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हरियाणा की पुरातन सभ्यता और आधुनिक विकास का अनूठा संगम : कुलपति
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22-एमडीयू में हरियाणा दिवस पर कुलपति प्रो मिलाप का स्वागत करते लाइब्रेरी स्टाफ। स्रोत: एमडीयू
- फोटो : samvad
रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) के कुलपति प्रो. मिलाप पूनिया ने कहा कि हरियाणा केवल एक राज्य नहीं बल्कि भारत की पुरातन सभ्यता का केंद्र है। प्रदेश की समृद्ध विरासत, गौरवशाली इतिहास और सांस्कृतिक पहचान के साथ कृषि, खेल, सैन्य संगठन, उच्च शिक्षा और विज्ञान के क्षेत्र में भी इसका महत्वपूर्ण योगदान है। विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को हासिल करने में हरियाणा की अहम भूमिका रहेगी। वे रविवार को विवेकानंद पुस्तकालय में हरियाणा दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
कार्यक्रम में कुलपति ने हरियाणा के इतिहास, संस्कृति, लोककला, साहित्य, स्वतंत्रता सेनानियों और प्रमुख विभूतियों पर आधारित पुस्तकों की प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रदर्शनियां प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को समझने का अवसर देती हैं। साथ ही विश्वविद्यालय परिसर से समाज तक पुस्तक संस्कृति को बढ़ावा देने की जरूरत है।
इस अवसर पर हरियाणा कल, आज और कल विषय पर संवाद कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। कुलपति ने कहा कि हरियाणा में प्राचीन सभ्यता और आधुनिक विकास साथ-साथ आगे बढ़ रहे हैं। महाभारत की ऐतिहासिक भूमि आज कृषि और उद्योग आधारित अर्थव्यवस्था में तेजी से आगे बढ़ रही है। हालांकि लैंगिक समानता, समावेशी शिक्षा, भूजल संरक्षण और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों पर भी गंभीरता से काम करने की जरूरत है।
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कार्यक्रम में कुलसचिव प्रो. संदीप बंसल, डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. सपना गर्ग, प्रो. रणदीप राणा सहित शिक्षकों और विद्यार्थियों ने विचार रखे। छात्रा मुस्कान ने हरियाणवी गीत प्रस्तुत किया। संवाद का संचालन जनसंपर्क निदेशक सुनित मुखर्जी ने किया।
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कार्यक्रम में कुलपति ने हरियाणा के इतिहास, संस्कृति, लोककला, साहित्य, स्वतंत्रता सेनानियों और प्रमुख विभूतियों पर आधारित पुस्तकों की प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रदर्शनियां प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को समझने का अवसर देती हैं। साथ ही विश्वविद्यालय परिसर से समाज तक पुस्तक संस्कृति को बढ़ावा देने की जरूरत है।
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इस अवसर पर हरियाणा कल, आज और कल विषय पर संवाद कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। कुलपति ने कहा कि हरियाणा में प्राचीन सभ्यता और आधुनिक विकास साथ-साथ आगे बढ़ रहे हैं। महाभारत की ऐतिहासिक भूमि आज कृषि और उद्योग आधारित अर्थव्यवस्था में तेजी से आगे बढ़ रही है। हालांकि लैंगिक समानता, समावेशी शिक्षा, भूजल संरक्षण और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों पर भी गंभीरता से काम करने की जरूरत है।
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कार्यक्रम में कुलसचिव प्रो. संदीप बंसल, डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. सपना गर्ग, प्रो. रणदीप राणा सहित शिक्षकों और विद्यार्थियों ने विचार रखे। छात्रा मुस्कान ने हरियाणवी गीत प्रस्तुत किया। संवाद का संचालन जनसंपर्क निदेशक सुनित मुखर्जी ने किया।