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10 माह में पैसे दोगुना करने वाली कंपनी का पर्दाफाश, मालिक सहित तीन गिरफ्तार
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दस माह में पैसे दोगुना करने के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वाली कंपनी का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। जिला पुलिस की आर्थिक अपराध जांच शाखा ने कार्रवाई करते हुए कंपनी मालिक सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। एक आरोपी महिला को जहां न्यायिक हिरासत के चलते शुक्रवार को जेल भेज दिया गया, जबकि दो को रिमांड पर लिया गया है।
आर्थिक अपराध जांच शाखा के एसआई राजू सिंधु ने बताया कि 18 अक्तूबर 2021 को गोहाना के आदर्श नगर निवासी मनीष की शिकायत के आधार पर अर्बन एस्टेट थाने में धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया था। मनीष ने दी शिकायत में आरोप लगाया था कि उसकी रजनीश नाम के युवक से जान-पहचान थी। रजनीश ने बताया था कि उसने दोस्तों के साथ मिलकर रोहतक में एक ट्रेडिंग कंपनी का कार्यालय खोला है। रजनीश ने मनीष को बताया कि वह दस महीने मे पैसा दोगुना करके देता है। रजनीश ने मनीष को बताया कि एक लाख रुपये जमा करने पर प्रत्येक 15 दिन में 6 हजार 880 रुपये की किस्त दी जाती है। रजनीश ने मनीष को कंपनी में पैसे जमा करने के लिए कहा। मनीष ने बहकावे में आकर रजनीश को एक लाख रुपये दे दिए। रजनीश ने कहा कि रशीद वह बाद में दे देगा। 15 दिन बाद उसने 20 हजार रुपये वापस दे दिए। इस पर मनीष ने अपनी बहन के 50 हजार रुपये कंपनी में लगा दिए। करीब 15 दिन बाद मनीष की बहन को 3 हजार 442 रुपये वापस मिल गए। उसके बाद रजनीश व उसके साथी कंपनी बंद करके फरार हो गए। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए अब सोनीपत के गांव कथूरा निवासी रजनीश, सोनीपत के गुहना गांव निवासी पूनम व हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के गांव सामती निवासी गीता को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में सामने आया कि 2020 में रजनीश, विरेंद्र, पूनम, रणधीर व ईश्वर सिंह ने मिलकर कंपनी रजिस्टर्ड करवाई थी। इसका कार्यालय रोहतक स्थित दिल्ली रोड पर खोला था। आरोपी सामान के माध्यम से लोगों को झांसे में लेकर लाखों रुपये कंपनी में लगवाते थे। शुक्रवार को पुलिस ने आरोपी रजनीश को 4 दिन, पूनम को 2 दिन के रिमांड पर लिया। जबकि गीता को एक दिन के रिमांड के बाद अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
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आर्थिक अपराध जांच शाखा के एसआई राजू सिंधु ने बताया कि 18 अक्तूबर 2021 को गोहाना के आदर्श नगर निवासी मनीष की शिकायत के आधार पर अर्बन एस्टेट थाने में धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया था। मनीष ने दी शिकायत में आरोप लगाया था कि उसकी रजनीश नाम के युवक से जान-पहचान थी। रजनीश ने बताया था कि उसने दोस्तों के साथ मिलकर रोहतक में एक ट्रेडिंग कंपनी का कार्यालय खोला है। रजनीश ने मनीष को बताया कि वह दस महीने मे पैसा दोगुना करके देता है। रजनीश ने मनीष को बताया कि एक लाख रुपये जमा करने पर प्रत्येक 15 दिन में 6 हजार 880 रुपये की किस्त दी जाती है। रजनीश ने मनीष को कंपनी में पैसे जमा करने के लिए कहा। मनीष ने बहकावे में आकर रजनीश को एक लाख रुपये दे दिए। रजनीश ने कहा कि रशीद वह बाद में दे देगा। 15 दिन बाद उसने 20 हजार रुपये वापस दे दिए। इस पर मनीष ने अपनी बहन के 50 हजार रुपये कंपनी में लगा दिए। करीब 15 दिन बाद मनीष की बहन को 3 हजार 442 रुपये वापस मिल गए। उसके बाद रजनीश व उसके साथी कंपनी बंद करके फरार हो गए। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए अब सोनीपत के गांव कथूरा निवासी रजनीश, सोनीपत के गुहना गांव निवासी पूनम व हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के गांव सामती निवासी गीता को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में सामने आया कि 2020 में रजनीश, विरेंद्र, पूनम, रणधीर व ईश्वर सिंह ने मिलकर कंपनी रजिस्टर्ड करवाई थी। इसका कार्यालय रोहतक स्थित दिल्ली रोड पर खोला था। आरोपी सामान के माध्यम से लोगों को झांसे में लेकर लाखों रुपये कंपनी में लगवाते थे। शुक्रवार को पुलिस ने आरोपी रजनीश को 4 दिन, पूनम को 2 दिन के रिमांड पर लिया। जबकि गीता को एक दिन के रिमांड के बाद अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
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