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छह मुख्य सड़कों पर बिना संकेतक 44 से ज्यादा ब्रेकर, दस पर ही सफेद धुंधली पट्टी
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रोहतक। मौसम में बदलाव के चलते गहराती धुंध ने सड़क हादसों का खतरा बढ़ा दिया है। कोहरे की घनी चादर में काले स्याह ब्रेकर जानलेवा साबित हो सकते हैं। शहर व बाहर विभिन्न मुख्य छह सड़कों पर 44 से ज्यादा ब्रेकर हैं। इनमें से मुश्किल से दस ब्रेकरों पर धुंधली सफेद पट्टी नजर आती है। शेष पूरी तरह सपाट हैं। अंधेरे व धुंध में इन पर वाहनों के उछलने से चालक के गिरने की आशंका बढ़ जाती है। यही नहीं ज्यादा जगह पर सड़क से भी सफेद पट्टियां गायब हैं। पिछले साल सिविल रोड पर अशोक चौक के नजदीक एक कारोबारी की ब्रेक पर संतुलन बिगड़ने से मौत हो चुकी है। बावजूद इसके जिला प्रशासन इस लापरवाही के प्रति आंख मूंदे हुए हैं।
शहर में दिल्ली बाईपास से अंदर जाने वाली सड़क पर कोहरे में हादसों का अंदेशा बना रहता है। यहां सड़क के दोनों ओर पांच ब्रेकर हैं। यातायात को सुव्यवस्थित बनाने के लिए न तो इन ब्रेकरों से पहले किसी तरह का संकेतक लगा है और न ही इन पर सफेद पट्टियां लगी हैं। ऐसे में रात के समय कोहरे में कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। यही नहीं सड़क को दो हिस्सों में बांटने वाला डिवाइडर भी अंधेरे में नजर नहीं आता है। इस पर काफी समय से पेंट तक नहीं किया गया है। इन पर रंग रोगन किया जाए तो ये भी कोहरे में वाहन चालकों को राह दिखाने का काम कर सकते हैं।
हाईवे का हाल भी खस्ता : सोनीपत रोड पर सात ब्रेकर
यातायात व्यवस्था सुगम बनाने का दावा करने वाला प्रशासन कितना मुस्तैद है, यह शहर की बाहरी सड़कें साफ दर्शाती हैं। शहर के अंदर ही नहीं, बाहर हाईवे की सड़कें भी खस्ता हाल हैं। सोनीपत रोड सबसे जर्जर और खस्ता हाल हैं। यहां करीब डेढ़ किलोमीटर की दूरी में आठ ब्रेकर हैं। इन ब्रेकरों पर सफेद पट्टी नजर नहीं आती है। यहां की सड़क व डिवाइडर की भी कमोबेश यही हाल है। इस कारण रात के समय सड़क से आवागमन खतरे से खाली नहीं है।
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भालौठ में हो चुके कई हादसे
शहर से बाहर सोनीपत रोड स्थित भालौठ गांव में सड़क जर्जर हाल है। यहां सड़क नजर ही नहीं आती है। इस पर बड़े-बड़े गड्ढे बने हैं। यही नहीं सड़क पर अनेक हादसे हो भी चुके हैं। इनमें कई लोगों की तो जान भी जा चुकी है। इलाके के लोग कई बार सड़क व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग भी कर चुके हैं।
बोहर नाके से शीला बाईपास तक आठ ब्रेकर
शहर में बोहर नाके से शीला बाईपास तक करीब तीन किलोमीटर की दूरी में आठ ब्रेकर हैं। इनमें से किसी पर भी सफेद पट्टी नहीं है। यही नहीं बोहर नाके से राजीव गांधी खेल परिसर की ओर सड़क पर एक ब्रेकर है। इस ब्रेकर व सड़क से भी सफेद पट्टी गायब है।
