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फोगिंग हुई न सफाई, डेंगू-मलेरिया से कौन बचाएगा भाई
Updated Tue, 04 Jul 2017 01:20 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
कई दिनों तक लगातार हुई बरसात ने बेशक गर्मी से राहत प्रदान की हो, लेकिन शहरवासियों को इसी बरसात का पानी परेशानी दे सकता है। क्योंकि शहर में जलभराव और पटरी से उतरी सफाई व्यवस्था के कारण डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियां आपको घेर सकती है। बरसात के बाद अधिकतर वार्डों में फैली गंदगी एवं जलभराव से पूरा शहर डेंगू एवं मलेरिया की जद में है। लोगों के स्वास्थ्य को बचाने के लिए न तो स्वास्थ्य विभाग और न ही नगर परिषद के पास कोई योजना है। अभी तक न तो स्वास्थ्य विभाग ने कहीं पर फोगिंग करवाई है और न ही नगर परिषद जलभराव-सफाई व्यवस्था को लेकर गंभीर है। ऐसे में शहरवासियों के मौसम जनित बीमारियों की चपेट में आने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। बरसाती मौसम शुरू होते ही शहर के नागरिक अस्पताल में मलेरिया एवं डेंगू के संभावित मरीजों के पहुंचने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। हालांकि अभी तक अस्पताल में आए केसों में कोई भी पोजिटिव केस नहीं आया है। लेकिन संभावित मरीजों की संख्या बढ़ना चिंता का विषय जरूर है।
अगले सात दिन सबसे ज्यादा खतरनाक
डॉक्टरों के अनुसार बरसात के बाद शहर की गलियों एवं अन्य जगहों पर रुके हुुए पानी में मच्छर पनप रहे हैं। इन मच्छरों के अंडे से भारी संख्या में मच्छर तैयार हो जाएंगे। ऐसे में शहर के लोग डेंगू-मलेरिया के साथ वायरल जैसे खतरनाक बुखार की चपेट में आ सकते हैं। जानकारों का मानना है कि यदि जल्द ही शहर में गंदगी एवं रुके हुए दूषित पानी की सफाई नहीं की गई तो हालात बदतर हो सकते हैं। खास तौर पर अगले सात दिन ज्यादा खतरनाक है।
नागरिक अस्पताल में आ रहे हर दिन 10 से 12 केस
नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 10-12 आशंकित डेंगू-मलेरिया के केस पहुंचने शुरू हो गए हैं। ओपीडी में आए मरीजों में ज्यादा लक्षण पाए जाने पर एक डेंगू के संभावित मरीज का एलाइजा टेस्ट कराया गया। हालांकि रिपोर्ट नेगेटिव आई। लेकिन डॉक्टरों का मानना है कि चांदावास निवासी उक्त मरीज निजी अस्पताल में उपचार ले चुका था। हो सकता है कि यहां तक पहुंचने मेें मरीज ठीक हो गया हो। इसी के साथ नागरिक अस्पताल में एक चिकनगुनिया के आशंकित मरीज का उपचार भी चल रहा है।
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सार्वजनिक स्थलों पर सबसे ज्यादा खतरा
बरसात के चलते पार्कों के फव्वारे तो बंद पड़े हैं। लेकिन यहां पर बरसात का रुका पानी बीमारियों को न्यौता दे रहा है। शहर के सबसे बड़े रेजांगला पार्क में रुके पानी में भी मच्छर अंडे दे रहे हैं। इसके अलावा शहर के नागरिक अस्पताल के पास, अंबेडकर चौक के पास, सेक्टर-1 का पार्क एवं शहर की अन्य कॉलोनियों में गंदगी एवं पानी भरा हुआ है। लेकिन किसी के पास इन जगहों की सुध लेने का समय नहीं है।
सफाई एवं क्लोरीन का छिड़काव जरूरी
