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बहादुरगढ़
Updated Sat, 18 Aug 2018 02:32 AM IST
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बालगृह की दीवार फांदकर भागी चार किशोरियां, तीन रोहतक की
-एक किशोरी मिली सोनीपत से, तीन को फरीदाबाद रेलवे स्टेशन से बरामद किया गया
-चौकीदार और गृह स्टाफ के चार सदस्यों की लापरवाही आ रही सामने
-बाल संरक्षण आयोग ने किया तलब
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक, बहादुरगढ़। सेक्टर-छह स्थित उमंग बालगृह से वीरवार रात दीवार फांदकर चार किशोरियां फरार हो गईं। इसमें तीन रोहतक की हैं। सुबह जब चारों नहीं मिली तो प्रबंधन में हड़कंप मच गया। शुक्रवार को पुलिस ने केस दर्ज कर चारों की तलाश शुरू की। एक किशोरी को सोनीपत से बरामद कर लिया गया। वहीं अन्य तीनों को फरीदाबाद रेलवे स्टेशन से ढूढ़ निकाला गया। इस मामले में बालगृह के चौकीदार व अन्य चार कर्मियों की लापरवाही मानी जा रही है। बाल संरक्षण आयोग ने भी स्टाफ से जवाब मांगा है। फरार होने वाली किशोरियों की उम्र 15 से 17 साल है।
इस बालगृह में कुल 26 बच्चे हैं। फिलहाल यहां एक कमरे का निर्माण चल रहा है। वैसे तो चारों तरफ की दीवारें ऊंची हैं और उनके ऊपर कंटीली तार लगी हैं, लेकिन निर्माण के चलते कुछ हिस्से से तार हटा दी गईं। कमरे के चारों तरफ की दीवारें तो बन चुकी हैं। अभी छत बननी बाकी है। बाहर की दीवार के साथ सीढ़ी लगी थीं। इसे वहीं पर छोड़ा गया था। बड़ी लापरवाही यह भी रही। इसी को देखकर यहां रह रही चार किशोरियों ने एक साथ बाहर निकलने की योजना बनाई। रात को खाना खाने के बाद सब सो गए तो ये बाहर निकलीं। माना जा रहा है कि सीढ़ी से दीवार पर चढ़ीं और फिर दीवार के साथ लगे रोड़ियों के ढेर पर कूद गईं। सुबह जब बाकी बच्चों के साथ चारों किशोरियां नहीं दिखीं तो स्टाफ में हड़कंप मच गया। संबंधित अधिकारियों को सूचित किया गया। इस पर तुरंत जिला बाल कल्याण अधिकारी सुरेखा हुड्डा, जिला बाल संरक्षण अधिकारी लतिका दहिया के अलावा बाल कल्याण कमेटी सदस्या स्नेहलता यहां पहुंचीं। पुलिस को सूचना दी गई। बालगृह में पहुंचकर पुलिस ने जांच शुरू की। आसपास के जिलों की पुलिस को भी सूचना दी गई। कुछ घंटों बाद पुलिस ने एक किशोरी को सोनीपत से और अन्य तीन को फरीदाबाद से बरामद किया गया।
रोहतक से आई थीं तीन किशोरियां
फरार होने वाली किशोरियों में तीन रोहतक की हैं। दो किशोरियां करीब दो महीने पहले यहां आईं थीं। एक छह महीने पहले आई थी। अहम बात तो यह है कि रोहतक से आईं तीन किशोरियों के अलावा जो एक किशोरी करीब चार साल से यहां रह रही थी वो भी उनके साथ फरार हो गई।
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सो रहा था चौकीदार, अधिकारी ने मांगा जवाब
बताया गया कि बाल गृह का चौकीदार रात में सो रहा था। इसी कारण किशोरियों को निकलने का मौका मिला। दीवार के साथ सीढ़ी थी। यदि चौकीदार न सोता तो शायद यह घटना भी न होती। बाल गृह से चार किशोरियों के फरार होने की घटना को बाल संरक्षण आयोग ने भी बेहद गंभीरता से लिया है। इस घटना के बाद जिला बाल कल्याण अधिकारी सुरेखा हुड्डा ने बाल गृह के पूरे स्टाफ से जवाब मांगा है। इसके अलावा अधीक्षक और अन्य स्टाफ सदस्यों से भी जवाब मांगा गया है कि उस वक्त वे क्या कर रहे थे।
भागने के कारण स्पष्ट नहीं
किशोरियों के इस तरह से रात में फरार होने की वजह अभी स्पष्ट नही हो पाई। हालांकि, जो किशोरी सबसे पहले बरामद हुई, उसके हवाले से पुलिस ने बताया कि उनका यहां मन नहीं लग रहा था इसीलिए फरार हो गई।
नौकरी करने की बात कहती थीं
उधर, जब बालगृह के बच्चों से अधिकारियों ने पूछा तो उन्होंने बताया कि चारों आपस में यहां से निकलने और बाहर जाकर नौकरी करने की बात कहती थीं। ऐसे में अधिकारियों का कहना है कि जब तक चारों से पूछताछ नहीं होती और उनकी काउंसिलिंग नहीं होती, तब तक यह स्पष्ट तौर पर नहीं कहा जा सकता कि उनके मन में क्या चल रहा था।
