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Rohtak News: परीक्षार्थियों को 20 केंद्रों पर लॉ ऑफ क्राइम की जगह बांट दिए कंपनी लॉ के प्रश्न पत्र
Tue, 17 Jun 2025 02:35 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Tue, 17 Jun 2025 02:35 AM IST
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16सीटीके02...एमडीयू में सुबह एक घंटे देरी से शुरू हुए बीए एलएलबी का पेपर देकर आते विद्यार्थी। स
रोहतक। एमडीयू एक बार फिर चर्चा में है। इस बार मामला गलत प्रश्न पत्र बांटे जाने का है। विधि विभाग के परीक्षार्थियों को लॉ ऑफ क्राइम की जगह कंपनी लॉ का प्रश्न पत्र थमा दिया गया। परीक्षा शाखा की यह बड़ी चूक परीक्षार्थियों के लिए सिर दर्द बन गई। विद्यार्थियों ने आवाज उठाई तो मामला विवि प्रशासन के संज्ञान में आया और एक घंटे बाद सही प्रश्न पत्रों की फोटो प्रति परीक्षार्थियों को मुहैया कराकर मामला शांत किया गया।
सोमवार को एमडीयू व संबद्ध महाविद्यालयों समेत 20 केंद्रों पर विधि विभाग के चौथे सेमेस्टर की लॉ ऑफ क्राइम की परीक्षा होनी थी। इसके लिए परीक्षा 9:30 बजे से पहले विद्यार्थी केंद्रों पर पहुंच गए। इन्हें ठीक समय पर प्रश्न पत्र दिया गया। प्रश्न पत्र हाथ में आते ही परीक्षार्थी परेशान हो उठे।
परीक्षार्थियों को गलत पेपर मिला तो परीक्षा केंद्र के निरीक्षक को अवगत कराया गया। इसके बाद प्रश्न पत्र वाले पैकेट जांचे गए। इन पर बाहर सही विषय लिखा था, जबकि अंदर कंपनी लॉ के प्रश्न पत्र मिले। इस पर मामला अधिकारियों के संज्ञान में लाया गया।
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10:30 बजे शुरू हो पाई परीक्षा, 1:30 बजे हुई संपन्न
एमडीयू प्रशासन ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत लाॅ ऑफ क्राइम के प्रश्न पत्र ई-मेल के जरिए सभी 20 केंद्रों पर भेजे। प्रदेश के विभिन्न जिलों के केंद्रों पर इन प्रश्न पत्रों की फोटोकॉपी कराई गई। इसके बाद इन्हें परीक्षार्थियों में वितरित किया गया।
इस प्रक्रिया में करीब एक घंटा लग गया। नतीजतन, 9:30 बजे शुरू होने वाली परीक्षा 10:30 बजे शुरू हुई। यह परीक्षा 12:30 बजे की जगह डेढ़ बजे तक चली। परीक्षार्थियों को विवि की ओर से पूरे तीन घंटे का समय दिया गया।
आखिर कहां और कैसे हुई चूक
एमडीयू की परीक्षा शाखा विद्यार्थियों की परीक्षा के लिए पूरी सतर्कता बरतती है। इसके लिए शाखा के बाहर सुरक्षा पहरा भी दोहरा रहता है। यहां गार्ड के अलावा सीसीटीवी भी लगे हैं।
यही नहीं, परीक्षा के लिए प्रश्न पत्रों की गोपनीयता बनाए रखने का भी पूरा ध्यान रखा जाता है। इसके बावजूद प्रश्न पत्रों के पैकेट बदलना अपने आप में सवाल उठा रहा है। यह चूक कहां और कैसे हुई, इसका जवाब विवि प्रशासन भी तलाश रहा है। इसके जवाब से ही गड़बड़ी सामने आएगी और परीक्षा शाखा की गोपनीयता व सुचिता बरकरार रह सकती है।
हमारे चौथे सेमेस्टर की परीक्षा साढ़े 9 बजे शुरू हुई। यहां हमें कंपनी लॉ का पेपर बांट दिया गया, जबकि परीक्षा लॉ ऑफ क्राइम की थी। प्रबंधन के संज्ञान में मामला आने पर सही विषय के प्रश्न पत्र वितरित किए गए।
- सुंदर, परीक्षार्थी।
परीक्षा में गलत प्रश्न पत्र बांटने से एक घंटे बाद परीक्षा शुरू हुई। सुबह 10:30 बजे परीक्षा शुरू हुई। पेपर के लिए पूरे तीन घंटे का समय दिया गया। प्रश्न पत्र के रूप में ए-4 शीट की फोटोकॉपी दी गई। इसी से परीक्षा दी।
