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चोरी के शक में चचेरे भाई की हत्या करने पर तीन को उम्रकैद
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Tue, 03 May 2016 01:28 AM IST
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हत्या करने पर तीन को उम्रकैद
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चोरी के शक में चचेरे भाई की हत्या के मामले में तीन युवकों को जिला एवं सत्र न्यायाधीश संत प्रकाश की अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई। अपने दो साथियों के साथ मिलकर चचेरे भाई की हत्या करने पर सोमवार को अदालत ने यूपी के जिला गोंडा स्थित गांव दलेलनगर ऐली पारसोली निवासी उमाकांत उसके दोस्त राजकुमार और प्रेम कुमार को उम्रकैद और 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
दलेल नगर ऐली पारसोली निवासी सुंदर पांडे ने 23 जून 2014 को पुलिस को शिकायत दी थी। पुलिस को दी शिकायत में उन्होंने बताया था कि उनका इकलौता बेटा प्रभात अपने चचेरे भाई उमाकांत के साथ नौकरी की तलाश में रोहतक आया था। रोहतक आने के बाद प्रभात चचेरे भाई के साथ ही एक फैक्ट्री में काम करने लगा था। प्रभात भाई उमाकांत और उसके साथी राजकुमार और प्रेम के साथ एक कमरे में किराए पर रहने लगा।
दो जून को प्रभात अपने गांव गया था। इसी बीच उसके चचेरे भाई के दोस्त राजकुमार का मोबाइल और कुछ रुपये चोरी हो गए। तीनों ने प्रभात पर शक किया और उसकी हत्या का प्लान किया। जब एक हफ्ते बाद प्रभात वापस आया तो उसे टहलने के बहाने आईएमटी क्षेत्र में ले गए। सुनसान इलाके में आरोपियों ने प्रभात की हत्या कर दी और उसका शव झाड़ियों में छिपा दिया। वारदात के दो दिन बाद उमाकांत अपने गांव गया। जब परिजनों ने प्रभात के बारे में पूछा तो वह टालमटोल करने लगा। प्रभात का कोई पता न लगने पर परिजनों ने पुलिस को मामले की शिकायत दी। शक के आधार पर आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उन्होंने वारदात कबूली। पुलिस ने तीनों के खिलाफ मामला दर्ज कर अदालत में पेश किया। अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए तीनों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
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दलेल नगर ऐली पारसोली निवासी सुंदर पांडे ने 23 जून 2014 को पुलिस को शिकायत दी थी। पुलिस को दी शिकायत में उन्होंने बताया था कि उनका इकलौता बेटा प्रभात अपने चचेरे भाई उमाकांत के साथ नौकरी की तलाश में रोहतक आया था। रोहतक आने के बाद प्रभात चचेरे भाई के साथ ही एक फैक्ट्री में काम करने लगा था। प्रभात भाई उमाकांत और उसके साथी राजकुमार और प्रेम के साथ एक कमरे में किराए पर रहने लगा।
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दो जून को प्रभात अपने गांव गया था। इसी बीच उसके चचेरे भाई के दोस्त राजकुमार का मोबाइल और कुछ रुपये चोरी हो गए। तीनों ने प्रभात पर शक किया और उसकी हत्या का प्लान किया। जब एक हफ्ते बाद प्रभात वापस आया तो उसे टहलने के बहाने आईएमटी क्षेत्र में ले गए। सुनसान इलाके में आरोपियों ने प्रभात की हत्या कर दी और उसका शव झाड़ियों में छिपा दिया। वारदात के दो दिन बाद उमाकांत अपने गांव गया। जब परिजनों ने प्रभात के बारे में पूछा तो वह टालमटोल करने लगा। प्रभात का कोई पता न लगने पर परिजनों ने पुलिस को मामले की शिकायत दी। शक के आधार पर आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उन्होंने वारदात कबूली। पुलिस ने तीनों के खिलाफ मामला दर्ज कर अदालत में पेश किया। अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए तीनों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
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