Rohtak: जन सुनवाई के लिए पहुंचे सीएम मनोहर लाल, मुलाकात न होने पर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
जनसुनवाई के दौरान आजाद अत्री नाम का शिकायतकर्ता पहुंचा था। सीएम ने शिकायतकर्ता को लिखित शिकायत देने के लिए कहा तो शिकायतकर्ता ने मना कर दिया। तैनात सुरक्षाकर्मियों ने शिकायतकर्ता को बाहर जाने के लिए कहा तो उसने नाराजगी जताते हुए नारेबाजी शुरू कर दी।
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रोहतक में जन सुनवाई करने के लिए गुरुवार को सीएम मनोहर लाल जिला विकास भवन पहुंचे। जन सुनवाई के दौरान सीएम को चकबंदी संबंधित शिकायत करने के लिए निंदाना गांव के सैंकड़ों लोग पहुंचे थे। ग्रामीण सुबह से ही सीएम से मिलने का इंतजार कर रहे थे। प्रशासन ने ग्रामीणों को सीएम से मिलने का आश्वासन देते रहे लेकिन ग्रामीणों को मिलने नहीं दिया।
सीएम ने जनसुनवाई के दौरान 101 लोगों की समस्या को सुना। इसके बाद सीएम कैनाल रेस्ट हाउस चले गए। वहीं गुस्साए ग्रामीणों ने कैनाल रेस्ट हाऊस के गेट के बाहर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। नाराज ग्रामीणों को समझाने के लिए एडीसी महिंदर पाल, एसडीएम राकेश कुमार, डीएसपी मुख्यालय डॉ रविंद्र ने बातचीत की। लेकिन ग्रामीणों का गुस्सा शांत नहीं हुआ।
बुजुर्ग महिला को 2500 रुपये सौंपे, कहा- अगले महीने पेंशन मिल जाएगी
सीएम मनोहर लाल ने बुजुर्गों से बातचीत की और अधिकारियों को पेंशन से जुड़ी शिकायतों का जल्द से जल्द समाधान करने का निर्देश दिया। सीएम मनोहर लाल ने एक बुजुर्ग महिला को 2500 रुपये सौंपे और आश्वासन दिया कि अगले महीने पेंशन मिल जाएगी।
ग्रामीणों की शिकायत को सीएम के पास पहुंचाया तो उन्होंने एक महीने में काम पूरा करने का आश्वासन दिया। एसडीएम ने सीएम के आश्वासन के बारे में ग्रामीणों को बताया लेकिन ग्रामीण सीएम से मिलने की जिद पर अड़े रहे। ग्रामीणों को समझाने के लिए प्रशासन बातचीत कर रहा है।
सीएम के सामने भी हुआ विरोध
जनसुनवाई के दौरान आजाद अत्री नाम का शिकायतकर्ता पहुंचा था। सीएम ने शिकायतकर्ता को लिखित शिकायत देने के लिए कहा तो शिकायतकर्ता ने मना कर दिया। तैनात सुरक्षाकर्मियों ने शिकायतकर्ता को बाहर जाने के लिए कहा तो उसने नाराजगी जताते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। नारेबाजी करते हुए शिकायतकर्ता ने कहा कि सीएम साहब हम भी भाजपा के कार्यकर्ता हैं। सुरक्षाकर्मियों ने उसे बाहर निकाल दिया। पार्किंग में पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर के साथ भी शिकायतकर्ता ने बहस की।