बरसात का मौसम होने के बावजूद प्रशासन के पास न तो सफाई का कोई प्लान है और न ही स्वास्थ्य विभाग के पास फोगिंग की कोई व्यवस्था है। नागरिक अस्पताल में सीएमओ के जाने के बाद व्यवस्था बेपटरी होती दिखाई दे रही है। पहले बरसात होते ही स्वास्थ्य विभाग की ओर से फोगिंग शुरू कर दी जाती थी। लेकिन नागरिक अस्पताल के पास इस बार कोई नोडल अधिकारी तक नही है। जानकारों का मानना है कि स्वास्थ्य विभाग को फोगिंग एवं सफाई के साथ जलभराव वाले स्थानों पर क्लोरीन का छिड़काव कराना जरूरी है। ताकि मच्छरों के प्रजनन को रोका जा सके।
नौनिहाल की देखभाल जरूरी
चिकित्सकों का मानना है कि बरसाती मौसम में बच्चों में दस्त जैसी बीमारियां होने के साथ मच्छरों के काटने मलेरिया एवं डेंगू होने का सबसे ज्यादा खतरा बना रहता है। इसलिए परिजनों को नौनिहालों के तन पर पूरे कपड़ों के साथ खानपान का ध्यान रखना जरूरी है।
नागरिक अस्पताल में मलेरिया एवं डेंगू के संभावित मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। जिस तरह से शहर में मच्छरों का प्रजनन हो रहा है। उससे आने वाले एक सप्ताह के अंदर मौसम जनित बीमारियों के मरीजों की संख्या में और ज्यादा वृद्धि हो जाएगी। अभी तक एक डेंगू-मलेरिया का संभावित केस आ चुका है। टेस्ट के बाद रिपोर्ट नेगेटिव आई है। -डॉ. विजयपाल यादव, वरिष्ठ फिजीशियन, नागरिक अस्पताल रेवाड़ी
पूरे शहर मेें जल्द ही फोगिंग कराने का प्लान तैयार किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर है। लोगों के स्वास्थ्य सुधार के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। -डॉ. सुदर्शन पंवार, कार्यकारी सिविल सर्जन, रेवाड़ी।
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रेवाड़ी।
कई दिनों तक लगातार हुई बरसात ने बेशक गर्मी से राहत प्रदान की हो, लेकिन शहरवासियों को इसी बरसात का पानी परेशानी दे सकता है। क्योंकि शहर में जलभराव और पटरी से उतरी सफाई व्यवस्था के कारण डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियां आपको घेर सकती है। बरसात के बाद अधिकतर वार्डों में फैली गंदगी एवं जलभराव से पूरा शहर डेंगू एवं मलेरिया की जद में है। लोगों के स्वास्थ्य को बचाने के लिए न तो स्वास्थ्य विभाग और न ही नगर परिषद के पास कोई योजना है। अभी तक न तो स्वास्थ्य विभाग ने कहीं पर फोगिंग करवाई है और न ही नगर परिषद जलभराव-सफाई व्यवस्था को लेकर गंभीर है। ऐसे में शहरवासियों के मौसम जनित बीमारियों की चपेट में आने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। बरसाती मौसम शुरू होते ही शहर के नागरिक अस्पताल में मलेरिया एवं डेंगू के संभावित मरीजों के पहुंचने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। हालांकि अभी तक अस्पताल में आए केसों में कोई भी पोजिटिव केस नहीं आया है। लेकिन संभावित मरीजों की संख्या बढ़ना चिंता का विषय जरूर है।
अगले सात दिन सबसे ज्यादा खतरनाक
डॉक्टरों के अनुसार बरसात के बाद शहर की गलियों एवं अन्य जगहों पर रुके हुुए पानी में मच्छर पनप रहे हैं। इन मच्छरों के अंडे से भारी संख्या में मच्छर तैयार हो जाएंगे। ऐसे में शहर के लोग डेंगू-मलेरिया के साथ वायरल जैसे खतरनाक बुखार की चपेट में आ सकते हैं। जानकारों का मानना है कि यदि जल्द ही शहर में गंदगी एवं रुके हुए दूषित पानी की सफाई नहीं की गई तो हालात बदतर हो सकते हैं। खास तौर पर अगले सात दिन ज्यादा खतरनाक है।