पहले तीन बार फरार हो चुके हैं बच्चे
बहादुरगढ़ के इस बाल गृह से पहले भी तीन बार बच्चे फरार हो चुके हैं। इस साल की शुरुआत में ही झज्जर निवासी एक किशोरी यहां से दीवार फांदकर फरार हो गई थी। वर्ष 2015 में एक बार पांच तो दूसरी बार तीन बच्चे यहां से निकल गए थे। तीनों ही घटनाओं में बच्चों ने मन न लगने की बात सामने आई थी।
वर्जन:::::
बहादुरगढ़ के सेक्टर-छह स्थित उमंग बालगृह से चार बच्चियों के भागने की सूचना मिली थी। जिनमें से एक को सोनीपत से बरामद कर लिया गया। जैसे ही मामला संज्ञान में आया तुरंत ही रेलवे, हरियाणा पुलिस को सतर्क किया गया। जो भी अनियमितताएं रही हैं, जांच के बाद कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-बालकृष्ण गोयल, सदस्य, हरियाणा बाल अधिकार संरक्षण आयोग
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इस बारे में सूचना मिलते ही पुलिस को खबर दी गई। पुलिस ने तुरंत एफआईआर दर्ज कर उनकी तलाश शुरू की। तीनों को बरामद कर लिया गया।
-सुरेखा हुड्डा, जिला बाल कल्याण अधिकारी, झज्जर
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कई दिन से भागने के प्रयास में थीं बच्चियां
रोहतक। हरियाणा बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य बालकृष्ण गोयल ने बताया कि सोनीपत से बरामद बच्ची ने पूछताछ में बताया कि वह कई दिन से बालगृह से भागने के प्रयास में थी। दो बार पूर्व में भी उन्होंने भागने का प्रयास किया था, मगर सफल नहीं हो सकी थीं।
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बाहर का ताला कर दिया बंद
रोहतक। सोनीपत से बरामद बच्ची ने बताया कि भागने के बाद उन्होंने बालगृह के दरवाजे का ताला बाहर से बंद कर दिया था। ताकि उनके भागने के बाद उन्हें कोई पकड़ न सके। बाद में ताला तोड़कर किसी तरह दरवाजा खोला गया था।
--फोटो 15 ऱ् यहां से कूदकर भागी किशोरियां
---फोटो 16 ऱ् उमंग बालगृह।
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-एक किशोरी मिली सोनीपत से, तीन को फरीदाबाद रेलवे स्टेशन से बरामद किया गया
-चौकीदार और गृह स्टाफ के चार सदस्यों की लापरवाही आ रही सामने
-बाल संरक्षण आयोग ने किया तलब
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक, बहादुरगढ़। सेक्टर-छह स्थित उमंग बालगृह से वीरवार रात दीवार फांदकर चार किशोरियां फरार हो गईं। इसमें तीन रोहतक की हैं। सुबह जब चारों नहीं मिली तो प्रबंधन में हड़कंप मच गया। शुक्रवार को पुलिस ने केस दर्ज कर चारों की तलाश शुरू की। एक किशोरी को सोनीपत से बरामद कर लिया गया। वहीं अन्य तीनों को फरीदाबाद रेलवे स्टेशन से ढूढ़ निकाला गया। इस मामले में बालगृह के चौकीदार व अन्य चार कर्मियों की लापरवाही मानी जा रही है। बाल संरक्षण आयोग ने भी स्टाफ से जवाब मांगा है। फरार होने वाली किशोरियों की उम्र 15 से 17 साल है।
इस बालगृह में कुल 26 बच्चे हैं। फिलहाल यहां एक कमरे का निर्माण चल रहा है। वैसे तो चारों तरफ की दीवारें ऊंची हैं और उनके ऊपर कंटीली तार लगी हैं, लेकिन निर्माण के चलते कुछ हिस्से से तार हटा दी गईं। कमरे के चारों तरफ की दीवारें तो बन चुकी हैं। अभी छत बननी बाकी है। बाहर की दीवार के साथ सीढ़ी लगी थीं। इसे वहीं पर छोड़ा गया था। बड़ी लापरवाही यह भी रही। इसी को देखकर यहां रह रही चार किशोरियों ने एक साथ बाहर निकलने की योजना बनाई। रात को खाना खाने के बाद सब सो गए तो ये बाहर निकलीं। माना जा रहा है कि सीढ़ी से दीवार पर चढ़ीं और फिर दीवार के साथ लगे रोड़ियों के ढेर पर कूद गईं। सुबह जब बाकी बच्चों के साथ चारों किशोरियां नहीं दिखीं तो स्टाफ में हड़कंप मच गया। संबंधित अधिकारियों को सूचित किया गया। इस पर तुरंत जिला बाल कल्याण अधिकारी सुरेखा हुड्डा, जिला बाल संरक्षण अधिकारी लतिका दहिया के अलावा बाल कल्याण कमेटी सदस्या स्नेहलता यहां पहुंचीं। पुलिस को सूचना दी गई। बालगृह में पहुंचकर पुलिस ने जांच शुरू की। आसपास के जिलों की पुलिस को भी सूचना दी गई। कुछ घंटों बाद पुलिस ने एक किशोरी को सोनीपत से और अन्य तीन को फरीदाबाद से बरामद किया गया।
