Haryana: CM मनोहर बोले- ठाडै नै माडै का हक ना मारण दूं, चेहरे इस्तेमाल कर किनारे कर दिए जाते हैं कांग्रेस में
सीएम मनोहर बोले कि अशोक तंवर की पिटाई हुई, सैलजा भी कहती हैं चलती नहीं। वहीं साथ ही कहा कि समाज मिर्चपुर कांड को नहीं भूला है, कांग्रेस राज में टूटे घर, भाजपा ने बनवाए हैं। कहा, मैं और परिवार पहले की सोच वाले भाजपा में नहीं चलेंगे।
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मुख्यमंत्री मनोहर लाल का कहना है कि कांग्रेस ने हमेशा तुष्टिकरण व जातिवाद की राजनीति की है। चेहरे इस्तेमाल करके किनारे कर दिए जाते हैं। अशोक तंवर के साथ जो हुआ सबने देखा। कुमारी सैलजा की भी नहीं चलती। अब प्रदेश में वे ठाडै नै माडै का हक ना मारण देंगे।
मुख्यमंत्री रविवार को रोहतक में पूर्व मंत्री सेठ श्रीकिशन दास व पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी चांदराम की मूर्ति का अनावरण करते समय लोगों को संबोधित कर रहे थे। कृषि मंत्री जेपी दलाल, सांसद अरविंद शर्मा, पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु व पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर, पूर्व मंत्री कविता जैन के पति राजीव जैन और मेयर मनमोहन गोयल भी मौके पर मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मिर्चपुर की घटना को आज भी समाज के लोग भुला नहीं पाए हैं, जहां गांव में समाज के लोगों के घर तोड़े गए और उन्हें पलायन करने पर मजबूर होना पड़ा, लेकिन भाजपा सरकार ने उन्हें प्लाॅट देकर बसाया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस राज में किसानों की जमीन हड़पने व भाई-भतीजावाद के आधार पर नौकरी दी गई।
अब योग्यता के आधार पर बिना सिफारिश के नौकरियां दी जा रही हैं। परिवार पहचान पत्र पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे आम आदमी का जीवन सुगम व सरल हो गया। पात्र लोगों को जाति, आय, जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए अधिकारियों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
हुड्डा ने नहीं दी पूर्व मंत्री की मूर्ति स्थापित करने के लिए जमीन
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व मंत्री सेठ श्रीकिशन दास ने 1961 से रोहतक की जमीं से अपना राजनीति सफर शुरू किया था। वे प्रदेश सरकार में मंत्री भी रहे। इसके बावजूद जब 2010 में कांग्रेस में रहते हुए उनके बेटे व अब भाजपा से मेयर मनमोहन गोयल ने पूर्व मंत्री की मूर्ति स्थापित करने की मांग की तो अनसुना कर दिया गया। अब उनके सामने जब यह प्रस्ताव आया तो तुरंत नगर निगम के अधिकारियों को हिदायत देकर जगह तय करने के लिए कहा। कहा था मैं खुद पूर्व मंत्री सेठ श्रीकिशन दास की मूर्ति का अनावरण करूंगा।
आयुष्मान मामले में जांच जारी, नहीं बख्शे जाएंगे दोषी : मुख्यमंत्री
पीजीआईएमएस (स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान चिकित्सा संस्थान) के आयुष्मान मामले में जांच चल रही है। जांच के बाद परिणाम भी सामने आएंगे। इसे छिपाया या दबाया नहीं जाएगा। जांच दोषी पाए जाने वाले को बख्शा नहीं जाएगा। जांच हमारा काम है। यह हम कर रहे हैं। यह कहना है मुख्यमंत्री मनोहर लाल का। वे रविवार को भाजपा के प्रांतीय कार्यालय में पत्रकारों के सवालों के जवाब दे रहे थे।
बारिश के समय दिक्कत होती है। मेरे दौरे से पहले सड़कों पर पैचवर्क किया जाता है। यह नया नहीं है। मैने शहर ही नहीं, गांव के रास्ते भी देखे हैं। कहां सड़क टूटी हैं, कहां पैच वर्क है, सब जानता हूं। हमने छह माह पूर्व योजना बनाई थी। इसके तहत 2250 करोड़ रुपये से हरियाणा के सभी विधानसभा में सड़कें दुरुस्त करने के लिए निर्देश दिए थे। इसके तहत औसतन 25 करोड़ रुपये दिए गए। यह काम आधे से ज्यादा हो चुका है। ज्यादातर टैंडर हो चुके हैं। बारिश का पानी उतरते ही सड़कों को दुरुस्त कर दिया जाएगा।
प्राॅपर्टी आईडी संबंधी गड़बड़ियों को लेकर सीएम ने कहा कि जब तक त्रुटियां दूर नहीं होंगी, यह काम चलता रहेगा। गलत करने वाले को सजा मिलेगी। बारिश व बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। जल्दी यह काम पूरा हो जाएगा। इसकी 19 जुलाई तक सारी जानकारी साझा की जाएगी।
बरसाती पानी की समस्या के समाधान के लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों से कहा गया है कि वे जितना पानी लिफ्ट करके दक्षिणी हरियाणा में ले जा सकते हैं, ले जाएं। इसके लिए सारे चैनल, रजवाहे, नहरें खोल दो। इससे दक्षिणी हरियाणा में भूमिगत पानी भी रिचार्ज होगा। सूखे पड़े 4,000 तालाबों को भरा जा रहा है। राजस्थान में भी रास्ता बने तो पानी भेजा जा सकता है। इसके अलावा नए तालब, झीलें, रिचार्ज सेंटर बनाए जाएंगे। लिपिकों से बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ है। फिलहाल बाढ़ का मामला गंभीर है।
कर्मचारियों की मांग सामान्य है। इसके लिए बाद में भी प्रयास किया जा सकता है। इसलिए लिपिकों ने बाढ़ ग्रस्त इलाके में हड़ताल न करके अन्य इलाकों में विरोध जारी रखने की बात कही है। बाढ़ के हालात से बाहर निकलते ही बातचीत की जाएगी। बातचीत के रास्ते खुले हैं। शहर में बरसाती पानी निकासी के मामले में प्रयास किया जा रहा है। व्यवस्था बेहतर बनाई जाएगी।