{"_id":"6862d3ddcf2490d8e7073a6c","slug":"control-room-set-up-in-dro-office-to-prevent-floods-rohtak-news-c-199-1-sroh1009-137099-2025-06-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: बाढ़ से बचाव के लिए डीआरओ कार्यालय में बनाया कंट्रोल रूम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: बाढ़ से बचाव के लिए डीआरओ कार्यालय में बनाया कंट्रोल रूम
विज्ञापन
30जेएनडी18: तहसील कार्यालय में रखी गई नाव। संवाद
जींद। मानसून के चलते जिला प्रशासन ने बाढ़ से बचाव के लिए तैयारियां शुरू कर दी है। इसके लिए डीआरओ कार्यालय में कंट्रोल रुम स्थापित किया गया है। वहीं जिले में ड्रेनों की सफाई का काम पूरा करवा दिया गया। अब ज्यादा बरसात होने पर मोटर, पंप समेत अन्य व्यवस्थाओं को दुरूस्त करवाया जा रहा है।
डीसी ने लगभग दो माह पहले ही बारिश के सीजन को लेकर अलर्ट किया था। इस दौरान सभी विभागों के अधिकारियों जिसमें जनस्वास्थ्य विभाग, नगर परिषद, सिंचाई विभाग व डीआरओ कार्यालय को समय रहते तैयारियों के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते अधिकतर काम अधूरे हैं।
प्रशासन ने बाढ से बचाव को लेकर कंट्रोल रुम डीआरओ कार्यालय में शिफ्ट कर दिया है। यहां पर तीन शिफ्टों में कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है, ताकि किसी भी आपदा के समय बचाव किया जा सके।
विज्ञापन
इसमें जनस्वास्थ्य विभाग व नगर परिषद को शहर के अंदर सीवरेज लाइन, नाले, मैनहोल की सफाई के लिए निर्देश दिए गए थे। वहीं सिंचाई विभाग को जिले के अंदर से गुजरने वाली ड्रेनों की साफ सफाई की जिम्मेदारी दी गई थी।
सिंचाई विभाग के अनुसार सभी ड्रेनों की सफाई करवा दी गई है। बरसात के समय आने वाली बाढ़ से निपटने के लिए ड्रेनों पर रखने के लिए मोटर, पंप व अन्य जरूरत के सामान की व्यवस्था भी की गई है। बाढ़ आने से पहले सभी विभाग अपनी तैयारियों को पूर्ण बता रहे हैं, लेकिन हर वर्ष बाढ़ के दौरान किसानों की फसल नष्ट हो जाती है।
कई-कई दिनों तक पानी की निकासी नहीं हो पाती। जुलाना, पिल्लूखेड़ा व कुछ उचाना क्षेत्र में बाढ़ के कारण हर वर्ष सैंकड़ों किसानों की फसलें खराब होती हैं, तो विभागीय दावों की पोल खुलकर सामने आती है।
बाक्स
नाव की व्यवस्था सुचारू करवाने के नहीं लगे टेंडर
जिले में प्रशासन के पास 13 नाव हैं। इनको दुरूस्त करने व जरूरत के समय बाढ़ स्थल पर पहुंचाने समेत अन्य व्यवस्थाओं को बनाने के लिए टेंडर लगवाने बाकी हैं। प्रशासन के अनुसार आगामी 10 दिन में टेंडर प्रक्रिया का काम पूरा हो जाएगा। इसके बाद बाढ़ से बचाने के लिए जरूरत के समय नाव का प्रयोग किया जा सकेगा।
बाक्स
बारिश के समय बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन की तरफ से व्यवस्थाओं को दुरूस्त किया गया है। डीआरओ कार्यालय में कंट्रोल रूम बनाकर कर्मचारियों की तीन शिफ्टों में ड्यूटी लगाई गई है। अन्य विभागों द्वारा भी सभी तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
-राजकुमार जिला राजस्व अधिकारी जींद।
विज्ञापन
डीसी ने लगभग दो माह पहले ही बारिश के सीजन को लेकर अलर्ट किया था। इस दौरान सभी विभागों के अधिकारियों जिसमें जनस्वास्थ्य विभाग, नगर परिषद, सिंचाई विभाग व डीआरओ कार्यालय को समय रहते तैयारियों के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते अधिकतर काम अधूरे हैं।
विज्ञापन
प्रशासन ने बाढ से बचाव को लेकर कंट्रोल रुम डीआरओ कार्यालय में शिफ्ट कर दिया है। यहां पर तीन शिफ्टों में कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है, ताकि किसी भी आपदा के समय बचाव किया जा सके।
विज्ञापन
इसमें जनस्वास्थ्य विभाग व नगर परिषद को शहर के अंदर सीवरेज लाइन, नाले, मैनहोल की सफाई के लिए निर्देश दिए गए थे। वहीं सिंचाई विभाग को जिले के अंदर से गुजरने वाली ड्रेनों की साफ सफाई की जिम्मेदारी दी गई थी।
सिंचाई विभाग के अनुसार सभी ड्रेनों की सफाई करवा दी गई है। बरसात के समय आने वाली बाढ़ से निपटने के लिए ड्रेनों पर रखने के लिए मोटर, पंप व अन्य जरूरत के सामान की व्यवस्था भी की गई है। बाढ़ आने से पहले सभी विभाग अपनी तैयारियों को पूर्ण बता रहे हैं, लेकिन हर वर्ष बाढ़ के दौरान किसानों की फसल नष्ट हो जाती है।
कई-कई दिनों तक पानी की निकासी नहीं हो पाती। जुलाना, पिल्लूखेड़ा व कुछ उचाना क्षेत्र में बाढ़ के कारण हर वर्ष सैंकड़ों किसानों की फसलें खराब होती हैं, तो विभागीय दावों की पोल खुलकर सामने आती है।
बाक्स
नाव की व्यवस्था सुचारू करवाने के नहीं लगे टेंडर
जिले में प्रशासन के पास 13 नाव हैं। इनको दुरूस्त करने व जरूरत के समय बाढ़ स्थल पर पहुंचाने समेत अन्य व्यवस्थाओं को बनाने के लिए टेंडर लगवाने बाकी हैं। प्रशासन के अनुसार आगामी 10 दिन में टेंडर प्रक्रिया का काम पूरा हो जाएगा। इसके बाद बाढ़ से बचाने के लिए जरूरत के समय नाव का प्रयोग किया जा सकेगा।
बाक्स
बारिश के समय बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन की तरफ से व्यवस्थाओं को दुरूस्त किया गया है। डीआरओ कार्यालय में कंट्रोल रूम बनाकर कर्मचारियों की तीन शिफ्टों में ड्यूटी लगाई गई है। अन्य विभागों द्वारा भी सभी तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
-राजकुमार जिला राजस्व अधिकारी जींद।