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Rohtak News: गोल्डन ऑवर की शिकायत वापस दिला सकती है ठगी गई राशि
Mon, 22 Sep 2025 02:05 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Mon, 22 Sep 2025 02:05 AM IST
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रोहतक। साइबर ठगी होने के गोल्डन ऑवर्स में यदि शिकायत की जाए तो पीड़ित से ठगी गई राशि वापस मिल सकती है। इस दौरान की गई कॉल के बाद साइबर जालसाज के खाते को फ्रीज कराया जा सकता है। यदि उसने शॉपिंग की है तो उसकी डिलिवरी भी रोकी जा सकती है।
इसी गोल्डन ऑवर्स में साइबर पोर्टल के 1930 नंबर पर कॉल करने से रोहतक पुलिस ने चार माह में 5 लाख से अधिक की राशि लोगों को वापस दिलाई है है। यदि आपके साथ भी इस तरह की घटना हो जाए तो तत्काल 1930 पर कॉल करके सूचना देते हुए साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। इससे आपकी ठगी गई राशि को वापस दिलाने में ही नहीं बल्कि साइबर जालसाज को पकड़ने में भी पुलिस को काफी मदद मिलेगी। संवाद
क्या है गोल्डन ऑवर्स
जब भी किसी व्यक्ति के साथ कोई साइबर ठगी होती है तो शुरुआती 30 मिनट बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। हालांकि, गोल्डन आवर को वारदात के बाद पहला घंटा माना गया है। साइबर थाना प्रभारी कुलदीप का कहना है कि यदि शुरुआती समय में पीड़ित सूचना साइबर पोर्टल पर दर्ज करा देता है तो उससे पीड़ित से ठगी धन राशि वापस मिलने की 90 फीसदी तक उम्मीद बढ़ जाती है।
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साइबर पोर्टल ऐसे करता है काम
देश के किसी भी शहर और स्थान से साइबर पोर्टल के 1930 नंबर पर कॉल करके शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। शिकायत दर्ज होने के 7-8 मिनट के अंदर उस बैंक या ई-साइट को एक अलर्ट मैसेज पहुंच जाता है। मैसेज के बाद आपके खाते से चुराई गई धनराशि को बैंक से होल्ड करा दिया जाता है। जब किसी के साथ साइबर धोखाधड़ी की घटना के बाद रकम ट्रांसफर की जाती है तब वह किसी एक अकाउंट में जाती है। इसके बाद उस अकाउंट से भी रकम अन्य अकाउंट में साइबर जालसाज ट्रांसफर करते हैं। ऐसे में पुलिस के पास समय रहते जानकारी पहुंच जाती है। वह बैंक से संपर्क कर उस अकाउंट को ब्लॉक या आई राशि को फ्रीज करा सकती है।
गोल्डन ऑवर में कॉल करने वालों को मिली राशि
केस 1-भरत कॉलोनी निवासी विजेंद्र के साथ हुई 2.90 लाख रुपये की धोखाधड़ी में उनको 1.80 लाख वापस मिले।
केस 2- मस्तनाथ नगर निवासी सुधीर के साथ 1.11 लाख रुपये की हुई ठगी में उसे 95 हजार रुपये मिले।
केस 3-महम निवासी भीम से 1.70 लाख की ठगी हुई। उनको अभी तक 1.30 लाख रुपये वापस मिल गए हैं।
साइबर ठगी हो तो करें यह काम
-सबसे पहले 1930 पर का कॉल करें और https://cybercrime.gov.in वेबसाइट पर शिकायत दर्ज कराएं।
-अपने बैंक को पूरी घटना की जानकारी दें। तुरंत खाते की ट्रांजेक्शन को ब्लॉक कराएं।
-धोखाधड़ी होने पर अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन में जाकर शिकायत दर्ज करवाएं।
-शिकायत दर्ज कराते समय बैंक पासबुक, रिकॉर्ड की कॉपी, आईडी और एड्रेस प्रूफ भी हो।
-धोखाधड़ी से संबंधित सभी साक्ष्य जैसे कि स्क्रीन शॉट, चेट और अन्य संबंधित जानकारी एकत्र करें।
