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Rohtak News: लिपिक हड़ताल पर, अब सेवादार बनाएंगे बस पास

Thu, 10 Aug 2023 01:36 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक Updated Thu, 10 Aug 2023 01:36 AM IST
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Clerks on strike, now servicemen will make bus passes
रोहतक। लिपिकों की हड़ताल के चलते विद्यार्थियों को बस पास बनवाने के लिए परेशान न होना पडे़, इसके लिए रोडवेज विभाग ने अब सेवादारों की ड्यूटी लगा दी है। क्योंकि नए सत्र में विद्यार्थियों के विश्वविद्यालय व कॉलेजों में लगभग सभी दाखिले हो चुके हैं। छात्रों व दैनिक यात्रियों को आने-जाने में परेशानी न हो उनके लिए बस पास की सुविधा को देखते हुए दो सेवादारों को नियुक्त किया है। पिछले 35 दिन से लिपिक हड़ताल के चलते अभी तक डिपो में 350 से ज्यादा बस पास के आवेदन आ चुके हैं। इनमें से अभी तक 200 से ज्यादा पास बनाकर सौंपे जा चुके हैं।
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लिपिक अपनी मांगों को लेकर पिछले 35 दिन से हड़ताल और धरने पर डटे हुए हैं। इससे रोडवेज डिपो में पिछले 25 दिन से बस पास ही नहीं बनाए जा रहे थे। लिपिकों के जाने के बाद बस पास कार्यालय बंद होने से विद्यार्थी व दैनिक यात्री पास के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हुए। लेकिन हड़ताल के चलते उन्हें टिकट लेकर ही यात्रा करनी पड़ी। डिपो में बस पास के लिए रोजाना 100 से ज्यादा विद्यार्थी समेत दैनिक यात्री आते लेकिन वह मायूस ही वापस लौट जाते। विद्यार्थियों को आने-जाने में किसी तरह की परेशानी न हो इसके लिए दो सेवादारों को लगा दिया गया है। जो कागजात कार्रवाई पूरी कर छात्रों को पास देने में मदद करेंगे।
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हर वर्ष 40 हजार विद्यार्थी बस पास के लिए करते हैं आवेदन
हर वर्ष नए सत्र में विश्वविद्यालयों व कॉलेजों के लगभग 40 हजार विद्यार्थी बस पास के लिए आवेदन करते हैं। इनमें से 15 हजार से ज्यादा पास लड़कियों के बनाए जाते हैं। वहीं अलग-अलग जिलों में जाने वाले पांच हजार से ज्यादा दैनिक यात्रियों के पास रिन्यू होते हैं। लेकिन लिपिकों की हड़ताल के चलते यह पास अभी चार दिन पहले तक अटके हुए थे। विद्यार्थियों की परेशानी को देखते हुए यह कदम उठाया गया है ताकि उन्हें आने जाने में आर्थिक समस्या का सामना न करना पड़े।
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लिपिक हड़ताल पर गए हैं। कॉलेजों में विद्यार्थियों के दाखिले हो चुके हैं। उन्हें आने-जाने में कोई समस्या न हो इसलिए बस पास के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। इससे दैनिक यात्रियों को बस पास रिन्यू कराने में भी आसानी होगी।
- भारत भूषण गोगिया, महाप्रबंधक, रोडवेज डिपो
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