सरपंचों को जिम्मेदारी समझा गए सीएम खट्टर
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शपथ ग्रहण समारोह में मंत्रियों ने सरपंचों के सामने सरकार की उपलब्धियां गिनाईं तो सीएम मनोहर लाल खट्टर ने सरपंचों को जिम्मेदारी का पाठ पढ़ाया। वह पाठ भी ऐसा पढ़ाया, जिससे सरकार की योजनाओं को सभी सरपंच हर आदमी तक पहुंचाएं।
बिजली बिल भरवाने से लेकर बेटियों को बचाने के लिए सरपंच भी जागरूकता अभियान चलाएंगे तो पौधारोपण को बढ़ावा देने की अपील भी सरपंचों से की गई। इनके अलावा भी कई जिम्मेदारी सरपंचों को दी गईं। सीएम मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि किसी को आपस में नहीं लड़ना चाहिए, बल्कि ‘हरियाणा एक, हरियाणवी एक’ के नारे के साथ रहना चाहिए। अब गांव के लोगों को ‘गांव एक है, गांववासी एक हैं’ के नारे के साथ रहना चाहिए।
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ को बढ़ाएं
खट्टर ने कहा कि बेटियों का स्थान बेटों से बड़ा होता है। कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के लिए सरकार ने सख्ती से कार्रवाई की है। अब सरपंच सामाजिक कार्य के लिए एक साथ आगे आएं और सहयोग दें।
बिजली का बिल भरवाओ, दाम कम करवाओ
सीएम ने कहा कि राज्य सरकार को हर साल बिजली क्षेत्र में 29 हजार करोड़ रुपये का घाटा हो रहा है। इस घाटे का कारण चोरी, लाइन लास, बिल नहीं भरना है। इसे रोकने के लिए सरपंचों को सहयोग करना है। अगले तीन वर्षों के लिए बिजली की दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी, बल्कि घाटा कम होता है तो बिजली की दरें कम हो सकती हैं।
सरकार की बीमा योजना सभी तक पहुंचाए
सीएम ने सरपंचों से कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने 12 रुपये और 330 रुपये की बीमा पालिसी शुरू की है, जिसे गांव के सभी व्यक्तियों के पास पहुंचाना है। राज्य सरकार 25 रुपये में बकरी और 100 रुपये में गाय, भैंस और खच्चर का बीमा करा रही है। फसल बीमा योजना भी जल्द शुरू हो जाएगी।
खापों की तरह काम करें सरपंच
खट्टर ने कहा कि पुराने समय में खाप पंचायतें हर तरह के विवाद को खुद ही सुलझा देती थीं। इससे समाज में बिखराव नहीं होता था और सभी एक-दूसरे से जुड़े रहते थे। इसलिए सरपंचों को खापों की तरह सभी के साथ मिल-जुलकर विकास की नींव रखनी होगी।