{"_id":"5ea089048ebc3e906c6ee507","slug":"covid-19-positive-from-kakrana-village-rohtak-for-delhi-treatment-rohtak-news-rtk551947368","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"रोहतकः कैंसर का इलाज कराने दिल्ली गया था बुजुर्ग, कोरोना पॉजिटिव निकला, पूरा गांव सील","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रोहतकः कैंसर का इलाज कराने दिल्ली गया था बुजुर्ग, कोरोना पॉजिटिव निकला, पूरा गांव सील
Thu, 23 Apr 2020 01:00 PM IST
रोहतक ब्यूरो
अमर उजाला, रोहतक
अमर उजाला, रोहतक
Published by: रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 23 Apr 2020 01:00 PM IST
विज्ञापन
गांव पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम
दिल्ली निजी कैंसर अस्पताल में रुटीन में उपचार करवाने के लिए जाने वाले ककराना निवासी 58 वर्षीय एक व्यक्ति को कोविड-19 पॉजिटिव मिला है। निजी लैब की जांच रिपोर्ट के आधार पर मरीज के अलावा तीन अन्य लोगों के साथ परिवार के लोगों की स्क्रीनिंग करवाई जा रही है। पीजीआईएमएस ने परिवार के आठ लोगों का सैंपल लेकर आइसालेशन वार्ड में भर्ती कर दिया है। वहीं प्रशासन की ओर से एहतियात के तौर पर गांव को सील कर दिया गया और वीरवार सुबह पूरे गांव को सैनिटाइज किया जाएगा।
कोरोना पॉजिटिव मरीज की पत्नी ने बताया कि ढाई-तीन साल पहले गंगाराम अस्पताल में उनके पति की सर्जरी हुई थी। उनके लीवर में गांठ थी। इसके बाद वह निजी अस्पताल में रुटीन जांच के लिए जाते थे, उनकी कीमोथैरेपी हो रही थी। इसके अलावा पिछले दिनों वह लंबे समय से बुखार में थे, लेकिन सभी जांच रिपोर्ट निगेटिव थी। कुछ दिन पहले दिल्ली उपचार के लिए गए थे तो उन्हें कोविड-19 का सैंपल जांच करवाने को कहा गया था।
बुधवार को जांच रिपोर्ट में कोविड-19 पॉजिटिव पाया गया। उनके साथ उनके देवर और गांव का ही कार चालक था। ग्रामीणों ने बताया कि रामफल के दो बेटे हैं, इनमें एक चंडीगढ़ व दूसरा परिवार सहित रेवाड़ी में रहता है। इसके अलावा मरीज के छोटे भाई के दो बेटे, बहू व तीन बच्चे हैं। जबकि चालक के घर में उसकी मां और भाई ही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
कोरोना पॉजिटिव मरीज की पत्नी ने बताया कि ढाई-तीन साल पहले गंगाराम अस्पताल में उनके पति की सर्जरी हुई थी। उनके लीवर में गांठ थी। इसके बाद वह निजी अस्पताल में रुटीन जांच के लिए जाते थे, उनकी कीमोथैरेपी हो रही थी। इसके अलावा पिछले दिनों वह लंबे समय से बुखार में थे, लेकिन सभी जांच रिपोर्ट निगेटिव थी। कुछ दिन पहले दिल्ली उपचार के लिए गए थे तो उन्हें कोविड-19 का सैंपल जांच करवाने को कहा गया था।
विज्ञापन
बुधवार को जांच रिपोर्ट में कोविड-19 पॉजिटिव पाया गया। उनके साथ उनके देवर और गांव का ही कार चालक था। ग्रामीणों ने बताया कि रामफल के दो बेटे हैं, इनमें एक चंडीगढ़ व दूसरा परिवार सहित रेवाड़ी में रहता है। इसके अलावा मरीज के छोटे भाई के दो बेटे, बहू व तीन बच्चे हैं। जबकि चालक के घर में उसकी मां और भाई ही हैं।
विज्ञापन
गांव में मचा हड़कंप, सभी ने स्वयं को किया क्वारंटीन
ककराना गांव में जैसे ही एक व्यक्ति के कोविड-19 पॉजिटिव होने की सूचना पहुंची तो गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें नहीं लगता कि उनके गांव के व्यक्ति को कोई लक्षण था। वह बिल्कुल ठीक था और जांच करवाने के लिए दिल्ली जाता था। पहले वह अपनी कार लेकर जाते थे, लेकिन बुधवार को वह अन्य चालक को साथ ले गए थे। गौरतलब है पीड़ित व्यक्ति दिल्ली में सरकारी नौकरी करता था और वह सेवानिवृत्त है। उसके घर में वह अपनी पत्नी के साथ ही रहता है।
