{"_id":"6862fc1cf4c1866bc709987a","slug":"children-suffering-from-congenital-bone-diseases-will-get-treatment-in-pgi-rohtak-news-c-17-roh1020-681929-2025-07-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: जन्मजात हड्डी रोगों से परेशान बच्चों को मिलेगा पीजीआई में इलाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: जन्मजात हड्डी रोगों से परेशान बच्चों को मिलेगा पीजीआई में इलाज
Tue, 01 Jul 2025 02:35 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Tue, 01 Jul 2025 02:35 AM IST
विज्ञापन
फेलोशिप के बाद प्रमाण पत्र हासिल करते डॉ. मोहित दुआ। स्रोत: स्वयं
रोहतक। हाथ-पैर टेढ़े होने या हड्डी गलने से कूल्हा बाहर निकलने की वजह से परेशान बच्चों और उनके अभिभावकों के लिए राहत भरी खबर है। ऐसे बच्चों को अब पीजीआई में इलाज मिल सकेगा। इसके लिए पीजीआई के स्पोर्ट्स मेडिसिन विभाग के डॉ. मोहित दुआ ने हाल ही में जन्मजात हड्डी रोगों के उपचार पर फेलोशिप की है। इससे संस्थान में भी अब इस बीमारी का इलाज करने वाला विशेषज्ञ उपलब्ध हो गया है।
पीजीआई के आंकड़ों पर नजर डालें ताे पैर व घुटने की दिक्कत, फ्लैट फुट यानी पैर सीधे होने या हड्डी गलने से कूल्हा बाहर निकलने की शिकायत के औसतन 25 मामले रोज आ रहे हैं। यह जन्मजात बीमारी बच्चों और उनके अभिभावकों के लिए अभिशाप की तरह होती है।
इससे बच्चा स्वस्थ होते हुए भी चलने-फिरने या सही ढंग से काम करने में असमर्थ होता है। ऐसे मामलों में अब हड्डी रोग विभाग के चिकित्सक ही अपने अनुभव अनुसार उपचार करते रहे हैं। अब ऐसे बच्चों को सटीक इलाज मिलेगा। इसके लिए डॉ. मोहित दुआ ने डॉ. मनोज के साथ फेलोशिप की है।
विज्ञापन
पीओएसआई ने कराई बाल रोग पर फेलोशिप
पीडियाट्रिक ऑर्थोपेडिक्स सोसाइटी ऑफ इंडिया (पीओएसआई) की ओर से पीडियाट्रिक ऑर्थोपेडिक्स में फेलोशिप के लिए दो चिकित्सकों को चुना गया था। इसके तहत विभिन्न बाल रोगों को ठीक करने की तकनीक सिखाई गई है। इसमें फ्लैट फुट और घुटने ठीक करने के लिए सिर्फ एक पेच का इस्तेमाल किया जाता है। इस पेच के लगाने से वह अंग ठीक से काम करने लगता है।
-- -- -- -- -- -- -
विटामिन डी की कमी से पैरों का अंदर और घुटने बाहर निकल आने की शिकायत हो जाती है। फ्लैट फुट या कूल्हा बाहर निकलने के मामले जन्मजात होतेे हैं। इन रोगों का अब पीजीआई में बेहतर और सटीक इलाज दिया जाता है। इसकी विशेषज्ञता के लिए फेलोशिप की है।
- डॉ. मोहित दुआ, स्पोर्ट्स मेडिसिन विभाग, पीजीआई।
विज्ञापन
पीजीआई के आंकड़ों पर नजर डालें ताे पैर व घुटने की दिक्कत, फ्लैट फुट यानी पैर सीधे होने या हड्डी गलने से कूल्हा बाहर निकलने की शिकायत के औसतन 25 मामले रोज आ रहे हैं। यह जन्मजात बीमारी बच्चों और उनके अभिभावकों के लिए अभिशाप की तरह होती है।
विज्ञापन
इससे बच्चा स्वस्थ होते हुए भी चलने-फिरने या सही ढंग से काम करने में असमर्थ होता है। ऐसे मामलों में अब हड्डी रोग विभाग के चिकित्सक ही अपने अनुभव अनुसार उपचार करते रहे हैं। अब ऐसे बच्चों को सटीक इलाज मिलेगा। इसके लिए डॉ. मोहित दुआ ने डॉ. मनोज के साथ फेलोशिप की है।
विज्ञापन
पीओएसआई ने कराई बाल रोग पर फेलोशिप
पीडियाट्रिक ऑर्थोपेडिक्स सोसाइटी ऑफ इंडिया (पीओएसआई) की ओर से पीडियाट्रिक ऑर्थोपेडिक्स में फेलोशिप के लिए दो चिकित्सकों को चुना गया था। इसके तहत विभिन्न बाल रोगों को ठीक करने की तकनीक सिखाई गई है। इसमें फ्लैट फुट और घुटने ठीक करने के लिए सिर्फ एक पेच का इस्तेमाल किया जाता है। इस पेच के लगाने से वह अंग ठीक से काम करने लगता है।
विटामिन डी की कमी से पैरों का अंदर और घुटने बाहर निकल आने की शिकायत हो जाती है। फ्लैट फुट या कूल्हा बाहर निकलने के मामले जन्मजात होतेे हैं। इन रोगों का अब पीजीआई में बेहतर और सटीक इलाज दिया जाता है। इसकी विशेषज्ञता के लिए फेलोशिप की है।
- डॉ. मोहित दुआ, स्पोर्ट्स मेडिसिन विभाग, पीजीआई।