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Rohtak News: बदलती जीवनशैली बढ़ा रही थायराइड का खतरा, रोजाना आ रहे दस से अधिक मरीज

Mon, 25 May 2026 02:32 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 25 May 2026 02:32 AM IST
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Changing lifestyle is increasing the risk of thyroid, more than ten patients are coming daily
फोटो : सोनीपत के नागरिक अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे मरीज। संवाद - फोटो : samvad
सोनीपत। बदलती जीवनशैली, असंतुलित खानपान और बढ़ते तनाव के कारण लोगों को थायराइड की समस्या तेजी से अपनी चपेट में ले रही है। खासकर महिलाओं में यह बीमारी तेजी से बढ़ रही है। विश्व थायराइड दिवस के अवसर पर जिला नागरिक अस्पताल के चिकित्सकों ने लोगों को जागरूक करते हुए सलाह दी कि यदि कम भोजन लेने के बावजूद वजन लगातार बढ़ रहा है तो इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत स्वास्थ्य जांच कराएं।
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जिला नागरिक अस्पताल में हार्मोन एनालाइजर मशीन के माध्यम से थायराइड की टी3, टी4 और टीएसएच जांच की जा रही है। यह जांच सप्ताह में दो दिन सोमवार और वीरवार को होती है, इसके लिए 160 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 10 से अधिक थायराइड मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
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विशेषज्ञों के अनुसार थायराइड की बीमारी पुरुषों की तुलना में महिलाओं में अधिक देखने को मिल रही है। 40 से 50 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं के अलावा अविवाहित युवतियां भी इस बीमारी से प्रभावित हो रही हैं। चिकित्सक का कहना है कि शारीरिक गतिविधियों में कमी, अनियमित दिनचर्या, तनाव और आयोडीन की कमी इसके प्रमुख कारण हैं।
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दो़ तरह का होता है थायराइड
डॉक्टरों के मुताबिक थायराइड मुख्य रूप से दो प्रकार का होता है। हाइपोथायराइड में मरीज का वजन बढ़ने लगता है, कब्ज की समस्या रहती है और बाल झड़ने लगते हैं। वहीं हाइपरथायराइड में भूख अधिक लगती है लेकिन वजन कम होता जाता है। इसके साथ गर्दन में सूजन और आंखों के उभरने जैसी समस्याएं भी सामने आती हैं।
यह लक्षण दिखें तो तुरंत कराएं जांच
डॉक्टरों ने बताया कि थायराइड के मरीजों में थकान, कमजोरी, वजन बढऩा, सूखी त्वचा, बालों का झडऩा, कब्ज, ठंड सहन न कर पाना, मासिक धर्म में अनियमितता, अवसाद और मनोदशा में बदलाव जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। ऐसे लक्षण नजर आने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
संतुलित खानपान और योग से मिल सकती है राहत
विशेषज्ञों के अनुसार थायराइड से बचाव के लिए संतुलित खानपान बेहद जरूरी है। पनीर, दूध, दही और अन्य डेयरी उत्पाद शरीर को आवश्यक कैल्शियम, विटामिन और मिनरल प्रदान करते हैं। वहीं कच्चा नारियल मेटाबॉलिज्म को मजबूत करने में सहायक में सहायक है। आयोडीनयुक्त नमक का नियमित सेवन भी जरूरी है। नियमित व्यायाम और योग से थायराइड जैसी बीमारियों की संभावना कम करने में सहायक है।

वर्जन
जिला अस्पताल में रोजाना 10 से अधिक थायराइड मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। सोमवार और वीरवार को टी3, टी4 और टीएसएच की जांच की जाती है। महिलाओं में यह बीमारी अधिक देखने को मिल रही है। मरीजों को खानपान व जीवनशैली पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
डॉ. शैलेंद्र राणा, फिजिशियन, जिला नागरिक अस्पताल सोनीपत
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