साइबर ठगी का शुरुआती एक घंटा गोल्डन आवर होता है। इसमें भी पहले 30 मिनट सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। यदि इस समय सूचना दे दी जाती है तो ठगी गई रकम 90 फीसदी तक मिलने की उम्मीद होती है। रोहतक में चार माह में 5 लाख रुपये लोगों को इसी गोल्डन आवर की वजह से वापस मिल सके हैं। -नरेंद्र बिजारनिया, एसपी, रोहतक।
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इसी गोल्डन ऑवर्स में साइबर पोर्टल के 1930 नंबर पर कॉल करने से रोहतक पुलिस ने चार माह में 5 लाख से अधिक की राशि लोगों को वापस दिलाई है है। यदि आपके साथ भी इस तरह की घटना हो जाए तो तत्काल 1930 पर कॉल करके सूचना देते हुए साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। इससे आपकी ठगी गई राशि को वापस दिलाने में ही नहीं बल्कि साइबर जालसाज को पकड़ने में भी पुलिस को काफी मदद मिलेगी। संवाद
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क्या है गोल्डन ऑवर्स
जब भी किसी व्यक्ति के साथ कोई साइबर ठगी होती है तो शुरुआती 30 मिनट बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। हालांकि, गोल्डन आवर को वारदात के बाद पहला घंटा माना गया है। साइबर थाना प्रभारी कुलदीप का कहना है कि यदि शुरुआती समय में पीड़ित सूचना साइबर पोर्टल पर दर्ज करा देता है तो उससे पीड़ित से ठगी धन राशि वापस मिलने की 90 फीसदी तक उम्मीद बढ़ जाती है।
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साइबर पोर्टल ऐसे करता है काम
देश के किसी भी शहर और स्थान से साइबर पोर्टल के 1930 नंबर पर कॉल करके शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। शिकायत दर्ज होने के 7-8 मिनट के अंदर उस बैंक या ई-साइट को एक अलर्ट मैसेज पहुंच जाता है। मैसेज के बाद आपके खाते से चुराई गई धनराशि को बैंक से होल्ड करा दिया जाता है। जब किसी के साथ साइबर धोखाधड़ी की घटना के बाद रकम ट्रांसफर की जाती है तब वह किसी एक अकाउंट में जाती है। इसके बाद उस अकाउंट से भी रकम अन्य अकाउंट में साइबर जालसाज ट्रांसफर करते हैं। ऐसे में पुलिस के पास समय रहते जानकारी पहुंच जाती है। वह बैंक से संपर्क कर उस अकाउंट को ब्लॉक या आई राशि को फ्रीज करा सकती है।
गोल्डन ऑवर में कॉल करने वालों को मिली राशि
केस 1-भरत कॉलोनी निवासी विजेंद्र के साथ हुई 2.90 लाख रुपये की धोखाधड़ी में उनको 1.80 लाख वापस मिले।
केस 2- मस्तनाथ नगर निवासी सुधीर के साथ 1.11 लाख रुपये की हुई ठगी में उसे 95 हजार रुपये मिले।
केस 3-महम निवासी भीम से 1.70 लाख की ठगी हुई। उनको अभी तक 1.30 लाख रुपये वापस मिल गए हैं।
साइबर ठगी हो तो करें यह काम
-सबसे पहले 1930 पर का कॉल करें और https://cybercrime.gov.in वेबसाइट पर शिकायत दर्ज कराएं।
-अपने बैंक को पूरी घटना की जानकारी दें। तुरंत खाते की ट्रांजेक्शन को ब्लॉक कराएं।
-धोखाधड़ी होने पर अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन में जाकर शिकायत दर्ज करवाएं।
-शिकायत दर्ज कराते समय बैंक पासबुक, रिकॉर्ड की कॉपी, आईडी और एड्रेस प्रूफ भी हो।
-धोखाधड़ी से संबंधित सभी साक्ष्य जैसे कि स्क्रीन शॉट, चेट और अन्य संबंधित जानकारी एकत्र करें।
साइबर ठगी का शुरुआती एक घंटा गोल्डन आवर होता है। इसमें भी पहले 30 मिनट सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। यदि इस समय सूचना दे दी जाती है तो ठगी गई रकम 90 फीसदी तक मिलने की उम्मीद होती है। रोहतक में चार माह में 5 लाख रुपये लोगों को इसी गोल्डन आवर की वजह से वापस मिल सके हैं। -नरेंद्र बिजारनिया, एसपी, रोहतक।