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भंडाफोड़ : फर्जी पास पर रोडवेज बस में यात्रा कर रहे छात्र

Thu, 25 Apr 2019 02:42 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 25 Apr 2019 02:42 AM IST
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भंडाफोड़ : फर्जी पास पर रोडवेज बस में यात्रा कर रहे छात्र
रोहतक। शहर में फर्जी तरीके से रोडवेज के स्टूडेंट पास मात्र 100-200 रुपये में बन रहे हैं। न सिर्फ दूरस्थ क्षेत्र से स्कूल-कॉलेज में पढ़ने छात्र बल्कि कंपटीशन की तैयारी के लिए कोचिंग में आने वाले युवक पास बनवा रहे हैं। इससे रोडवेज को लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान है। इसका भंडाफोड़ तब हुआ जब रोहतक डिपो की चेकिंग टीम ने मंगलवार को दिल्ली जा रही बस को खरावड़ के पास रुकवाकर चेकिंग की। बस में दो युवकों से फर्जी पास मिले।
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रोहतक डिपो की चेकिंग टीम के सदस्य रमेश चंद्र, वीरेंद्र सिंह व राजवीर सिंह मंगलवार दोपहर बसों में चेकिंग के लिए दिल्ली बाईपास स्थित खरावड़ हनुमान मंदिर के नजदीक खड़े थे। डिपो से दिल्ली जा रही बस को रुकवाकर जब उन्होंने चेकिंग की तो उसमें दो युवकों ने स्वयं को छात्र बताते हुए स्टूडेंट पास दिखाया। टीम ने दोनों के पास कब्जे में लेने के बाद कॉलेज का नाम पूछा तो वह हड़बड़ा गया जिससे टीम को गड़बड़ी की आशंका हुई। पास में लगे फोटो और होलोग्राम का मिलान किया तो होलोग्राम गड़बड़ मिला। होलोग्राम में हरियाणा रोडवेज लिखा साफ नहीं दिख रहा था। इस पर टीम ने दोनों युवकों को बस से उतारकर कड़ाई से पूछताछ की तो उन्होंने सब कुछ उगल दिया। दोनों युवकों ने बताया कि पास एक कंप्यूटर सेंटर पर स्कैनिंग मशीन के माध्यम से बनवाए गए हैं। इसके लिए कंप्यूटर सेंटर पर 100 से 200 रुपये तक लिए जाते हैं। सेंटर संचालक कंप्यूटर में स्कैन पास के परफोर्मा पर फोटो चिपकाता है और पास के पीछे तारीख भी। जिस समय पास दिया जाता है, उस पर हरियाणा रोडवेज की मुहर व हस्ताक्षर भी होते हैं। पास को लेमिनेट करके दिया जाता है। उन्होंने खुलासा किया कि फर्जी पास बनाने का काम रोहतक शहर में ही चल रहा है।
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छह और 12 माह के लिए रोडवेज बनाता है पास
रोडवेज छात्रों के पास छह अथवा 12 माह के लिए बनाता है। जो नकली पास पकड़े गए हैं, वह छह-छह माह के लिए ही बनवाए गए थे।

शहर के बीचोंबीच चल रहा पास बनाने का गोरखधंधा
पकड़े गए दोनों युवकों ने बताया कि रोडवेज के फर्जी पास शहर के बीचोंबीच शीला बाईपास के आसपास बनाए जाते हैं। ये पास बनवाने के लिए न सिर्फ कोचिंग सेंटर पर आने वाले बल्कि कई कॉलेज-स्कूल के बच्चे भी बनवाते हैं। पास हाथेहाथ बनाकर दे दिए जाते हैं।
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रोहतक डिपो दर्ज करवाएगा मुकदमा
रोहतक डिपो महाप्रबंधक ने फर्जी पास बनने के मामले का भंडाफोड़ होने पर काफी गंभीर रुख अख्तियार किया हुआ है। उन्होंने बताया कि फर्जी पास बनाने के मामले में रिपोर्ट दर्ज करवाई जाएगी। पकड़े गए दोनों युवकों ने पास बनाने वाले कंप्यूटर सेंटर के बारे में जानकारी दी है, जिसकी जानकारी पुलिस को दी जाएगी। कुछ और जगह पर पास बनाने की सूचना है, जिसकी भी सूचना पुलिस को देंगे।

विभागीय मिलीभगत की आशंका
रोडवेज अधिकारी का कहना है कि भले ही कंप्यूटर सेंटर पर रोडवेज के फर्जी पास बन रहे हैं पर विभागीय कर्मियों की मिलीभगत से इनकार नहीं किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि विभागीय कर्मियों की संलिप्तता का पता लगाने के लिए अलग से टीम बनाई गई है।

अब दो टीमें 10 दिन केवल पास ही चेक करेंगी
रोहतक डिपो महाप्रबंधक ने चेकिंग के लिए दो टीमें गठित कर दी हैं। ये टीमों 10 दिन तक लगातार अलग-अलग दिशाओं में बसों में सिर्फ और सिर्फ छात्रों के पास ही चेक करेंगी।


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चेकिंग टीम ने दो युवकों को नकली पास के साथ पकड़ा। चेकिंग के लिए टीमें बनाई गई हैं। मामला काफी गंभीर है, जिसकी रिपोर्ट दर्ज कराने की तैयारी कर ली है। जिन कंप्यूटर सेंटरों पर नकली पास बनाए गए हैं, उनकी जानकारी पुलिस को दी जाएगी।
-जोगेंदर सिंह, महाप्रबंधक रोहतक डिपो
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