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जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ पर पार्षद डिंपल जैन ने लगाया अभद्र बर्ताव का आरोप, मेयर को सशर्त सौंपा इस्तीफा

Wed, 06 Jul 2022 02:48 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 06 Jul 2022 02:48 AM IST
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Councilor Dimple Jain accused the SDO of Public Health Department of indecent behavior, conditionally submitted resignation to the Mayor
नगर निगम हाउस की बैठक में इस्तीफा देतीं पार्षद डिंपल जैन व सुरेश किराड । अमर उजाला
शहर की अपनी ही सरकार में भाजपा के पार्षदों की सुनवाई नहीं हो रही है। यहां तक कि अधिकारी उनके साथ अच्छा व्यवहार नहीं कर रहे हैं। ऐसा ही एक मामला मंगलवार को हुई निगम हाउस की मीटिंग में सामने आया। वार्ड नंबर-16 की पार्षद डिंपल जैन से जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ विनीत रोहिल्ला पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए मेयर को सशर्त इस्तीफा सौंप दिया। इतना ही नहीं वार्ड-6 के पार्षद सुरेश किराड़ ने भी सीवर और पानी के लिए बनी सब कमेटी के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया। दोनों पार्षद भाजपा से हैं। किराड़ ने आरोप लगाया कि जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण जनता बेहाल है और विभाग कोई काम नहीं कर रहा है। महिला पार्षद के सशर्त इस्तीफा सौंपने पर मेयर ने कार्रवाई की संस्तुति कर दी है। निगम आयुक्त ने एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (एसीएस) से सख्त कार्रवाई की संस्तुति की है।
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नगर निगम हाउस की मीटिंग सुबह नौ बजे शुरू होते ही पार्षदों ने 30 जून को हुई बारिश की वजह से शहर में हुए जलभराव से लोगों को आई दिक्कत को बताने शुरू कर दिया। पार्षदों ने बताया कि आम जनता तो दूर उनके घरों में भी काफी समय तक पानी भरा रहा। जनस्वास्थ्य विभाग के पंपिंग स्टेशन नहीं चलने से गंभीर समस्या हुई। लोगों का काफी नुकसान हुआ। वार्ड नंबर-16 की पार्षद डिंपल जैन ने कहा कि एक जुलाई को जब रेलवे रोड और रिहायशी इलाके से जलभराव खत्म नहीं हुआ तो उन्होंने एसडीओ विनीत रोहिल्ला को फोन किया तो एसडीओ अभद्र व्यवहार करतेे हुए फोन काट दिया। यह आरोप लगाते हुए पार्षद ने मेयर मनमोहन गोयल को सशर्त इस्तीफा सौंप दिया।
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डिंपल जैन ने कहा कि जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी पार्षदों का फोन नहीं उठाते। यदि उठा भी लेते हैं तो अभद्र व्यवहार करते हैं। उन्होंने कहा कि एसडीओ के खिलाफ जब तक कार्रवाई नहीं होगी, मैं कोई समझौता नहीं करूंगी। इस्तीफा देने के साथ कहा कि यदि सात दिन के अंदर कार्रवाई नहीं हुई तो मेरा इस्तीफा स्वीकार किया जाए। हाउस में मौजूद पार्षदों ने इसे गंभीरता से लेते हुए सख्त कार्रवाई नहीं होने पर एकजुटता से इस्तीफा देने की बात कही। इस पर मेयर ने तुरंत कार्रवाई की संस्तुति करके निगम आयुक्त डॉ. नरहरि बांगड़ को सौंप दिया। निगम आयुक्त ने तत्काल ही कार्रवाई की संस्तुति करते हुए पत्र एसीएस को भेज दिया।
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हंगामे के दौरान वार्ड नंबर छह के पार्षद सुरेश किराड़ ने आरोप लगाया कि जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की लापरवाही से पूरे शहर में 30 जून को पानी भरा, जो तीन दिन तक नहीं निकला। जलभराव इतना ज्यादा हुआ कि लोगों की दुकानों और घरों में पानी घुस गया। आरोप लगाया कि कई बार जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से शिकायत करते है, मगर कोई सुनवाई नहीं होती। उन्होंने कहा कि मैं खुद सीवर व पेयजल की समस्याओं के निदान के लिए बनी कमेटी के चेयरमैन पद से इस्तीफा देता हूं। इसके साथ ही उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
पहले तीन-चार दिन फिर शाम तक कार्रवाई की बात कही
निगम हाउस में जब मेयर, पार्षदों व निगमायुक्त ने महिला पार्षद के आरोप को गंभीरता से लिया तो मौजूद जनस्वास्थ्य विभाग के अधीक्षण अभियंता राजीव गुप्ता ने तीन-चार दिन में एसडीओ पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। जब पार्षदों ने तुरंत कार्रवाई करने की बात कही तो उन्होंने शाम तक कार्रवाई करने का भरोसा दिया। शाम को जब अधीक्षण अभियंता से बात की गई तो उन्होंने कहा ऐसे सीधे कार्रवाई नहीं होती।
