{"_id":"5a4e99684f1c1b4a018b5b62","slug":"11515100520-rohtak-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"करतारपुरा में पत्\nथरबाजी व फायर गिं","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
करतारपुरा में पत् थरबाजी व फायर गिं
Updated Fri, 05 Jan 2018 02:45 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फोटो है।
पत्थरबाजी व फायरिंग के 5 घंटे बाद करतारपुरा में फिर हंगामा, घरों में तोड़फोड़
- घटना के बाद घर छोड़कर गायब हुए कई परिवार, दरवाजों पर लटके हैं ताले, इलाके में लगा पुलिस पहरा
- इलाके के बुजुर्ग लोगों ने बैठक कर लोगों को समझाया
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
शहर के करतारपुरा में बुधवार को महिला से छेड़छाड़ के बाद शाम करीब छह बजे हुई पत्थरबाजी व फायरिंग के पांच घंटे बाद फिर हंगामा हुआ। दूसरी बार देर रात शुरू हुए हंगामे के दौरान घरों में घुस कर तोड़ फोड़ की गई। यहां एलईडी, फ्रीज, कूलर व अन्य सामान चकनाचूर कर दिया गया। विवाद में नौ महीने के मासूम जतिन की मौत व कई लोगों के घायल होने के बाद डर के कारण कई परिवार घर छोड़ कर भाग हो गए हैं। पुलिस इस विवाद के चलते रात भर गली से बाहर डटी रही। गुरुवार सुबह अंधेरा छंटने के बाद ही पुलिस के जवान गली में घुसे और मोर्चा संभाला। दिन भर पुलिस छावनी बने रहे इलाके में समाज के बुजुर्गों ने दोबारा झगड़ा नहीं होने के प्रयास में लोगों को समझाया। इधर, मृत बच्चे का शव लेकर परिवार हिसार के कनोह गांव पहुंचा। यहां उसका अंतिम संस्कार किया गया।
स्पष्ट नहीं हुए मौत के कारण
करतारपुरा में नाना के घर आए हिसार के कनोह निवासी नौ महीने के जतिन के शव का गुरुवार को डॉक्टरों के बोर्ड ने पोस्टमार्टम किया। इस दौरान उसके शरीर पर किसी तरह की चोट नहीं मिलने की बात सामने आई। फिलहाल बच्चे की मौत के कारण स्पष्ट नहीं हुए हैं। यह जानने के लिए डॉक्टरों ने शव से सेंपल लेकर बिसरा जांच के लिए भेज दिया है। इस रिपोर्ट के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर हिसार पहुंचे। इससे पूर्व उसे लेकर करतारपुरा जाने की तैयारी थी। ऐसे में विवाद भड़कने के चलते उन्हें सीधा रवाना किया गया। शाम को बच्चे के शव का अंतिम संस्कार किया गया।
32 बोर के खोल व बुलेट मौके से बरामद
पत्थरबाजी व फायरिंग मामले की सूचना मिलने के बाद गुरुवार सुबह डीएसपी रमेश कुमार व एफएसएल टीम की प्रभारी डॉ. सरोज दहिया मौके पर पहुंची। यहां से सबूत जुटाने के लिए करीब एक घंटे से भी ज्यादा मशक्कत की। इस दौरान 32 बोर के खोल व एक बुलेट बरामद हुआ। जांच में किसी को गोली लगने की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस को एक गोली फ्रीज में लगी मिली। इसके अलावा तीन गलियों में रेलवे ट्रैक के रोडे, ईंट व पत्थर बिखरे मिले। अधिकारियों की टीम ने इलाके का दौरा कर व्यवस्था का जायजा लिया और तथ्य जुटाए।
विज्ञापन
धर्मशाला में ढाई घंटे चली बैठक
