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अस्सी प्रतिशत अंकों से पास कराने की गारंटी देता है मास्टर माइंड अजय

Thu, 09 Mar 2017 02:12 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक Updated Thu, 09 Mar 2017 02:12 AM IST
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बोहर के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में फर्जी शिक्षकों को भेजकर नकल करवाने का मास्टर माइंड बोहर का अजय है। अभी तक की पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि अजय दसवीं और बारहवीं के छात्रों को 80 प्रतिशत नंबरों से पास करवाने की गारंटी देकर फंसाता था। हालांकि, पुलिस रुपये के बारे में स्पष्ट नहीं बता रही है। वहीं, पुलिस ने गिरफ्तार चारों आरोपियों को बुधवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से चारों को एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।  
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एके डमी में लगा रखे हैं गारंटी से पास कराने के बोर्ड
पकड़े गये आरोपियों ने बताया कि उन्हें बोहर निवासी अजय ने स्कूल में ड्यूटी करने के लिए भेजा था। जांच अधिकारी एएसआई मंजीत ने बताया कि जब पुलिस ने अजय के बारे में छानबीन की तो पता चला कि उसकी शीला बाईपास पर एएस के नाम से एकेडमी है। यहां पर आरोपी ने कई बोर्ड लगा रखे हैं। बोर्ड पर लिखा है कि दसवीं व बारहवीं के छात्र 80 प्रतिशत नंबरों के साथ गारंटी से पास हों। जब पुलिस आरोपी की एकेडमी में पहुंची तो वहां ताला लगा था। अभी तक पुलिस को आरोपी के बारे में कुछ भी पता नहीं चला है।
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अब आरोपी के स्कूल शिक्षकों से भी होगी पूछताछ
पुलिस जांच में सामने आया है कि अजय का बोहर गांव में एक स्कूल भी है। हालांकि, अजय रोहतक में किराये के मकान में रहता है। जांच अधिकारी ने बताया कि अजय के स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षकों से भी पूछताछ की जाएगी, ताकि पता चल सके कि आरोपी के स्कूल से किस-किस शिक्षक की ड्यूटी परीक्षा में लगी है। इसके बाद पुलिस आगे की जांच शुरू करेगी। वहीं, पुलिस को अभी तक आरोपी का सही पता नहीं मिला है। इस बारे में उसके स्कूल के अध्यापकों से पूछताछ होगी। जांच अधिकारी ने बताया कि वीरवार को उन शिक्षकों को जांच में शामिल किया जाएगा, जिनके स्थान पर आरोपी युवक ड्यूटी दे रहे थे।
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भिवानी बोर्ड तक फैली हैं अजय की जड़ें  
पुलिस ने तेजी से मामले की जांच शुरू कर दी हैत। जल्द ही पुलिस की जांच भिवानी बोर्ड तक पहुंचेगी। बताया जा रहा है कि अजय के जड़ें भिवानी बोर्ड तक जमी हैं। इसी का फायदा उठाकर वह मनमर्जी से स्कूलों में फर्जी शिक्षकों की ड्यूटी लगवाकर नकल का कारोबार चलाता था। सच तक पहुंचने के लिए पुलिस उसके मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल निकलवाएगी। पुलिस का कहना है कि अभी तक मामले में केवल अजय का नाम सामने आ रहा है। उसकी गिरफ्तारी के बाद खुलासा होगा कि और कौन-कौन लोग मामले में शामिल हैं।
 
मास्टर माइंड की एकेडमी में शिक्षक था अमित
मामले में पकड़े गए चार फर्जी शिक्षकों में शामिल अमित कुछ समय पहले तक अजय की एकेडमी में पढ़ाता था। वह मैथ का शिक्षक था। हालांकि, कुछ दिनों से उसने एकेडमी में आना-जाना बंद कर रखा था। जरूरत होने पर अजय उसे पढ़ाने के लिए बुलाता था। पुलिस पूछताछ में अमित ने बताया कि उन्हें अजय ने ड्यूटी के लिए भेजा था, लेकिन इस तरह के फर्जीवाड़े के बारे मेें कुछ नहीं बताया था। पकड़े गये तीन अन्य आरोपी अमित के दोस्त हैं। उन्हें परीक्षा में ड्यूटी देने के लिए अमित ने राजी किया था। वह भी फर्जीवाड़े की सूचना होने से इनकार कर रहे हैं।
 
अन्य स्कूलों में भी अजय के फर्जी शिक्षकों की तलाश
मामला सामने आने के बाद पुलिस व शिक्षा बोर्ड के अधिकारियों ने अन्य स्कूलों में चेकिंग कड़ी कर दी है। पुलिस को अंदेशा है कि अजय ने अन्य स्कू लों में भी फर्जी तरीके से अपने गुर्गों को भेज रखा है। चारों आरोपियों से मामले में मास्टर माइंड अजय के ठिकानों व मामले में शामिल अन्य आरोपियों के बारे में पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों की निशानदेही पर कई जगह छापेमारी की गई, लेकिन कोई सफलता नहीं मिल सकी। संदीप प्राईवेट नौकरी करता है। कपिल और हरबीर बेरोजगार हैं। सभी नकल कराने के नाम पर रुपये लेते थे।

पहली बार सुपरवाइजर लगाए निजी शिक्षक, तभी फर्जीवाड़ा
सूत्रों के मुताबिक, भिवानी बोर्ड की ओर से पहली बार सरकारी स्कूलाें के शिक्षकों की ड्यूटी सुपरवाइजरों में नहीं लगाई गई है। इनकी जगह ज्यादातर निजी स्कूलों के शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। इनमें भी ऐसे निजी स्कूलों के शिक्षक लिए गए हैं जिनकी अपनी दुकानें हैं। ऐसे निजी स्कूल लाइम लाइट में कम रहते हैं। इसके अलावा, जिन सरकारी व एडिड स्कूलों में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, वहां संबंधित स्कूलों के विद्यार्थी हैं तो निजी स्कूलों के शिक्षक बतौर सुपरवाइजर ड्यूटी करेंगे।


वहीं, जिन परीक्षा केंद्रों पर संबंधित स्कूलाें के विद्यार्थी न होकर दूसरे स्कूलों के विद्यार्थी हैं, उनमें उसी स्कूल के स्टाफ की सुपरवाइजर में ड्यूटी लगाई गई है।
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