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रोहतक से आई थीं तीन किशोरियां
फरार होने वाली किशोरियों में तीन रोहतक की हैं। दो किशोरियां करीब दो महीने पहले यहां आईं थीं। एक छह महीने पहले आई थी। अहम बात तो यह है कि रोहतक से आईं तीन किशोरियों के अलावा जो एक किशोरी करीब चार साल से यहां रह रही थी वो भी उनके साथ फरार हो गई।
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सो रहा था चौकीदार, अधिकारी ने मांगा जवाब
बताया गया कि बाल गृह का चौकीदार रात में सो रहा था। इसी कारण किशोरियों को निकलने का मौका मिला। दीवार के साथ सीढ़ी थी। यदि चौकीदार न सोता तो शायद यह घटना भी न होती। बाल गृह से चार किशोरियों के फरार होने की घटना को बाल संरक्षण आयोग ने भी बेहद गंभीरता से लिया है। इस घटना के बाद जिला बाल कल्याण अधिकारी सुरेखा हुड्डा ने बाल गृह के पूरे स्टाफ से जवाब मांगा है। इसके अलावा अधीक्षक और अन्य स्टाफ सदस्यों से भी जवाब मांगा गया है कि उस वक्त वे क्या कर रहे थे।
भागने के कारण स्पष्ट नहीं
किशोरियों के इस तरह से रात में फरार होने की वजह अभी स्पष्ट नही हो पाई। हालांकि, जो किशोरी सबसे पहले बरामद हुई, उसके हवाले से पुलिस ने बताया कि उनका यहां मन नहीं लग रहा था इसीलिए फरार हो गई।
नौकरी करने की बात कहती थीं
उधर, जब बालगृह के बच्चों से अधिकारियों ने पूछा तो उन्होंने बताया कि चारों आपस में यहां से निकलने और बाहर जाकर नौकरी करने की बात कहती थीं। ऐसे में अधिकारियों का कहना है कि जब तक चारों से पूछताछ नहीं होती और उनकी काउंसिलिंग नहीं होती, तब तक यह स्पष्ट तौर पर नहीं कहा जा सकता कि उनके मन में क्या चल रहा था।
पहले तीन बार फरार हो चुके हैं बच्चे
बहादुरगढ़ के इस बाल गृह से पहले भी तीन बार बच्चे फरार हो चुके हैं। इस साल की शुरुआत में ही झज्जर निवासी एक किशोरी यहां से दीवार फांदकर फरार हो गई थी। वर्ष 2015 में एक बार पांच तो दूसरी बार तीन बच्चे यहां से निकल गए थे। तीनों ही घटनाओं में बच्चों ने मन न लगने की बात सामने आई थी।
वर्जन:::::
बहादुरगढ़ के सेक्टर-छह स्थित उमंग बालगृह से चार बच्चियों के भागने की सूचना मिली थी। जिनमें से एक को सोनीपत से बरामद कर लिया गया। जैसे ही मामला संज्ञान में आया तुरंत ही रेलवे, हरियाणा पुलिस को सतर्क किया गया। जो भी अनियमितताएं रही हैं, जांच के बाद कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-बालकृष्ण गोयल, सदस्य, हरियाणा बाल अधिकार संरक्षण आयोग
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इस बारे में सूचना मिलते ही पुलिस को खबर दी गई। पुलिस ने तुरंत एफआईआर दर्ज कर उनकी तलाश शुरू की। तीनों को बरामद कर लिया गया।
-सुरेखा हुड्डा, जिला बाल कल्याण अधिकारी, झज्जर
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कई दिन से भागने के प्रयास में थीं बच्चियां
रोहतक। हरियाणा बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य बालकृष्ण गोयल ने बताया कि सोनीपत से बरामद बच्ची ने पूछताछ में बताया कि वह कई दिन से बालगृह से भागने के प्रयास में थी। दो बार पूर्व में भी उन्होंने भागने का प्रयास किया था, मगर सफल नहीं हो सकी थीं।
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बाहर का ताला कर दिया बंद
रोहतक। सोनीपत से बरामद बच्ची ने बताया कि भागने के बाद उन्होंने बालगृह के दरवाजे का ताला बाहर से बंद कर दिया था। ताकि उनके भागने के बाद उन्हें कोई पकड़ न सके। बाद में ताला तोड़कर किसी तरह दरवाजा खोला गया था।
--फोटो 15 ऱ् यहां से कूदकर भागी किशोरियां
---फोटो 16 ऱ् उमंग बालगृह।