खेड़ी साध में नजर नहीं आते ब्रेकर
आईएमटी चौक से दिल्ली बाईपास की ओर जाने वाले हाईवे का हाल कुछ ठीक है। यहां दो ब्रेकर हैं। सफेदी पट्टी कुछ नजर आती है। खेड़ी साध होकर जाने वाली सड़क पर पांच से ज्यादा ब्रेकर हैं। इन पर सफेद पट्टी नहीं लगी है। इस कारण वाहन इन ब्रेकरों पर छलते दिखाई पड़ते हैं।
गोहाना रोड पर एक किलोमीटर में तीन ब्रेकर
शहर के सुखपुरा चौक से गोहाना रोड पर करीब एक किलोमीटर की दूरी में तीन ब्रेकर हैं। इनमें से एक ब्रेकर सुखपुरा चौक से करीब सौ मीटर आगे निकलते ही व दूसरा चंद कदम दूर है। तीसरा ब्रेकर इससे कुछ दूरी पर है। इन पर सफेद पट्टी धुंधली पड़ चुकी है।
हिसार बाईपास पर भी हादसे का डर
शहर के बाहर हिसार बाईपास पर भी कोहरे में हादसे का खतरा है। यहां ड्रेन नंबर आठ से एलपीएस तक आठ ब्रेकर हैं। इन पर सफेद पट्टी गायब है। सड़क पर मिट्टी जमा है। इस कारण इसके बीच लगाई गई सफेद पट्टी भी नजर नहीं आती है। बहुअकबरपुर में तीन बड़े ब्रेकर हैं। इनकी सफेद पट्टी भी धुंधली पड़ चुकी है।
माता दरवाजा पर चार ब्रेकर
शहर में माता दरवाजा से जींद बाईपास चौक तक चार ब्रेकर हैं। यहां गुरुद्वारे आगे निकलने के बाद प्लास्टिक के ब्रेकर मिलते हैं। इन पर कैटआई नहीं हैं। सड़क पर सफेद पट्टी भी नहीं है। ऐसे में घने कोहरे में यहां से आवागमन करना भी भारी पड़ सकता है।
भिवानी रोड के भी हैं खस्ता हाल
शहर से बाहर भिवानी रोड के हालात भी खस्ता हैं। यहां पुल से उतरते ही ब्रेकर शुरू होते हैं। आश्रम के पास, डोभ, शुगर मिल, लाहली तक ही छह ब्रेकर हैं। इनमें से तीन धुंधले हैं तो तीन पूरी तरह साफ है। सड़क पर बने ब्रेकर वाहन चालकों की परेशानी बने हुए हैं। इन पर सफेद पट्टी नहीं होने के कारण रात ही नहीं दिन में भी ये कई बार चालकों को नजर नहीं आते हैं। ऐसे में हादसे होते रहते हैं। पिछले दिनों आश्रम के पास बाइक सवार दंपति ब्रेकर नजर नहीं आने की वजह से गिर कर घायल हो गया था।
यातायात पुलिस के जवानों को दिए जरूरी निर्देश
पुलिस ने ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर तीन दिन पहले बैठक किए जाने का दावा किया है। इसमें यातायात पुलिस के जवान, डीएसपी, थाना प्रभारी, नगर निगम व बीएंडआर के अधिकारी शामिल रहे। एसपी राहुल शर्मा की अध्यक्ष में हुई बैठक में ट्रैफिक कर्मचारियों को कोहरे में सजगता से ड्यूटी करने के साथ जरूरी निर्देश दिए गए।
कोहरे को देखते हुए पुलिस अपनी तैयारी कर चुकी है। मंगलवार से यातायात व्यवस्था सुचारु बनाने के लिए अभियान चलाया जाएगा। सड़कों पर जहां भी जरूरत है, सफेद पट्टी लगाना सुनिश्चित किया जाएगा। इस संबंध में तीन पहले ही मीटिंग कर यातायात पुलिस के जवानों को भी जरूरी निर्देश जारी कर दिए गए हैं। - वीरेंद्र कुमार, थाना प्रभारी ट्रैफिक पुलिस
