दोनों छात्रों को पीजीआई ले जाया गया।
विवाद की वजह जानने को हर कोई उत्सुक
स्कूल के बाहर छात्र की हत्या की सूचना से पूरे गांव में शौक की लहर दौड़ गई। यह खबर सुनते ही कोई घटना स्थल तो कोई पीजीआई की ओर दौड़ पड़ा। इस सारे मामले में देर शाम तक भी विवाद की वजह सामने नहीं आई। ऐसे में हर कोई इस झगड़े व हत्या की वजह जानने को उत्सुक नजर आया। चर्चा कई तरह की हैं, मगर कोई खुल कर नहीं बोल रहा है।

स्कूल में शनिवार को टेस्ट था। टेस्ट के बाद स्कूल की आधी छुट्टी में जयदीप बाहर गया था। वहीं उसकी किसी से कहासुनी हुई। यहां कुछ लड़कों ने उस पर चाकू से हमला बोल दिया। स्कूल स्टाफ को सूचना मिली तो सभी दौड़ते हुए बाहर गए। इस दौरान जयदीप लड़खड़ाता हुआ स्कूल की ओर दौड़ता नजर आया। वह बाहर ही सड़क गिर गया। उसे गंभीर हालत में स्कूल के शिक्षक सत्यपाल व संदीप पीजीआई लेकर पहुंचे। दूसरे छात्र दीपक को ग्रामीण ऑटो से पीजीआई लाए। छात्रों पर बाहरी युवकों ने हमला क्यों किया, इसकी जानकारी नहीं है। छात्रों में आपसी छोटी-मोटी कहासुनी होती रहती है। पहले कभी इस तरह की घटना सामने नहीं आई।

- यशवीर, प्राचार्य, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय।

स्कूली छात्रों में झगड़ा हुआ है। झगड़े में छात्र जयदीप की मौत हो गई। जबकि दूसरा छात्र दीपक घायल है। वारदात की वजह सामने नहीं आई है। पुलिस मामले की हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
- नारायण सिंह, डीएसपी।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed