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सूचना के बाद भी हो गया गर्भपात, शिकायतकर्ता पर बनाया जा रहा दबाव

Wed, 30 May 2018 02:52 AM IST
Updated Wed, 30 May 2018 02:52 AM IST
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सूचना के बाद भी हो गया गर्भपात, शिकायतकर्ता पर बनाया जा रहा दबाव
सूचना के बाद भी हो गया गर्भपात, शिकायतकर्ता पर बनाया जा रहा दबाव
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- सोनीपत में कन्या भ्रूण होने पर गर्भपात कराने जाने की रोहतक से दी गई थी पक्की सूचना
- सिविल सर्जन का दावा, हमारी टीम तैयार थी, कोई आया ही नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
प्रदेश में एक ओर लिंगानुपात सुधारने के लिए बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान चलाया जा रहा है तो दूसरी ओर बेटियों को गर्भ में ही मारा जा रहा है। यह हाल भी तब है, जब स्वास्थ्य विभाग को इस बारे में पक्की सूचना मिल रही है। कुछ इसी तरह का मामला मंगलवार को सोनीपत में सामने आया। रोहतक से सोनीपत सिविल सर्जन को गर्भपात की सूचना मिलने के बाद भी कार्रवाई नहीं हो पाई। जबकि दिखावे के नाम पर स्वास्थ्य विभाग दूसरे राज्यों में छापे मार कर भ्रूण लिंग जांच के मामले पकड़ रहा है।
सोनीपत में किराए पर रह रहे यूपी के एक परिवार के बारे में मंगलवार को किसी ने स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी। रोहतक से सिविल सर्जन सोनीपत के पास यह सूचना पहुंची। सूचना देने वाले ने कहा कि एक गर्भवती महिला गर्भपात कराने जा रही है। लिंग जांच में गर्भ में पल रहा भ्रूण लड़की का पाया गया। यह भ्रूण चार महीने से अधिक का बताया गया है। यही नहीं सूचना देने वाले ने गर्भपात कराने वाली महिला के परिजनों का मोबाइल नंबर तक दिया। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग हाथ पर हाथ धरे बैठा रहा। शाम को गर्भवती महिला गर्भपात करा कर घर पहुंची तो मामला मीडिया तक पहुंचा। सूचना देने वाले ने विभाग की कार्यप्रणाली व मंशा पर सवालिया निशान लगाते हुए सारे मामले से अगवत कराया। मीडिया का फोन जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सूचना देने वाले पर ही दबाव बनाना शुरू कर दिया। इसके बाद में मामला दबाने के लिए भ्रूण दो महीने का बताया गया।
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2 छापे हर महीने मार रही रोहतक टीम
कन्या भ्रूण हत्या पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने एक लाख रुपये का इनाम रखा है। सूचना देने वाले को रेड सफल होने पर यह राशि प्रोत्साहन स्वरूप दी जानी होती है। इसके अलावा विभाग भी समय-समय पर छापे मार कर कन्या भ्रूण लिंग जांच के केस पकड़ रहा है। अकेले रोहतक जिले की टीम हर महीने औसतन दो छापे मार रही है। ये छापे भी रोहतक ही नहीं प्रदेश से बाहर के होते हैं। इसमें दिल्ली व यूपी मुख्य हैं।
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2 महीने तक करा सकते हैं गर्भपात
रोहतक से सूचना मिली थी। इसमें सूचना देने वाले ने एक महिला के गर्भपात कराए जाने की बात कही थी। इस मामले से जुड़ी पूरी जानकारी विभाग के पास नहीं थी। विभाग को गलत मैसेज मिला। महिला दो महीने की गर्भवती थी। इस समय तक गर्भपात कराया जा सकता है। चार महीने से ज्यादा के शिशु का गर्भपात कराने सरीखा कुछ नहीं मिला। हमारे पास न तो किसी फोन नंबर था और न ही गर्भपात कराने वालों की लोकेशन। यहां रोहतक टीम भी नहीं आई।
डॉ. अनीता कौशिक, एसएमओ, सोनीपत।
वर्जन :
गर्भपात को लेकर सूचना मिली थी। इसके बाद हमारी टीम तैयार थी, मगर गर्भपात कराने कोई नहीं आया। इस बारे में डॉ. अनीता ज्यादा बता सकती हैं।
डॉ. जेएस पूनिया, सिविल सर्जन, सोनीपत।
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