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एटीएम संशोधित
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रोहतक। एटीएम कार्ड बदलकर रुपये निकालने वाले गिरोह के सदस्यों ने ठगी करने के लिए जिला स्तर पर क्षेत्र बांटे हुए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि बदमाशों के क्षेत्र पुलिस के कार्य क्षेत्र की तरह ही हैं। खास बात यह कि यदि कोई अपने क्षेत्र से हटकर दूसरे के क्षेत्र में वारदात को अंजाम देता है तो उस पर पांच हजार का जुर्माना लगाया जाता है। जिले के विभिन्न स्थानों पर एटीएम कार्ड बदलकर उपभोक्ताओं के बैंक अकाउंट से रुपये निकालने के मामले में पकड़े गए गिरोह के सरगना ने पुलिस की पूछताछ में ये खुलासे किए हैं।
सीआईए-1 ने दिल्ली के सुल्तानपुर में छापेमारी कर हांसी के मसूदपुर गांव निवासी गिरोह के सरगना प्रवीण को दबोच लिया। आरोपी ने 19 दिसंबर 2017 को बिहार के मुंगेर के रहने वाले गणेश का खेड़ी साध के पीएनबी एटीएम में कार्ड बदलकर उसके अकाउंट से छह लाख रुपये निकाल लिए थे। गणेश की शिकायत पर पुलिस ने सांपला थाने पर केस दर्ज किया था। इसके अलावा आरोपी ने कई वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। इसके अलावा पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने कई और खुलासे भी किए हैं।
आरोपी ने बताया कि हरियाणा के रोहतक के अलावा भिवानी, पानीपत, सोनीपत, कैथल, फतेहाबाद के अलावा दिल्ली के सरोजनी नगर, राजीव चौक, यूपी के मेरठ, बागपत बुलंदशहर, बिजनौर के लोगों का गिरोह अपने-अपने क्षेत्र में एटीएम बदलकर रुपये निकालने की वारदात को अंजाम दे रहा है। गिरोह में 20 से अधिक सदस्य शामिल बताए गए हैं। एक गिरोह का सदस्य एक जिले में अकेला ही वारदात को अंजाम देता है। इसके लिए सभी को क्षेत्र का बंटवारा किया गया है। बता दें कि एक दफा दो गिरोह के सदस्यों ने यूपी में एक-दूसरे के क्षेत्र में वारदात को अंजाम दे दिया था पता लगने पर दोनों पर पांच-पांच हजार का जुर्माना लगाया गया था। सीआईए-1 ने जल्द फरार गिरोह के सदस्यों को भी पकड़ने का दावा किया है।
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गिरोह के फरार सदस्यों की तलाश में दबिश दी जा रही है। जल्द ही आसपास के प्रदेशों की पुलिस की सहायता से गिरोह पर पूरी तरह से शिकंजा कसा जाएगा। - जशनदीप सिंह रंधावा, एसपी , रोहतक
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गिरोह में ग्रेजुएट भी शामिल
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया है कि गिरोह में ग्रेजुएट भी शामिल हैं। वारदात से पूर्व गिरोह के सदस्य किसी भी एटीएम बूथ के बाहर जाकर खड़े हो जाते हैं। मोबाइल में लगे रहते हैं। जैसे ही उपभोक्ता एटीएम बूथ के अंदर घुसता है तो उसके पीछे पीछे अंदर घुस जाते हैं। बुजुर्ग और अधेड़ के साथ गिरोह सबसे अधिक वारदात करता है।
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जेल से छूटकर फिर से वारदात को अंजाम देना शुरू कर देते हैं
पुलिस की जांच में सामने आया है कि गिरोह के सदस्यों को यदि पुलिस पकड़ भी लेती है तो जमानत पर छूटने के बाद फिर से गिरोह वारदात को अंजाम देना शुरू कर देता है। दिन में ही वारदात को अंजाम दिया जाता है। यदि गिरोह का सदस्य दूसरे का सहयोग मांगता है तो उसे भी कमीशन के रूप में चार से पांच हजार रुपये दिए जाते हैं।
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सीआईए-1 ने दिल्ली के सुल्तानपुर में छापेमारी कर हांसी के मसूदपुर गांव निवासी गिरोह के सरगना प्रवीण को दबोच लिया। आरोपी ने 19 दिसंबर 2017 को बिहार के मुंगेर के रहने वाले गणेश का खेड़ी साध के पीएनबी एटीएम में कार्ड बदलकर उसके अकाउंट से छह लाख रुपये निकाल लिए थे। गणेश की शिकायत पर पुलिस ने सांपला थाने पर केस दर्ज किया था। इसके अलावा आरोपी ने कई वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। इसके अलावा पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने कई और खुलासे भी किए हैं।
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आरोपी ने बताया कि हरियाणा के रोहतक के अलावा भिवानी, पानीपत, सोनीपत, कैथल, फतेहाबाद के अलावा दिल्ली के सरोजनी नगर, राजीव चौक, यूपी के मेरठ, बागपत बुलंदशहर, बिजनौर के लोगों का गिरोह अपने-अपने क्षेत्र में एटीएम बदलकर रुपये निकालने की वारदात को अंजाम दे रहा है। गिरोह में 20 से अधिक सदस्य शामिल बताए गए हैं। एक गिरोह का सदस्य एक जिले में अकेला ही वारदात को अंजाम देता है। इसके लिए सभी को क्षेत्र का बंटवारा किया गया है। बता दें कि एक दफा दो गिरोह के सदस्यों ने यूपी में एक-दूसरे के क्षेत्र में वारदात को अंजाम दे दिया था पता लगने पर दोनों पर पांच-पांच हजार का जुर्माना लगाया गया था। सीआईए-1 ने जल्द फरार गिरोह के सदस्यों को भी पकड़ने का दावा किया है।
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गिरोह के फरार सदस्यों की तलाश में दबिश दी जा रही है। जल्द ही आसपास के प्रदेशों की पुलिस की सहायता से गिरोह पर पूरी तरह से शिकंजा कसा जाएगा। - जशनदीप सिंह रंधावा, एसपी , रोहतक
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गिरोह में ग्रेजुएट भी शामिल
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया है कि गिरोह में ग्रेजुएट भी शामिल हैं। वारदात से पूर्व गिरोह के सदस्य किसी भी एटीएम बूथ के बाहर जाकर खड़े हो जाते हैं। मोबाइल में लगे रहते हैं। जैसे ही उपभोक्ता एटीएम बूथ के अंदर घुसता है तो उसके पीछे पीछे अंदर घुस जाते हैं। बुजुर्ग और अधेड़ के साथ गिरोह सबसे अधिक वारदात करता है।
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जेल से छूटकर फिर से वारदात को अंजाम देना शुरू कर देते हैं
पुलिस की जांच में सामने आया है कि गिरोह के सदस्यों को यदि पुलिस पकड़ भी लेती है तो जमानत पर छूटने के बाद फिर से गिरोह वारदात को अंजाम देना शुरू कर देता है। दिन में ही वारदात को अंजाम दिया जाता है। यदि गिरोह का सदस्य दूसरे का सहयोग मांगता है तो उसे भी कमीशन के रूप में चार से पांच हजार रुपये दिए जाते हैं।