पीजीआईएमएस में दिल्ली इलाज करवाने गए गांव ककराना के तीन पुरुषों व एक महिला का जांच सैंपल लिया गया है। इनमें से एक मरीज का इलाज दिल्ली के निजी कैंसर अस्पताल में चल रहा था। दो दिन पहले जब वह दोबारा इलाज के लिए दिल्ली पहुंचा तो वहां पर उस मरीज का कोरोना टेस्ट किसी प्राइवेट लैब से करवाया गया। बुधवार को जब मरीज दोबारा दिल्ली अपना इलाज करवाने पहुंचा तो अस्पताल वालों ने उसे कोविड-19 पॉजिटिव होने की सूचना दी और उसे पीजीआईएमएस रेफर कर दिया। चारों को आइसोलेशन वार्ड में भेज दिया गया है।
- डॉ. वरूण अरोड़ा, प्रभारी, कोविड 19 कंट्रोल रूम, पीजीआईएमएस रोहतक
पीजीआईएमएस में दिल्ली इलाज करवाने गए गांव ककराना के तीन पुरुषों व एक महिला का जांच सैंपल लिया गया है। इनमें से एक मरीज का इलाज दिल्ली के निजी कैंसर अस्पताल में चल रहा था। दो दिन पहले जब वह दोबारा इलाज के लिए दिल्ली पहुंचा तो वहां पर उस मरीज का कोरोना टेस्ट किसी प्राइवेट लैब से करवाया गया। बुधवार को जब मरीज दोबारा दिल्ली अपना इलाज करवाने पहुंचा तो अस्पताल वालों ने उसे कोविड-19 पॉजिटिव होने की सूचना दी और उसे पीजीआईएमएस रेफर कर दिया। चारों को आइसोलेशन वार्ड में भेज दिया गया है।
- डॉ. वरूण अरोड़ा, प्रभारी, कोविड 19 कंट्रोल रूम, पीजीआईएमएस रोहतक
ठीकरी पहरा हुआ फेल, स्वास्थ्य विभाग ने गांव के स्कूल को बनाया अस्पताल
ककरना गांव में कोविड-19 का संक्रमण रोकने के लिए ग्रामीणों ने बहुत पहले से ही ठीकरी पहरा लगा रखा था। गांव में बाहरी व्यक्तियों के आवागमन पर प्रतिबंध था। बुधवार को एक मरीज की पुष्टि होने पर सभी गांव वालों की सांस फूल गई है कि वह अब क्या करें। गांव के व्यक्ति को तो आने-जाने से नहीं रोका जा सकता। वहीं ग्रामीणों ने बताया कि देर सायं स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंच गई और सरकारी स्कूल को अस्पताल में तब्दील कर दिया।
सभी ग्रामीणों का सैंपल जांच किया जा रहा है। गौरतलब है कि गांव की आबादी करीब 3600 है और 72 एकड़ में फैला हुआ है। इसके साथ लगते गरनावठी, सुंडाना और बालंद तीन गांव हैं। ग्रामीणों ने बताया कि कैंसर का मरीज होने के कारण कुछ ग्रामीण मरीज का हाल जानने पहुंचे थे, वह भी स्वयं की जांच करवाने को आगे आ रहे हैं।
ककराना गांव के संदिग्ध व उसके परिवार के सदस्यों को पीजीआई के आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है। सभी के सैंपल लिए गए हैं। उसकी रिपोर्ट आने का इंतजार है। दूसरी ओर गांव को सील कर दिया गया है। सुबह पूरे गांव को सैनिटाइज कराया जाएगा।
- आरएस वर्मा, उपायुक्त
सभी ग्रामीणों का सैंपल जांच किया जा रहा है। गौरतलब है कि गांव की आबादी करीब 3600 है और 72 एकड़ में फैला हुआ है। इसके साथ लगते गरनावठी, सुंडाना और बालंद तीन गांव हैं। ग्रामीणों ने बताया कि कैंसर का मरीज होने के कारण कुछ ग्रामीण मरीज का हाल जानने पहुंचे थे, वह भी स्वयं की जांच करवाने को आगे आ रहे हैं।
ककराना गांव के संदिग्ध व उसके परिवार के सदस्यों को पीजीआई के आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है। सभी के सैंपल लिए गए हैं। उसकी रिपोर्ट आने का इंतजार है। दूसरी ओर गांव को सील कर दिया गया है। सुबह पूरे गांव को सैनिटाइज कराया जाएगा।
- आरएस वर्मा, उपायुक्त