- यश, परीक्षार्थी।
विधि विभाग की परीक्षा थी। गलत प्रश्न पत्र बंटने का मामला संज्ञान में आया है। इस कारण परीक्षा एक घंटे देरी से शुरू हुई। ई-मेल से सभी केंद्रों पर सही प्रश्न पत्र भेजकर परीक्षा शुरू कराई गई। परीक्षार्थियों को पूरा समय दिया गया है।
- प्रो. राहुल रिषी, परीक्षा नियंत्रक, एमडीयू।
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सोमवार को एमडीयू व संबद्ध महाविद्यालयों समेत 20 केंद्रों पर विधि विभाग के चौथे सेमेस्टर की लॉ ऑफ क्राइम की परीक्षा होनी थी। इसके लिए परीक्षा 9:30 बजे से पहले विद्यार्थी केंद्रों पर पहुंच गए। इन्हें ठीक समय पर प्रश्न पत्र दिया गया। प्रश्न पत्र हाथ में आते ही परीक्षार्थी परेशान हो उठे।
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परीक्षार्थियों को गलत पेपर मिला तो परीक्षा केंद्र के निरीक्षक को अवगत कराया गया। इसके बाद प्रश्न पत्र वाले पैकेट जांचे गए। इन पर बाहर सही विषय लिखा था, जबकि अंदर कंपनी लॉ के प्रश्न पत्र मिले। इस पर मामला अधिकारियों के संज्ञान में लाया गया।
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10:30 बजे शुरू हो पाई परीक्षा, 1:30 बजे हुई संपन्न
एमडीयू प्रशासन ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत लाॅ ऑफ क्राइम के प्रश्न पत्र ई-मेल के जरिए सभी 20 केंद्रों पर भेजे। प्रदेश के विभिन्न जिलों के केंद्रों पर इन प्रश्न पत्रों की फोटोकॉपी कराई गई। इसके बाद इन्हें परीक्षार्थियों में वितरित किया गया।
इस प्रक्रिया में करीब एक घंटा लग गया। नतीजतन, 9:30 बजे शुरू होने वाली परीक्षा 10:30 बजे शुरू हुई। यह परीक्षा 12:30 बजे की जगह डेढ़ बजे तक चली। परीक्षार्थियों को विवि की ओर से पूरे तीन घंटे का समय दिया गया।
आखिर कहां और कैसे हुई चूक
एमडीयू की परीक्षा शाखा विद्यार्थियों की परीक्षा के लिए पूरी सतर्कता बरतती है। इसके लिए शाखा के बाहर सुरक्षा पहरा भी दोहरा रहता है। यहां गार्ड के अलावा सीसीटीवी भी लगे हैं।
यही नहीं, परीक्षा के लिए प्रश्न पत्रों की गोपनीयता बनाए रखने का भी पूरा ध्यान रखा जाता है। इसके बावजूद प्रश्न पत्रों के पैकेट बदलना अपने आप में सवाल उठा रहा है। यह चूक कहां और कैसे हुई, इसका जवाब विवि प्रशासन भी तलाश रहा है। इसके जवाब से ही गड़बड़ी सामने आएगी और परीक्षा शाखा की गोपनीयता व सुचिता बरकरार रह सकती है।
हमारे चौथे सेमेस्टर की परीक्षा साढ़े 9 बजे शुरू हुई। यहां हमें कंपनी लॉ का पेपर बांट दिया गया, जबकि परीक्षा लॉ ऑफ क्राइम की थी। प्रबंधन के संज्ञान में मामला आने पर सही विषय के प्रश्न पत्र वितरित किए गए।
- सुंदर, परीक्षार्थी।
परीक्षा में गलत प्रश्न पत्र बांटने से एक घंटे बाद परीक्षा शुरू हुई। सुबह 10:30 बजे परीक्षा शुरू हुई। पेपर के लिए पूरे तीन घंटे का समय दिया गया। प्रश्न पत्र के रूप में ए-4 शीट की फोटोकॉपी दी गई। इसी से परीक्षा दी।
- यश, परीक्षार्थी।
विधि विभाग की परीक्षा थी। गलत प्रश्न पत्र बंटने का मामला संज्ञान में आया है। इस कारण परीक्षा एक घंटे देरी से शुरू हुई। ई-मेल से सभी केंद्रों पर सही प्रश्न पत्र भेजकर परीक्षा शुरू कराई गई। परीक्षार्थियों को पूरा समय दिया गया है।
- प्रो. राहुल रिषी, परीक्षा नियंत्रक, एमडीयू।

16सीटीके02...एमडीयू में सुबह एक घंटे देरी से शुरू हुए बीए एलएलबी का पेपर देकर आते विद्यार्थी। स