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Rohtak News: शहरवासियों को मिलेगी राहत, जेएलएन नहर में 1200 क्यूसेक पानी छोड़ा

Fri, 29 May 2026 02:02 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 29 May 2026 02:02 AM IST
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City residents will get relief, 1200 cusecs of water released in JLN Canal
27-जेएलएन से आईएमटी के जलघर तक पानी पहुंचाने के लिए लगाए ट्रैक्टर। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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रोहतक। भीषण गर्मी के बीच जिलावासियों को राहत की उम्मीद जगी है। सिंचाई विभाग ने जेएलएन (जवाहरलाल नेहरू) नहर में 16 दिन के लिए पानी छोड़ा दिया है लेकिन शहर की प्यास बुझाने के लिए 1200 क्यूसेक पानी नाकाफी है। मांग 2500 क्यूसेक की है।
शहर में गहराते पेयजल संकट के बीच सिंचाई विभाग ने जेएलएन नहर में वीरवार से 16 दिन के लिए पानी छोड़ने का दावा किया है। विभाग के अनुसार, नहर में 1200 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे शहर के जलघरों और तालाबों में जलस्तर सुधरने की उम्मीद है।
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हालांकि, जन स्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता संदीप कुमार का कहना है कि आधे से भी कम पानी मिलने से पूरी राहत मिलना मुश्किल है। जेएलएन नहर में पानी आने के बाद भी तालाबों का जलस्तर सामान्य होने में 4 से 5 दिन लगेंगे। तब तक कॉलोनियों में कटौती जारी रहेगी। फिलहाल, एक दिन छोड़कर पानी दिया जा रहा है।
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वहीं, शहर के इंदिरा कॉलोनी व पाड़ा मोहल्ले में वीरवार को जलसंकट सबसे ज्यादा रहा। यहां एक सप्ताह से नलों में पानी नहीं आ रहा। परेशान लोगों ने जन स्वास्थ्य विभाग के पोर्टल पर टैंकर के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था लेकिन आरोप है कि आवेदन के चार दिन बाद भी टैंकर नहीं पहुंचे। स्थानीय निवासी सुनीता देवी ने बताया कि 500 रुपये में प्राइवेट टैंकर मंगवाना पड़ रहा है।
मॉडल टाउन निवासी नरेश छिक्कारा ने बताया कि छह माह से दूषित पानी की परेशानी झेल रहे हैं। विभाग इस समस्या को जल्द दुरुस्त करे। -------
वर्जन
पेयजल किल्लत के कारण शहर की मांग पर पानी छोड़ा गया था। अब 28 मई दोपहर 2 बजे से 16 दिन के लिए पानी जेएलएन नहर में छोड़ दिया है। अभी 1200 क्यूसेक पानी नहर में चल रहा है जबकि 2500 क्यूसेक मांग के अनुसार अभी और बढ़ेगा।

- सतीश कुमार, एसडीओ, सिंचाई विभाग
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वर्जन
जब तक टेल तक पूरा पानी नहीं पहुंचेगा तब तक वितरण सामान्य नहीं हो सकता। नहर में पानी आ गया है। तालाबों में जलस्तर बढ़ने पर पानी की कटौती भी बहाल की जाएगी। फिलहाल वीरवार को जेएलएन नहर में पानी की जलस्तर बिल्कुल कम था। ऐसी स्थिति निरंतर रही तो चुनौती बढ़ सकती है।
- संदीप कुमार, कार्यकारी अभियंता, जन स्वास्थ्य विभाग
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आईएमटी क्षेत्र में जलापूर्ति के लिए लगाए सात ट्रैक्टर
रोहतक। जेएलएन नहर में पानी आने के बाद एचएसआईआईडीसी (हरियाणा राज्य औद्योगिक और अवसंरचना विकास निगम) की ओर से आईएमटी (इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप) के जलघर भरे जा रहे हैं। एचएसआईआईडीसी के कार्यकारी अभियंता राजीव डागर का दावा है कि जेएलएन नहर से पानी जलघर तक पहुंचाने के लिए सात ट्रैक्टर लगाए गए हैं। वाटर चैनल से भी जलघर में पानी पहुंच रहा है जहां से उद्योगों को पानी सप्लाई किया जा रहा है। वहीं, आईएमटी उद्योग वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान जोगिंद्र नांदल व उद्यमी संदीप का कहना है कि वीरवार को दिन में पानी नहीं आया। पेयजल किल्लत के चलते ज्यादातर उद्योगों में पानी के टैंकरों से काम चलाया गया। शाम को पानी पहुंचने पर राहत मिली। संवाद

27-जेएलएन से आईएमटी के जलघर तक पानी पहुंचाने के लिए लगाए ट्रैक्टर। संवाद

27-जेएलएन से आईएमटी के जलघर तक पानी पहुंचाने के लिए लगाए ट्रैक्टर। संवाद

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