- 16 ब्रेकर शीला बाईपास से बोहर तक हैं।
- 7 ब्रेकर बाईपास समेत खेड़ी साध में हैं।
- 3 ब्रेकर सुखपुरा चौक से मिल्क प्लांट तक हैं।
- 8 ब्रेकर ड्रेन नंबर आठ से एलपीएस तक हैं।
- 4 ब्रेकर माता दरवाजा से जींद बाईपास तक हैं।
- 6 ब्रेकर भिवानी रोड पर लाहली तक हैं।
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शहर में दिल्ली बाईपास से अंदर जाने वाली सड़क पर कोहरे में हादसों का अंदेशा बना रहता है। यहां सड़क के दोनों ओर पांच ब्रेकर हैं। यातायात को सुव्यवस्थित बनाने के लिए न तो इन ब्रेकरों से पहले किसी तरह का संकेतक लगा है और न ही इन पर सफेद पट्टियां लगी हैं। ऐसे में रात के समय कोहरे में कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। यही नहीं सड़क को दो हिस्सों में बांटने वाला डिवाइडर भी अंधेरे में नजर नहीं आता है। इस पर काफी समय से पेंट तक नहीं किया गया है। इन पर रंग रोगन किया जाए तो ये भी कोहरे में वाहन चालकों को राह दिखाने का काम कर सकते हैं।
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हाईवे का हाल भी खस्ता : सोनीपत रोड पर सात ब्रेकर
यातायात व्यवस्था सुगम बनाने का दावा करने वाला प्रशासन कितना मुस्तैद है, यह शहर की बाहरी सड़कें साफ दर्शाती हैं। शहर के अंदर ही नहीं, बाहर हाईवे की सड़कें भी खस्ता हाल हैं। सोनीपत रोड सबसे जर्जर और खस्ता हाल हैं। यहां करीब डेढ़ किलोमीटर की दूरी में आठ ब्रेकर हैं। इन ब्रेकरों पर सफेद पट्टी नजर नहीं आती है। यहां की सड़क व डिवाइडर की भी कमोबेश यही हाल है। इस कारण रात के समय सड़क से आवागमन खतरे से खाली नहीं है।
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भालौठ में हो चुके कई हादसे
शहर से बाहर सोनीपत रोड स्थित भालौठ गांव में सड़क जर्जर हाल है। यहां सड़क नजर ही नहीं आती है। इस पर बड़े-बड़े गड्ढे बने हैं। यही नहीं सड़क पर अनेक हादसे हो भी चुके हैं। इनमें कई लोगों की तो जान भी जा चुकी है। इलाके के लोग कई बार सड़क व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग भी कर चुके हैं।
बोहर नाके से शीला बाईपास तक आठ ब्रेकर
शहर में बोहर नाके से शीला बाईपास तक करीब तीन किलोमीटर की दूरी में आठ ब्रेकर हैं। इनमें से किसी पर भी सफेद पट्टी नहीं है। यही नहीं बोहर नाके से राजीव गांधी खेल परिसर की ओर सड़क पर एक ब्रेकर है। इस ब्रेकर व सड़क से भी सफेद पट्टी गायब है।
खेड़ी साध में नजर नहीं आते ब्रेकर
आईएमटी चौक से दिल्ली बाईपास की ओर जाने वाले हाईवे का हाल कुछ ठीक है। यहां दो ब्रेकर हैं। सफेदी पट्टी कुछ नजर आती है। खेड़ी साध होकर जाने वाली सड़क पर पांच से ज्यादा ब्रेकर हैं। इन पर सफेद पट्टी नहीं लगी है। इस कारण वाहन इन ब्रेकरों पर छलते दिखाई पड़ते हैं।