गुरुवार को करतारपुरा स्थित सांसी धर्मशाला में इलाके के लोग करीब ढाई घंटे जुटे रहे। यहां बुजुर्गों ने लोगों से बातचीत कर उन्हें झगड़ा नहीं करने के लिए प्रेरित किया। सभी ने बातचीत के जरिए विवाद का हल तलाशने पर जोर दिया। इसके साथ ही दोबारा इलाके में इस तरह की हिंसक घटना की पुनरावृत्ति नहीं करने की अपील की गई। बुधवार को हुई घटना से पहले दोनों पक्षों के समाज में पंचायत स्तर पर समझौता हुआ था। इस दौरान किसी तरह का झगड़ा नहीं किए जाने पर सहमति बनी थी। इस मौके पर रामकरण, राजेंद्र, मांगेराम, विजयपाल, वीरेंद्र समेत अनेक लोग मौजूद रहे।
पुलिस पहरे के बावजूद खौफ में हैं महिलाएं
दो पक्षों के बीच हुई हिंसा के बाद गुरुवार को दिन भर पुलिस पहरा रहा। इसके बावजूद दोनों ही पक्षों की महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस करती रही। उनका कहना है कि हम घर पर अकेली हैं। घटना के बाद से बच्चे डर के मारे कहीं चले गए हैं। हम पर कभी भी हमला हो सकता है। एक पक्ष का कहना है कि बुधवार रात भी हम पर हमला हुआ था। कई घरों में तोड़फोड़ की गई। इस दौरान कीमती सामान नष्ट कर दिया। हमलावरों के पास अवैध हथियार हैं। इससे हमें जान का खतरा है। जबकि दूसरे पक्ष का आरोप है कि जान के खतरे के चलते कई लोग घर छोड़ कर चले गए हैं। मकानों पर ताले लगे हैं। पुलिस कब तक रहेगी। समस्या का स्थायी समाधान होना चाहिए। विवाद खत्म होना चाहिए। इसके बाद ही सुरक्षित रह सकेंगे। अब तक आरोपियों की भी गिरफ्तारी नहीं हुई है। इससे खतरा और बढ़ गया है।
दो पक्षों के बीच हुई पत्थरबाजी व फायरिंग मामले में कार्रवाई की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापामारी की गई है। आरोपियों का सुराग नहीं लगा है। उनकी गिरफ्तारी के लिए स्पेशल टीम प्रयासरत है।
- जगबीर सिंह, प्रभारी, शहर थाना।
विज्ञापन
पत्थरबाजी व फायरिंग के 5 घंटे बाद करतारपुरा में फिर हंगामा, घरों में तोड़फोड़
- घटना के बाद घर छोड़कर गायब हुए कई परिवार, दरवाजों पर लटके हैं ताले, इलाके में लगा पुलिस पहरा
- इलाके के बुजुर्ग लोगों ने बैठक कर लोगों को समझाया
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
शहर के करतारपुरा में बुधवार को महिला से छेड़छाड़ के बाद शाम करीब छह बजे हुई पत्थरबाजी व फायरिंग के पांच घंटे बाद फिर हंगामा हुआ। दूसरी बार देर रात शुरू हुए हंगामे के दौरान घरों में घुस कर तोड़ फोड़ की गई। यहां एलईडी, फ्रीज, कूलर व अन्य सामान चकनाचूर कर दिया गया। विवाद में नौ महीने के मासूम जतिन की मौत व कई लोगों के घायल होने के बाद डर के कारण कई परिवार घर छोड़ कर भाग हो गए हैं। पुलिस इस विवाद के चलते रात भर गली से बाहर डटी रही। गुरुवार सुबह अंधेरा छंटने के बाद ही पुलिस के जवान गली में घुसे और मोर्चा संभाला। दिन भर पुलिस छावनी बने रहे इलाके में समाज के बुजुर्गों ने दोबारा झगड़ा नहीं होने के प्रयास में लोगों को समझाया। इधर, मृत बच्चे का शव लेकर परिवार हिसार के कनोह गांव पहुंचा। यहां उसका अंतिम संस्कार किया गया।
स्पष्ट नहीं हुए मौत के कारण
