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फर्जी कागजात पर कर्मचारी को प्रमोशन लेना पड़ा भारी
Updated Sat, 02 Dec 2017 03:02 AM IST
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चीफ स्टोर अधिकारी से बनाया स्टोर कीपर
- फर्जी कागजात पर कर्मचारी को प्रमोशन लेना पड़ा भारी
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय में एक कर्मचारी को फर्जी कागजात के नाम पर प्रमोशन लेना भारी पड़ गया। संस्थान ने चीफ स्टोर अधिकारी को डिमोट करते हुए स्टोर कीपर बना दिया है। माना जा रहा है संस्थान जल्द ही कर्मचारी पर कानूनी कार्रवाई करने की भी तैयारी में है।
पीजीआई प्रशासन ने वजीर सिंह दलाल चीफ स्टोर अधिकारी को वापस स्टोर कीपर बना दिया है। इसकी वजह मानी जा रही है कि उन्होंने झूठे डिप्लोमा के कागज पेश कर प्रमोशन ले ली थी। इस संबंध में लंबे समय से जांच चल रही थी। सूत्रों का दावा है कि उक्त कर्मचारी ने कागजों में काफी हेरफेर की, जिसका खामियाजा अब उसे भुगतना पड़ रहा है। उक्त कर्मचारी ने कुछ अधिकारियों से सांठगांठ कर कागजों में खूब हेराफेरी की। कर्मचारी को जिस वर्ष में डिप्लोमा करने की अनुमति दी गई थी वह उसके कागज नहीं पेश कर सका। कर्मचारी ने उस समय के कागज पेश किए जब वह संस्थान ही मान्य नहीं था। इसका खुलासा जांच के बाद हुआ, लेकिन प्रबंधन ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की और मामले को लटकाए रखा। अब कर्मचारी की जब अगले माह सेवानिवृत्ति होनी है तब उस पर कार्रवाई की गई है।
बोले अधिकारी
यह जांच मैने की थी, कर्मचारी के कागजात फर्जी पाए गए थे। इस आधार पर उसे अयोग्य करार दिया गया था। इसी मामले में एक अन्य कर्मचारी इस पद के योग्य था, लेकिन उसे अयोग्य करार कर दिया गया। जबकि विज्ञापन के अनुसार वह सही था। इस मामले में कर्मचारी के साथ इसमें शामिल अधिकारियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। हैरानी की बात है कि कर्मचारी चीफ सब आफिसर के लिए आवेदन कर रहा था, लेकिन जब आरटीआई के तहत उसके कागज किसी ने मांगे तो उसने आपने कागज वापस ले लिए।
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- डॉ. आर.बी. सिंह, पूर्व विजिलेंस अधिकारी, पीजीआईएमएस
बोले अधिकारी
कागजों में गड़बड़ी के चलते चीफ स्टोर अधिकारी को डिमोट किया गया है। इस मामले में आगे भी कार्रवाई जारी है, जो नियमानुसार होगा वह कार्रवाई आगे भी अमल में लाई जाएगी।
- डॉ. प्रशांत, प्रोफेसर इंचार्ज, पीआर विभाग, हेल्थ विश्वविद्यालय
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- फर्जी कागजात पर कर्मचारी को प्रमोशन लेना पड़ा भारी
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय में एक कर्मचारी को फर्जी कागजात के नाम पर प्रमोशन लेना भारी पड़ गया। संस्थान ने चीफ स्टोर अधिकारी को डिमोट करते हुए स्टोर कीपर बना दिया है। माना जा रहा है संस्थान जल्द ही कर्मचारी पर कानूनी कार्रवाई करने की भी तैयारी में है।
पीजीआई प्रशासन ने वजीर सिंह दलाल चीफ स्टोर अधिकारी को वापस स्टोर कीपर बना दिया है। इसकी वजह मानी जा रही है कि उन्होंने झूठे डिप्लोमा के कागज पेश कर प्रमोशन ले ली थी। इस संबंध में लंबे समय से जांच चल रही थी। सूत्रों का दावा है कि उक्त कर्मचारी ने कागजों में काफी हेरफेर की, जिसका खामियाजा अब उसे भुगतना पड़ रहा है। उक्त कर्मचारी ने कुछ अधिकारियों से सांठगांठ कर कागजों में खूब हेराफेरी की। कर्मचारी को जिस वर्ष में डिप्लोमा करने की अनुमति दी गई थी वह उसके कागज नहीं पेश कर सका। कर्मचारी ने उस समय के कागज पेश किए जब वह संस्थान ही मान्य नहीं था। इसका खुलासा जांच के बाद हुआ, लेकिन प्रबंधन ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की और मामले को लटकाए रखा। अब कर्मचारी की जब अगले माह सेवानिवृत्ति होनी है तब उस पर कार्रवाई की गई है।
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बोले अधिकारी
यह जांच मैने की थी, कर्मचारी के कागजात फर्जी पाए गए थे। इस आधार पर उसे अयोग्य करार दिया गया था। इसी मामले में एक अन्य कर्मचारी इस पद के योग्य था, लेकिन उसे अयोग्य करार कर दिया गया। जबकि विज्ञापन के अनुसार वह सही था। इस मामले में कर्मचारी के साथ इसमें शामिल अधिकारियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। हैरानी की बात है कि कर्मचारी चीफ सब आफिसर के लिए आवेदन कर रहा था, लेकिन जब आरटीआई के तहत उसके कागज किसी ने मांगे तो उसने आपने कागज वापस ले लिए।
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- डॉ. आर.बी. सिंह, पूर्व विजिलेंस अधिकारी, पीजीआईएमएस
बोले अधिकारी
कागजों में गड़बड़ी के चलते चीफ स्टोर अधिकारी को डिमोट किया गया है। इस मामले में आगे भी कार्रवाई जारी है, जो नियमानुसार होगा वह कार्रवाई आगे भी अमल में लाई जाएगी।
- डॉ. प्रशांत, प्रोफेसर इंचार्ज, पीआर विभाग, हेल्थ विश्वविद्यालय