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Rohtak News: शिविर में बच्चों ने सीखी ध्यान-अभ्यास की विधि
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रोहतक।
सावन कृपाल रूहानी मिशन की गोहना रोड स्थित रोहतक शाखा कृपाल आश्रम की ओर से रविवार को बाल आध्यात्मिक शिविर का आयोजन किया गया। इसका विषय ’2024 में ज्यादा से ज्यादा ध्यान-अभ्यास करें‘ रहा। बच्चों के लिए लगाए गए इस बाल आध्यात्मिक शिविर में पांच साल से लेकर 16 साल तक प्रदेश भर से आएं बच्चों ने उत्साह से भाग लिया।
बाल आध्यात्मिक शिविर में बच्चों को ध्यान-अभ्यास की विधि सिखाकर उन्हें प्रतिदिन ज्यादा से ज्यादा समय ध्यान-अभ्यास पर बैठने की प्रेरणा दी गई। इसके द्वारा वे अपने जीवन के हर क्षेत्र में तरक्की प्राप्त कर सकते हैं। इस अवसर पर बच्चों के लिए आत्म-निरीक्षण डायरी, स्वस्थ जीवन शैली, शाकाहारी भोजन, सूफी कव्वाली व संगीत, कविता पाठ और चित्रकला जैसे विषयों पर अनेक प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। इसमें बच्चों ने बड़ी ही खुशी से भाग लेकर अपनी योग्यता व प्रतिभा का परिचय दिया। चित्रकला प्रतियोगिता में बच्चों के चित्रों को देखकर ऐसा लगता था, मानो उन्होंने अपने हृदय के विचारों को रंगों में ढालकर परमात्मा से संबंध स्थापित करने की एक छोटी सी कोशिश की हो। सावन कृपाल रूहानी मिशन के अध्यक्ष संत राजिंदर सिंह महाराज के मार्गदर्शन में बच्चों के आध्यात्मिक विकास के लिए ‘बाल सत्संग’ की स्थापना की गई है। इसमें उन्हें अध्यात्म के विभिन्न पहलुओं के साथ-साथ नैतिक जीवन जीने की शिक्षा दी जाती है।
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सावन कृपाल रूहानी मिशन की गोहना रोड स्थित रोहतक शाखा कृपाल आश्रम की ओर से रविवार को बाल आध्यात्मिक शिविर का आयोजन किया गया। इसका विषय ’2024 में ज्यादा से ज्यादा ध्यान-अभ्यास करें‘ रहा। बच्चों के लिए लगाए गए इस बाल आध्यात्मिक शिविर में पांच साल से लेकर 16 साल तक प्रदेश भर से आएं बच्चों ने उत्साह से भाग लिया।
बाल आध्यात्मिक शिविर में बच्चों को ध्यान-अभ्यास की विधि सिखाकर उन्हें प्रतिदिन ज्यादा से ज्यादा समय ध्यान-अभ्यास पर बैठने की प्रेरणा दी गई। इसके द्वारा वे अपने जीवन के हर क्षेत्र में तरक्की प्राप्त कर सकते हैं। इस अवसर पर बच्चों के लिए आत्म-निरीक्षण डायरी, स्वस्थ जीवन शैली, शाकाहारी भोजन, सूफी कव्वाली व संगीत, कविता पाठ और चित्रकला जैसे विषयों पर अनेक प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। इसमें बच्चों ने बड़ी ही खुशी से भाग लेकर अपनी योग्यता व प्रतिभा का परिचय दिया। चित्रकला प्रतियोगिता में बच्चों के चित्रों को देखकर ऐसा लगता था, मानो उन्होंने अपने हृदय के विचारों को रंगों में ढालकर परमात्मा से संबंध स्थापित करने की एक छोटी सी कोशिश की हो। सावन कृपाल रूहानी मिशन के अध्यक्ष संत राजिंदर सिंह महाराज के मार्गदर्शन में बच्चों के आध्यात्मिक विकास के लिए ‘बाल सत्संग’ की स्थापना की गई है। इसमें उन्हें अध्यात्म के विभिन्न पहलुओं के साथ-साथ नैतिक जीवन जीने की शिक्षा दी जाती है।
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