करतारपुरा में नाना के घर आए हिसार के कनोह निवासी नौ महीने के जतिन के शव का गुरुवार को डॉक्टरों के बोर्ड ने पोस्टमार्टम किया। इस दौरान उसके शरीर पर किसी तरह की चोट नहीं मिलने की बात सामने आई। फिलहाल बच्चे की मौत के कारण स्पष्ट नहीं हुए हैं। यह जानने के लिए डॉक्टरों ने शव से सेंपल लेकर बिसरा जांच के लिए भेज दिया है। इस रिपोर्ट के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर हिसार पहुंचे। इससे पूर्व उसे लेकर करतारपुरा जाने की तैयारी थी। ऐसे में विवाद भड़कने के चलते उन्हें सीधा रवाना किया गया। शाम को बच्चे के शव का अंतिम संस्कार किया गया।
विज्ञापन
32 बोर के खोल व बुलेट मौके से बरामद
पत्थरबाजी व फायरिंग मामले की सूचना मिलने के बाद गुरुवार सुबह डीएसपी रमेश कुमार व एफएसएल टीम की प्रभारी डॉ. सरोज दहिया मौके पर पहुंची। यहां से सबूत जुटाने के लिए करीब एक घंटे से भी ज्यादा मशक्कत की। इस दौरान 32 बोर के खोल व एक बुलेट बरामद हुआ। जांच में किसी को गोली लगने की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस को एक गोली फ्रीज में लगी मिली। इसके अलावा तीन गलियों में रेलवे ट्रैक के रोडे, ईंट व पत्थर बिखरे मिले। अधिकारियों की टीम ने इलाके का दौरा कर व्यवस्था का जायजा लिया और तथ्य जुटाए।
विज्ञापन
धर्मशाला में ढाई घंटे चली बैठक
गुरुवार को करतारपुरा स्थित सांसी धर्मशाला में इलाके के लोग करीब ढाई घंटे जुटे रहे। यहां बुजुर्गों ने लोगों से बातचीत कर उन्हें झगड़ा नहीं करने के लिए प्रेरित किया। सभी ने बातचीत के जरिए विवाद का हल तलाशने पर जोर दिया। इसके साथ ही दोबारा इलाके में इस तरह की हिंसक घटना की पुनरावृत्ति नहीं करने की अपील की गई। बुधवार को हुई घटना से पहले दोनों पक्षों के समाज में पंचायत स्तर पर समझौता हुआ था। इस दौरान किसी तरह का झगड़ा नहीं किए जाने पर सहमति बनी थी। इस मौके पर रामकरण, राजेंद्र, मांगेराम, विजयपाल, वीरेंद्र समेत अनेक लोग मौजूद रहे।
पुलिस पहरे के बावजूद खौफ में हैं महिलाएं
दो पक्षों के बीच हुई हिंसा के बाद गुरुवार को दिन भर पुलिस पहरा रहा। इसके बावजूद दोनों ही पक्षों की महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस करती रही। उनका कहना है कि हम घर पर अकेली हैं। घटना के बाद से बच्चे डर के मारे कहीं चले गए हैं। हम पर कभी भी हमला हो सकता है। एक पक्ष का कहना है कि बुधवार रात भी हम पर हमला हुआ था। कई घरों में तोड़फोड़ की गई। इस दौरान कीमती सामान नष्ट कर दिया। हमलावरों के पास अवैध हथियार हैं। इससे हमें जान का खतरा है। जबकि दूसरे पक्ष का आरोप है कि जान के खतरे के चलते कई लोग घर छोड़ कर चले गए हैं। मकानों पर ताले लगे हैं। पुलिस कब तक रहेगी। समस्या का स्थायी समाधान होना चाहिए। विवाद खत्म होना चाहिए। इसके बाद ही सुरक्षित रह सकेंगे। अब तक आरोपियों की भी गिरफ्तारी नहीं हुई है। इससे खतरा और बढ़ गया है।
दो पक्षों के बीच हुई पत्थरबाजी व फायरिंग मामले में कार्रवाई की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापामारी की गई है। आरोपियों का सुराग नहीं लगा है। उनकी गिरफ्तारी के लिए स्पेशल टीम प्रयासरत है।
- जगबीर सिंह, प्रभारी, शहर थाना।