डिप्टी मेयर ने कहा कार्रवाई नहीं हुई तो मैं भी दूंगा इस्तीफा
डिप्टी मेयर अनिल शर्मा ने सदन में मेयर से कहा कि महिला पार्षद से दुर्व्यवहार कतई बर्दाश्त नहीं होगा। यदि संबंधित एसडीओ पर सात दिन के अंदर कार्रवाई नहीं हुई तो वह भी इस्तीफा देंगे और धरना शुरू कर देंगे।
सभी पार्षद एकजुट होकर इस्तीफा देने की बात कही
डिप्टी मेयर की बात सुनकर सदन में मौजूद सभी पार्षदों ने कहा कि जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी किसी भी पार्षद की सुनवाई नहीं करते हैं। हमेशा अभद्रता करते हैं और फिर मामला रफा-दफा कर देते हैं। इस बार ऐसा कतई नहीं होगा। यदि डिप्टी मेयर इस्तीफा देंगे तो सभी एकजुटता से इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं।
मेयर बोले, मैं भी आपके साथ बैठूंगा
मेयर मनमोहन गोयल ने पार्षदों से कहा कि महिला पार्षद से अभद्र व्यवहार गंभीर मामला है। निश्चित रूप से एसडीओ के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन निगम आयुक्त डॉ. नरहरि बांगड़ और जनस्वास्थ्य विभाग के अधीक्षण अभियंता राजीव गुप्ता ने दिया है। यदि कार्रवाई नहीं होती है, तो वह भी पार्षदों के साथ हैं।
पहले सदन में डिप्टी मेयर को ‘अरे यार’ कह कर था बुलाया, जताई थी आपत्ति
एक फरवरी 2022 को बुलाए गए निगम सदन में जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन रोहित कुमार ने डिप्टी मेयर को ‘अरे यार’ कहकर संबोधित किया था। इसके बाद पार्षदों से कहा कि ‘मैं अपने हिसाब से काम करूंगा, तुम्हारे कहने पर नहीं’। उनके इन शब्दों पर पार्षदों के साथ मेयर व निगम आयुक्त ने आपत्ति जताई थी। इसके बाद एक्सईएन अपने दो-दो एसडीओ व जूनियर इंजीनियरों के साथ सदन से उठकर चले गए। इस पर निगम सदन में जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन, दो एसडीओ व जूनियर इंजीनियरों के खिलाफ सर्वसम्मति से सदन की अवमानना का निंदा प्रस्ताव पारित हुआ था। मेयर ने मुख्यमंत्री से जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन, दो एसडीओ व जूनियर इंजीनियरों को निलंबित करने की संस्तुति की थी। इसके बाद सदन स्थगित हो गया था। दो फरवरी को सदन बुलाई गई तो उसमें अधीक्षण अभियंता राजीव गुप्ता आए और अधीनस्थों की तरफ से गलती मानी।
ये था पूरा मामला
डिप्टी मेयर अनिल शर्मा ने बताया कि एक्सईएन रोहित कुमार को खुले मैनहोल का ढक्कन लगाने के लिए फोन किया था। रोहित कुमार ने पहचानने से इनकार कर दिया। पूरा परिचय देने के बाद एक्सईएन ने डिप्टी मेयर से कहा ‘तू मैनहोल के फोटो भेज दे, ढक्कन लगवा देंगे’। फोटो भेजने के बाद भी ढक्कन नहीं लगे। सीएम विंडो पर शिकायत की तो दूसरे ही दिन ढक्कन लग गए। डिप्टी मेयर का कहना था कि इससे जनता के बीच में जनप्रतिनिधि होने के नाते उनकी उनकी छवि खराब होती है। ये बात सुनते ही एक्सईएन रोहित कुमार भड़क गए और डिप्टी मेयर से कहा ‘अरे यार’ रिकार्डिंग सुना। पार्षद सुनील ने कहा कि कुछ दिन पहले एक जगह दो लाइन बिछाने की वजह पूछने पर एक्सईएन रोहित ने कहा ‘तेरे पेट में क्यों दर्द हो रहा है’। अधिकांश पार्षदों ने अभद्रता से बात करने का आरोप था।
मेरी पार्षद से काफी अच्छे माहौल में बात हुई है । ऐसी कोई बात नहीं हुई है, जिससे उनके सम्मान को ठेस पहुंचे। यदि उनको गलतफहमी में मेरी कोई बात गलत लगी है तो मैं उसके लिए खेद प्रकट करता हूं। महिला पार्षद समेत सभी पार्षद मेरे लिए सम्माननीय हैं।- विनीत रोहिल्ला, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग
महिला पार्षद से एसडीओ का अभद्र व्यवहार करना काफी गंभीर मामला है। यह अक्षम्य की श्रेणी में आता है और निश्चित सख्त कार्रवाई की जाएगी। मेयर से मिले कार्रवाई के संस्तुति पत्र पर मैंने अपनी टिप्पणी करके एडिशनल चीफ सेक्रेटरी को पत्र भेज रहा हूं। -डॉ. नरहरि बांगड़, नगर निगम आयुक्त

महिला पार्षद से जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ का अभद्र व्यवहार करना बहुत ही गलत और गंभीर मामला है। सशर्त मिले इस्तीफा पर कार्रवाई की संस्तुति करके निगम आयुक्त को पत्र सौंप दिया है। यह तय है कि अगले हाउस की मीटिंग तब होगी जब एसडीओ के खिलाफ कार्रवाई हो जाएगी। -मनमोहन गोयल, मेयर
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