गोहाना रोड पर एक किलोमीटर में तीन ब्रेकर
शहर के सुखपुरा चौक से गोहाना रोड पर करीब एक किलोमीटर की दूरी में तीन ब्रेकर हैं। इनमें से एक ब्रेकर सुखपुरा चौक से करीब सौ मीटर आगे निकलते ही व दूसरा चंद कदम दूर है। तीसरा ब्रेकर इससे कुछ दूरी पर है। इन पर सफेद पट्टी धुंधली पड़ चुकी है।
हिसार बाईपास पर भी हादसे का डर
शहर के बाहर हिसार बाईपास पर भी कोहरे में हादसे का खतरा है। यहां ड्रेन नंबर आठ से एलपीएस तक आठ ब्रेकर हैं। इन पर सफेद पट्टी गायब है। सड़क पर मिट्टी जमा है। इस कारण इसके बीच लगाई गई सफेद पट्टी भी नजर नहीं आती है। बहुअकबरपुर में तीन बड़े ब्रेकर हैं। इनकी सफेद पट्टी भी धुंधली पड़ चुकी है।
माता दरवाजा पर चार ब्रेकर
शहर में माता दरवाजा से जींद बाईपास चौक तक चार ब्रेकर हैं। यहां गुरुद्वारे आगे निकलने के बाद प्लास्टिक के ब्रेकर मिलते हैं। इन पर कैटआई नहीं हैं। सड़क पर सफेद पट्टी भी नहीं है। ऐसे में घने कोहरे में यहां से आवागमन करना भी भारी पड़ सकता है।
भिवानी रोड के भी हैं खस्ता हाल
शहर से बाहर भिवानी रोड के हालात भी खस्ता हैं। यहां पुल से उतरते ही ब्रेकर शुरू होते हैं। आश्रम के पास, डोभ, शुगर मिल, लाहली तक ही छह ब्रेकर हैं। इनमें से तीन धुंधले हैं तो तीन पूरी तरह साफ है। सड़क पर बने ब्रेकर वाहन चालकों की परेशानी बने हुए हैं। इन पर सफेद पट्टी नहीं होने के कारण रात ही नहीं दिन में भी ये कई बार चालकों को नजर नहीं आते हैं। ऐसे में हादसे होते रहते हैं। पिछले दिनों आश्रम के पास बाइक सवार दंपति ब्रेकर नजर नहीं आने की वजह से गिर कर घायल हो गया था।
यातायात पुलिस के जवानों को दिए जरूरी निर्देश
पुलिस ने ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर तीन दिन पहले बैठक किए जाने का दावा किया है। इसमें यातायात पुलिस के जवान, डीएसपी, थाना प्रभारी, नगर निगम व बीएंडआर के अधिकारी शामिल रहे। एसपी राहुल शर्मा की अध्यक्ष में हुई बैठक में ट्रैफिक कर्मचारियों को कोहरे में सजगता से ड्यूटी करने के साथ जरूरी निर्देश दिए गए।
कोहरे को देखते हुए पुलिस अपनी तैयारी कर चुकी है। मंगलवार से यातायात व्यवस्था सुचारु बनाने के लिए अभियान चलाया जाएगा। सड़कों पर जहां भी जरूरत है, सफेद पट्टी लगाना सुनिश्चित किया जाएगा। इस संबंध में तीन पहले ही मीटिंग कर यातायात पुलिस के जवानों को भी जरूरी निर्देश जारी कर दिए गए हैं। - वीरेंद्र कुमार, थाना प्रभारी ट्रैफिक पुलिस
- 16 ब्रेकर शीला बाईपास से बोहर तक हैं।
- 7 ब्रेकर बाईपास समेत खेड़ी साध में हैं।
- 3 ब्रेकर सुखपुरा चौक से मिल्क प्लांट तक हैं।
- 8 ब्रेकर ड्रेन नंबर आठ से एलपीएस तक हैं।
- 4 ब्रेकर माता दरवाजा से जींद बाईपास तक हैं।
- 6 ब्रेकर भिवानी रोड पर लाहली तक हैं।