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नागरिक अस्पताल में आ रहे हर दिन 10 से 12 केस
नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 10-12 आशंकित डेंगू-मलेरिया के केस पहुंचने शुरू हो गए हैं। ओपीडी में आए मरीजों में ज्यादा लक्षण पाए जाने पर एक डेंगू के संभावित मरीज का एलाइजा टेस्ट कराया गया। हालांकि रिपोर्ट नेगेटिव आई। लेकिन डॉक्टरों का मानना है कि चांदावास निवासी उक्त मरीज निजी अस्पताल में उपचार ले चुका था। हो सकता है कि यहां तक पहुंचने मेें मरीज ठीक हो गया हो। इसी के साथ नागरिक अस्पताल में एक चिकनगुनिया के आशंकित मरीज का उपचार भी चल रहा है।
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सार्वजनिक स्थलों पर सबसे ज्यादा खतरा
बरसात के चलते पार्कों के फव्वारे तो बंद पड़े हैं। लेकिन यहां पर बरसात का रुका पानी बीमारियों को न्यौता दे रहा है। शहर के सबसे बड़े रेजांगला पार्क में रुके पानी में भी मच्छर अंडे दे रहे हैं। इसके अलावा शहर के नागरिक अस्पताल के पास, अंबेडकर चौक के पास, सेक्टर-1 का पार्क एवं शहर की अन्य कॉलोनियों में गंदगी एवं पानी भरा हुआ है। लेकिन किसी के पास इन जगहों की सुध लेने का समय नहीं है।
सफाई एवं क्लोरीन का छिड़काव जरूरी
बरसात का मौसम होने के बावजूद प्रशासन के पास न तो सफाई का कोई प्लान है और न ही स्वास्थ्य विभाग के पास फोगिंग की कोई व्यवस्था है। नागरिक अस्पताल में सीएमओ के जाने के बाद व्यवस्था बेपटरी होती दिखाई दे रही है। पहले बरसात होते ही स्वास्थ्य विभाग की ओर से फोगिंग शुरू कर दी जाती थी। लेकिन नागरिक अस्पताल के पास इस बार कोई नोडल अधिकारी तक नही है। जानकारों का मानना है कि स्वास्थ्य विभाग को फोगिंग एवं सफाई के साथ जलभराव वाले स्थानों पर क्लोरीन का छिड़काव कराना जरूरी है। ताकि मच्छरों के प्रजनन को रोका जा सके।
नौनिहाल की देखभाल जरूरी
चिकित्सकों का मानना है कि बरसाती मौसम में बच्चों में दस्त जैसी बीमारियां होने के साथ मच्छरों के काटने मलेरिया एवं डेंगू होने का सबसे ज्यादा खतरा बना रहता है। इसलिए परिजनों को नौनिहालों के तन पर पूरे कपड़ों के साथ खानपान का ध्यान रखना जरूरी है।
नागरिक अस्पताल में मलेरिया एवं डेंगू के संभावित मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। जिस तरह से शहर में मच्छरों का प्रजनन हो रहा है। उससे आने वाले एक सप्ताह के अंदर मौसम जनित बीमारियों के मरीजों की संख्या में और ज्यादा वृद्धि हो जाएगी। अभी तक एक डेंगू-मलेरिया का संभावित केस आ चुका है। टेस्ट के बाद रिपोर्ट नेगेटिव आई है। -डॉ. विजयपाल यादव, वरिष्ठ फिजीशियन, नागरिक अस्पताल रेवाड़ी
पूरे शहर मेें जल्द ही फोगिंग कराने का प्लान तैयार किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर है। लोगों के स्वास्थ्य सुधार के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। -डॉ. सुदर्शन पंवार, कार्यकारी सिविल सर्जन, रेवाड़ी।