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Rohtak News: बदलता मौसम बना रहा बीमार, जुकाम, गले में दर्द, और बुखार के रोगी बढ़े
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रोहतक। पिछले कुछ दिनों से दिन-रात के तापमान में दस डिग्री से अधिक का अंतर आ रहा है। यह लोगों को बीमार कर रहा है और अस्पतालों में मरीजों की भरमार है। एकाएक संक्रमण बढ़ने से मरीजों की संख्या बढ़ गई है। नतीजा यह है कि पीजीआईएमएस में मेडिसिन की ओपीडी में प्रतिदिन 1000 व जिला अस्पताल में 500 से अधिक मरीज जांच करवाने आ रहे हैं। मरीजों की लंबी कतार में पंजीकरण करवाने से लेकर डॉक्टर से जांच करवाने, सैंपल देने, रिपोर्ट लेकर फिर डॉक्टर को दिखाने के अलावा दवा लेने में दो से तीन दिन का समय लग रहा है।
बदलते मौसम के साथ ही लोगों की सेहत में बदलाव आ रहा है। ग्लोबल वार्मिंग के चलते दिन में गर्मी हैं और तापमान 33 डिग्री पार कर रहा है, जबकि रात को 20 डिग्री के आसपास रहता है। दिन में गर्मी और रात को ठंड लोगों को बीमार कर रही है। तापमान का यह अंतर इन्फ्लूंजा व वायरल को तेजी से बढ़ने में मददगार बन रहा है। बदलते मौसम के कारण खांसी, जुकाम, गले में दर्द, सिर दर्द, बुखार और शरीर की मांसपेशियों में खिंचाव होना शामिल है।
एक्सपर्ट सलाह
- ठंडा पानी न पीए, एसी का प्रयोग न करें, स्वच्छ एवं पौष्टिक भोजन लें, तरल पदार्थ का अधिक प्रयोग करें, स्वच्छता का ध्यान रखें।
जरा सी सावधानी कर सकती है बचाव : डॉ. अग्रवाल
पीजीआईएमएस मेडिसिन विभाग के सीनियर प्रोफेसर एवं कुलसचिव डाॅ. एचके अग्रवाल ने बताया कि ग्लोबल वार्मिंग के चलते मौसम में बदलाव हो रहा है। दिन-रात के तापमान में अधिक अंतर ही लोगों को बीमार कर रहा है। अपर रेस्पेरेटरी की समस्या व बुखार की समस्या प्रमुख है। ऐसे मौसम में लगभग अधिकांश वायरस एक्टिव हो जाते हैं। गनीमत है कि मरीजों की संख्या अधिक जरूर है, लेकिन दवाओं से काम चल रहा है। मरीजों को दाखिल करने जैसी नौबत नहीं आ रही है।
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डेंगू घटा, वायरल बढ़ा
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले माह की तुलना में इस माह डेंगू के मरीजों की संख्या में कमी आई है, जबकि वायरल के मरीजों की संख्या बढ़ी है। जुलाई में जहां डेंगू के 18 मरीज थे वहीं अगस्त में 167 हो गए। सितंबर में यह संख्या 71 रही और अक्तूबर में अब तक 13 डेंगू मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। इसके अलावा इस साल मलेरिया के महज तीन ही मरीजों की पुष्टि हुई है। एक्सपर्ट की मानें तो डेंगू के केस अब और कम होंगे, लेकिन वायरल की समस्या अभी बनी रहेगी।
होम्योपैथी की ओपीडी में भी 200 पार कर रहे मरीज : डॉ. राॅय
जिला अस्पताल के डॉ. अरविंदम रॉय ने बताया कि होम्योपैथी की ओपीडी में भी बुखार के मरीजों की संख्या 200 पार हो रही है। यही नहीं लगभग हर घर वायरल की चपेट में है। जिनकी इम्युनिटी अच्छी है वह जल्दी ठीक हो रहे हैं। नहीं तो मरीजों को उपचार करवाना पड़ रहा है। जरूरी है कि व्यक्ति को बुखार का लक्षण आए तो वह पहले डॉक्टर से जांच जरूर कराए। तापमान के हिसाब से ही कपड़ों का चयन करें।
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बदलते मौसम के साथ ही लोगों की सेहत में बदलाव आ रहा है। ग्लोबल वार्मिंग के चलते दिन में गर्मी हैं और तापमान 33 डिग्री पार कर रहा है, जबकि रात को 20 डिग्री के आसपास रहता है। दिन में गर्मी और रात को ठंड लोगों को बीमार कर रही है। तापमान का यह अंतर इन्फ्लूंजा व वायरल को तेजी से बढ़ने में मददगार बन रहा है। बदलते मौसम के कारण खांसी, जुकाम, गले में दर्द, सिर दर्द, बुखार और शरीर की मांसपेशियों में खिंचाव होना शामिल है।
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एक्सपर्ट सलाह
- ठंडा पानी न पीए, एसी का प्रयोग न करें, स्वच्छ एवं पौष्टिक भोजन लें, तरल पदार्थ का अधिक प्रयोग करें, स्वच्छता का ध्यान रखें।
जरा सी सावधानी कर सकती है बचाव : डॉ. अग्रवाल
पीजीआईएमएस मेडिसिन विभाग के सीनियर प्रोफेसर एवं कुलसचिव डाॅ. एचके अग्रवाल ने बताया कि ग्लोबल वार्मिंग के चलते मौसम में बदलाव हो रहा है। दिन-रात के तापमान में अधिक अंतर ही लोगों को बीमार कर रहा है। अपर रेस्पेरेटरी की समस्या व बुखार की समस्या प्रमुख है। ऐसे मौसम में लगभग अधिकांश वायरस एक्टिव हो जाते हैं। गनीमत है कि मरीजों की संख्या अधिक जरूर है, लेकिन दवाओं से काम चल रहा है। मरीजों को दाखिल करने जैसी नौबत नहीं आ रही है।
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डेंगू घटा, वायरल बढ़ा
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले माह की तुलना में इस माह डेंगू के मरीजों की संख्या में कमी आई है, जबकि वायरल के मरीजों की संख्या बढ़ी है। जुलाई में जहां डेंगू के 18 मरीज थे वहीं अगस्त में 167 हो गए। सितंबर में यह संख्या 71 रही और अक्तूबर में अब तक 13 डेंगू मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। इसके अलावा इस साल मलेरिया के महज तीन ही मरीजों की पुष्टि हुई है। एक्सपर्ट की मानें तो डेंगू के केस अब और कम होंगे, लेकिन वायरल की समस्या अभी बनी रहेगी।
होम्योपैथी की ओपीडी में भी 200 पार कर रहे मरीज : डॉ. राॅय
जिला अस्पताल के डॉ. अरविंदम रॉय ने बताया कि होम्योपैथी की ओपीडी में भी बुखार के मरीजों की संख्या 200 पार हो रही है। यही नहीं लगभग हर घर वायरल की चपेट में है। जिनकी इम्युनिटी अच्छी है वह जल्दी ठीक हो रहे हैं। नहीं तो मरीजों को उपचार करवाना पड़ रहा है। जरूरी है कि व्यक्ति को बुखार का लक्षण आए तो वह पहले डॉक्टर से जांच जरूर कराए। तापमान के हिसाब से ही कपड़ों का चयन करें।