फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   Civil hospital building dilapidated, plaster falling apart, cracks appeared

Rohtak News: नागरिक अस्पताल का भवन जर्जर, टूट कर गिर रहा प्लास्टर, दरारें आईं

Sun, 15 Sep 2024 03:32 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक Updated Sun, 15 Sep 2024 03:32 AM IST
विज्ञापन
Civil hospital building dilapidated, plaster falling apart, cracks appeared
फोटो: 16रेवाड़ी। नागरिक अस्पताल की जर्जर हो रहा भवन। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

रेवाड़ी। नागरिक अस्पताल का भवन जर्जर हो गया है। बारिश के चलते भवन की दीवारों में दरारें आ गई हैं। प्लास्टर छूट कर गिर रहा है। ऐसे में स्वास्थ्यकर्मियों ने हादसे की आशंका जताई है।
अस्पताल भवन की मरम्मत के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एक करोड़ रुपये का एस्टीमेट बनाकर निदेशालय को भेजा है। यदि बिल्डिंग के मरम्मत का कार्य शुरू नहीं होता है तो बड़ा हादसा हो सकता है। अधिकारियों का कहना है कि कायाकल्प के लिए जल्द ही मंजूरी मिलने की संभावना है। वर्ष 2018 में अतिरिक्त ब्लॉक को स्वास्थ्य विभाग को हस्तांतरित कर दिया गया था, लेकिन वर्तमान में जर्जर हुई बिल्डिंग दशकों पुरानी लगती है। भवन में कई जगह लेंटर उखड़ा है। लेंटर से सरिया बाहर निकले हुए हैं। खिड़कियों के शीशे भी कई बार गिर चुके हैं। दरवाजों की हालत खराब है। दीवारों का प्लास्टर गिरता रहता है। इसी ब्लॉक में ज्यादातर ओपीडी चलती है। ऐसे में कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
विज्ञापन




पीएमओ की ओर से पीडब्ल्यूडी को पत्र लिखकर रखरखाव के लिए सर्वे कर बजट तैयार करने की बात कही थी। इस लेकर पीडब्ल्यूडी की टीम ने दौरा किया था। इसमें संरचनात्मक नुकसान पाया गया। अब अस्पताल की ओर से फिर से रिमाइंडर भेजकर सुरक्षा प्रमाणपत्र जारी करने के लिए लिखा गया है। ये भी कहा कि अगर बिल्डिंग सुरक्षित है तो सर्टिफिकेट देने और रखरखाव का एस्टीमेट बनाकर निदेशालय भेजा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन



निर्माण की गुणवत्ता पर उठाए सवाल
भवन निर्माण के समय भी सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठाए गए थे। इस भवन का निर्माण 2016 में पूरा हुआ था, लेकिन स्वास्थ्य विभाग को हस्तानांतरण 2018 में किया गया था। मात्र 5 साल में यह बिल्डिंग कंडम जैसी लगती है। जगह-जगह से प्लास्टर गिर चुका है। बारिश के समय सर्जिकल वार्ड में पानी टपकता रहता है। ऐसे में अतिरिक्त ब्लॉक में ही ज्यादातर ओपीडी चलती है। इनमें सर्जन, आंखों, मेडिसिन, चर्म रोग, ईएनटी व मनोरोग की ओपीडी शामिल हैं। लैब भी इसी बिल्डिंग में है। ऐसे में दिनभर इस ब्लॉक में भीड़ रहती है।

--
वर्जन:
नागरिक अस्पताल के अतिरिक्त ब्लॉक के व्यवस्था की बड़ी जरूरत है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग ने एक करोड़ रुपये का एस्टीमेट बजट तैयार कर निदेशालय भेजा है। एस्टीमेट की मंजूरी मिलने पर मरम्मत कार्य शुरू हो जाएगा। - धर्मेंद्र कुमार, एसएमओ, नागरिक अस्पताल।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed