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चीनी मिलों पर सामूहिक हुक्का और ताश बंद
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कई गांववासियों द्वारा पहल के बाद अब चीनी मिलों पर भी सामूहिक हुक्का और ताश बंद हो गया है। कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए मिल प्रबंधकों और किसान नेताओं की अपील के बाद किसान खुद ही सामजिक दूरी के नियम का पालन कर रहे हैं। लॉकडाउन होने पर लोग घरों में रहकर खुद को सुरक्षित कर रहे हैं, वहीं गन्ना उत्पादक किसान ऐसे हालात में भी गन्ने की पेराई के लिए चीनी मिलों पर इंतजार करने को मजबूर हैं।
रोहतक और महम की चीनी मिलों के बाहर सैकड़ों की संख्या में किसान अपनी बारी के इंतजार में बैठे हैं। आम दिनों की तरह किसान यहां भी ग्रुप में बैठ कर ताश खेल कर समय व्यतीत कर रहे थे। किसानों का यह जमावड़ा कोरोना के मद्देनजर खतरनाक हो सकता था। इसलिए चीनी मिल प्रबंधकों ने किसानों से अपील की। साथ ही रेस्ट हाउस और कैंटीन बंद कर दीं। किसान सभा के प्रधान प्रीत सिंह ने खुद दोनों मिलों पर जाकर किसानों को कोरोना के खतरे के बारे में बताया। कहा कि सामाजिक दूरी जरूरी है। इसलिए आप अपने-अपने ट्रैक्टर ट्रॉलियों में बैठ कर इंतजार करें। इसके बाद किसानों ने सामूहिक हुक्का और ताश खेलना बंद कर दिया और अपने ट्रैक्टरों पर बैठकर मोबाइल पर टाइमपास कर रहे हैं।
रोहतक का गन्ना महम शिफ्ट करने की मांग
किसान सभा के प्रधान प्रीत सिंह ने कहा रोहतक मिल में अभी काफी गन्ना पेंडिंग है। जबकि महम मिल में गन्ने की पेराई एक सप्ताह में खत्म होने की उम्मीद है। अगर प्रशासन रोहतक का कुछ गन्ना महम भेज दे तो दोनों मिलें चलती रहेंगी। पेराई सीजन जल्दी खत्म हो जाएगा। किसान भी जल्दी फ्री हो जाएंगे। कोरोना को देखते हुए ऐसा करना लाभदायक भी होगा।
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रोहतक मिल में पेराई अप्रैल अंत तक चलने की उम्मीद है। यहां का गन्ना महम भेजने का फैसला मिल प्रबंधक नहीं, प्रशासन ले सकता है। मिल में पूरी तरह सामाजिक दूरी के नियम का पालन करवाया जा रहा है। हाथ धोने के लिए पूरे इंतजाम किए गए हैं। ऐसी व्यवस्था की गई कि मिल स्टाफ और किसानों के बीच सीधा संपर्क न हो।
- मानव मलिक, एमडी, रोहतक चीनी मिल
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रोहतक और महम की चीनी मिलों के बाहर सैकड़ों की संख्या में किसान अपनी बारी के इंतजार में बैठे हैं। आम दिनों की तरह किसान यहां भी ग्रुप में बैठ कर ताश खेल कर समय व्यतीत कर रहे थे। किसानों का यह जमावड़ा कोरोना के मद्देनजर खतरनाक हो सकता था। इसलिए चीनी मिल प्रबंधकों ने किसानों से अपील की। साथ ही रेस्ट हाउस और कैंटीन बंद कर दीं। किसान सभा के प्रधान प्रीत सिंह ने खुद दोनों मिलों पर जाकर किसानों को कोरोना के खतरे के बारे में बताया। कहा कि सामाजिक दूरी जरूरी है। इसलिए आप अपने-अपने ट्रैक्टर ट्रॉलियों में बैठ कर इंतजार करें। इसके बाद किसानों ने सामूहिक हुक्का और ताश खेलना बंद कर दिया और अपने ट्रैक्टरों पर बैठकर मोबाइल पर टाइमपास कर रहे हैं।
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रोहतक का गन्ना महम शिफ्ट करने की मांग
किसान सभा के प्रधान प्रीत सिंह ने कहा रोहतक मिल में अभी काफी गन्ना पेंडिंग है। जबकि महम मिल में गन्ने की पेराई एक सप्ताह में खत्म होने की उम्मीद है। अगर प्रशासन रोहतक का कुछ गन्ना महम भेज दे तो दोनों मिलें चलती रहेंगी। पेराई सीजन जल्दी खत्म हो जाएगा। किसान भी जल्दी फ्री हो जाएंगे। कोरोना को देखते हुए ऐसा करना लाभदायक भी होगा।
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रोहतक मिल में पेराई अप्रैल अंत तक चलने की उम्मीद है। यहां का गन्ना महम भेजने का फैसला मिल प्रबंधक नहीं, प्रशासन ले सकता है। मिल में पूरी तरह सामाजिक दूरी के नियम का पालन करवाया जा रहा है। हाथ धोने के लिए पूरे इंतजाम किए गए हैं। ऐसी व्यवस्था की गई कि मिल स्टाफ और किसानों के बीच सीधा संपर्क न हो।
- मानव मलिक, एमडी, रोहतक चीनी मिल