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कांग्रेस ने बार-बार की लोकतंत्र की हत्या : सुरेंद्र पूनिया
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25सीटीके25... श्रीलालनाथ हिंदू कॉलेज में आपातकाल की बरसी पर आयोजित कार्यक्रम में मौजूद भाजपा के
रोहतक। भाजपा के प्रदेश महामंत्री सुरेंद्र पूनिया ने कहा कि कांग्रेस ने लोकतंत्र की बार-बार हत्या की। 90 चुनी गई सरकारों को बर्खास्त किया है। वे मंगलवार को श्री लालनाथ हिंदू कॉलेज के सभागार में आपातकाल की बरसी पर आयोजित कार्यक्रम में श्रोताओं को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर पूनिया ने लोकतंत्र सेनानियों को भी सम्मानित किया। कार्यक्रम को लोकतंत्र सेनानी के संगठन के अध्यक्ष सतीश कत्याल, रोहतक के पूर्व मेयर मनमोहन गोयल, डॉ मदन लाल गोयल, डॉ अशोक रंगा ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष एडवोकेट रणवीर ढाका ने की।
पूनिया ने कहा कि 25 जून 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश में आपातकाल लगाकर नागरिकों को मूलभूत अधिकारों से वंचित किया था। बिना अपराध किए 1 लाख 40 हजार लोगों को जेलों में ठूंस-ठूंस कर भर दिया था। तिहाड़ जेल की बैरक में जहां 1200 लोगों की क्षमता थी, वहां पर 3500 लोगों को ठूंसा गया। 1977 तक पूरे देश को सामान्य अधिकारों से वंचित रखा गया। उन्होंने कहा कि अब कांग्रेस नेता सामान्य परिवार से आए प्रधानमंत्री मोदी पर संविधान को लेकर सवाल खड़ा करते हैं। पूनिया ने कहा कि यह वही कांग्रेस है जिसने 75 बार संविधान में संशोधन किया। धारा 356 के माध्यम से 90 चुनी गई राज्य सरकारों को बर्खास्त किया। जबकि पूर्व प्रधानमंत्री अटल विहारी वाजपेयी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 10 साल के शासन के दौरान एक बार भी किसी राज्य के खिलाफ अनुच्छेद 356 का प्रयोग नहीं किया गया।
वहीं, लोकतंत्र सेनानी संगठन के अध्यक्ष सतीश कत्याल ने कहा कि संविधान की आत्मा मालिक अधिकारों को खत्म कर लोगों को यातनाएं दी गई। कांग्रेस की अघोषित तानाशाही का विरोध करने पर आरएसएस पर प्रतिबंध लगा दिया गया। इस मौके पर पूर्व विधायक सरिता नारायण, भाजपा नेत्री एडवोकेट राजबाला चहल, डॉ प्रेम सिंह हुड्डा जिला कोषाध्यक्ष सतीश आहुजा, कोऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष हरीश कौशिक, निगम पार्षद सुरेश किराड पूर्व सीनियर डिप्टी मेयर राजकमल उर्फ राजू सहगल, जिला मीडिया प्रभारी तरुण सनी शर्मा जिला उपाध्यक्ष हरिओम मित्तल भाली, धर्मवीर शर्मा रवि हुड्डा, लालचंद भारद्वाज,अजय शर्मा, धर्मेंद्र सैनी, राजेंद्र उर्फ राजू रावत के अलावा भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।
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पूनिया ने कहा कि 25 जून 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश में आपातकाल लगाकर नागरिकों को मूलभूत अधिकारों से वंचित किया था। बिना अपराध किए 1 लाख 40 हजार लोगों को जेलों में ठूंस-ठूंस कर भर दिया था। तिहाड़ जेल की बैरक में जहां 1200 लोगों की क्षमता थी, वहां पर 3500 लोगों को ठूंसा गया। 1977 तक पूरे देश को सामान्य अधिकारों से वंचित रखा गया। उन्होंने कहा कि अब कांग्रेस नेता सामान्य परिवार से आए प्रधानमंत्री मोदी पर संविधान को लेकर सवाल खड़ा करते हैं। पूनिया ने कहा कि यह वही कांग्रेस है जिसने 75 बार संविधान में संशोधन किया। धारा 356 के माध्यम से 90 चुनी गई राज्य सरकारों को बर्खास्त किया। जबकि पूर्व प्रधानमंत्री अटल विहारी वाजपेयी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 10 साल के शासन के दौरान एक बार भी किसी राज्य के खिलाफ अनुच्छेद 356 का प्रयोग नहीं किया गया।
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वहीं, लोकतंत्र सेनानी संगठन के अध्यक्ष सतीश कत्याल ने कहा कि संविधान की आत्मा मालिक अधिकारों को खत्म कर लोगों को यातनाएं दी गई। कांग्रेस की अघोषित तानाशाही का विरोध करने पर आरएसएस पर प्रतिबंध लगा दिया गया। इस मौके पर पूर्व विधायक सरिता नारायण, भाजपा नेत्री एडवोकेट राजबाला चहल, डॉ प्रेम सिंह हुड्डा जिला कोषाध्यक्ष सतीश आहुजा, कोऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष हरीश कौशिक, निगम पार्षद सुरेश किराड पूर्व सीनियर डिप्टी मेयर राजकमल उर्फ राजू सहगल, जिला मीडिया प्रभारी तरुण सनी शर्मा जिला उपाध्यक्ष हरिओम मित्तल भाली, धर्मवीर शर्मा रवि हुड्डा, लालचंद भारद्वाज,अजय शर्मा, धर्मेंद्र सैनी, राजेंद्र उर्फ राजू रावत के अलावा भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।
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