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Rohtak News: समर कैंप में बच्चे कर रहे रचनात्मकता का प्रदर्शन
Sat, 30 May 2026 07:19 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Sat, 30 May 2026 07:19 PM IST
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16-रोहतक के गांधीनगर पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में समर कैंप के दौरान रचनात्मक का
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। राजकीय विद्यालयों में सात दिवसीय सपर कैंप के दौरान विद्यार्थी रचनात्मकता को उकेर रहे हैं। शिक्षा विभाग की ओर से निर्देश के चलते सभी सरकारी स्कूलों में समर कैंप में कहानी, कविता, नाटक और कला की गूंज उठ रही है।
शिक्षा विभाग के निर्देश पर जिले के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक और हाई स्कूलों में समर कैंप का आयोजन किया जा रहा है। सुबह 8 से 11 बजे तक चलने वाले इन कैंपों में विद्यार्थी पढ़ाई के बोझ से दूर रहकर कई गतिविधियों में भाग ले रहे हैं।
कैंप में बच्चों को भारतीय भाषाओं से जोड़ने पर खास जोर दिया जा रहा है। हिंदी, हरियाणवी और संस्कृत में कहानी लेखन, कविता पाठ, वाद-विवाद, नुक्कड़ नाटक और लोकगीतों की कार्यशालाएं चल रही हैं।
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इसके अलावा मिट्टी के खिलौने, वेस्ट मटेरियल से क्राफ्ट, चित्रकला, योग और विज्ञान के रोचक प्रयोग भी करवाए जा रहे हैं। गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति की क्षमता बढ़ रही है। अंतिम दिन हर स्कूल में बाल मेला और खेल करवाए जाएंगे।
मेले के दौरान बच्चों की ओर से बनाए गए मॉडल, चित्र और हस्तशिल्प की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। साथ ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों और नवाचारी शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र दिए जाएंगे।
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वर्जन
समर कैंप का मकसद बच्चों को मोबाइल और टीवी की लत से दूर कर उनकी छिपी प्रतिभा को मंच देना है। अभिभावकों ने भी विभाग की इस पहल की सराहना की है। छुट्टियों का सदुपयोग हो रहा है और बच्चे कुछ नया सीख रहे हैं। -मनजीत मलिक, जिला शिक्षा अधिकारी।
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रोहतक। राजकीय विद्यालयों में सात दिवसीय सपर कैंप के दौरान विद्यार्थी रचनात्मकता को उकेर रहे हैं। शिक्षा विभाग की ओर से निर्देश के चलते सभी सरकारी स्कूलों में समर कैंप में कहानी, कविता, नाटक और कला की गूंज उठ रही है।
शिक्षा विभाग के निर्देश पर जिले के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक और हाई स्कूलों में समर कैंप का आयोजन किया जा रहा है। सुबह 8 से 11 बजे तक चलने वाले इन कैंपों में विद्यार्थी पढ़ाई के बोझ से दूर रहकर कई गतिविधियों में भाग ले रहे हैं।
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कैंप में बच्चों को भारतीय भाषाओं से जोड़ने पर खास जोर दिया जा रहा है। हिंदी, हरियाणवी और संस्कृत में कहानी लेखन, कविता पाठ, वाद-विवाद, नुक्कड़ नाटक और लोकगीतों की कार्यशालाएं चल रही हैं।
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इसके अलावा मिट्टी के खिलौने, वेस्ट मटेरियल से क्राफ्ट, चित्रकला, योग और विज्ञान के रोचक प्रयोग भी करवाए जा रहे हैं। गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति की क्षमता बढ़ रही है। अंतिम दिन हर स्कूल में बाल मेला और खेल करवाए जाएंगे।
मेले के दौरान बच्चों की ओर से बनाए गए मॉडल, चित्र और हस्तशिल्प की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। साथ ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों और नवाचारी शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र दिए जाएंगे।
वर्जन
समर कैंप का मकसद बच्चों को मोबाइल और टीवी की लत से दूर कर उनकी छिपी प्रतिभा को मंच देना है। अभिभावकों ने भी विभाग की इस पहल की सराहना की है। छुट्टियों का सदुपयोग हो रहा है और बच्चे कुछ नया सीख रहे हैं। -मनजीत मलिक, जिला शिक्षा अधिकारी।