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चेयरमैन : बैठक बुलाने का अधिकार उनका, ईओ बोले प्रधान या उच्चाधिकारी देंगे जवाब
Wed, 01 May 2024 05:17 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Wed, 01 May 2024 05:17 AM IST
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झज्जर। वित्त एवं अनुबंध कमेटी की मंगलवार को होने वाली बैठक स्थगित हो गई। इसकी वजह बैठक बुलाने का अधिकार चेयरमैन का होना और बैठक नगर परिषद कार्यालय में होना बताया गया। क्योंकि बैठक जिला नगर आयुक्त कार्यालय में होनी चाहिए थी। इसलिए चेयरमैन जिले सिंह सैनी भी बैठक में नहीं गए, उन्होंने कहा कि बैठक बुलाने का अधिकार उनका है। वहीं कमेटी सदस्य एवं वाइस चेयरपर्सन अंशु प्रवीण गर्ग भी बैठक में नहीं पहुंची। बैठक में सदस्यों की संख्या पूरी नहीं हो पाई, इसके चलते बैठक नहीं हो पाई।
कमेटी बैठक की सूचना नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी की तरफ से कमेटी सदस्यों को जारी की गई थी, बैठक की अध्यक्षता जिला नगर आयुक्त की थी। बैठक का स्थान जिला नगर आयुक्त कार्यालय और समय सुबह 11 बजे था। अधिकारी बैठक के लिए तय समय पर पहुंच गए, लेकिन नगर परिषद चेयरमैन बैठक में नहीं पहुंचे। वह नगर परिषद कार्यालय में ही रहे। उनके पास अधिकारियों के फोन भी आए, लेकिन उन्होंने स्पष्ट कहा कि बैठक बुलाने का अधिकार चेयरमैन का होता है और बैठक भी नगर परिषद कार्यालय में होनी चाहिए न कि जिला नगर आयुक्त कार्यालय में होनी चाहिए। इसलिए चेयरमैन जिले सिंह सैनी बैठक में नहीं गए। वहीं कमेटी की सदस्य एवं वाइस चेयरपर्सन अंशु प्रवीण गर्ग भी बैठक में नहीं पहुंची। वह भी बैठक में सदस्यों की संख्या पूरी न होने के कारण नहीं गई। बाद में अधिकारियों ने बैठक को स्थगित कर दिया। फिलहाल वित्त एवं अनुबंध कमेटी की बैठक की नई तारीख अभी नहीं रखी गई है।
तीन कार्यों को दी जानी थी मंजूरी
बैठक में तीन कार्यों को मंजूरी दी जानी थी। इसमें शहर की साफ-सफाई व पार्कों के रखरखाव को लेकर स्वीकृत किए जाने वाले कार्यों को मंजूरी मिलनी थी। इसमें घर-घर से कूड़ा उठान, उसका निस्तारण, परिवहन के लिए 246.20 लाख रुपये, मुख्य मार्गों की सफाई, लिफ्टिंग और नाले, बरसाती नालों की सफाई पर 238.93 लाख तथा नगर परिषद के सभी पार्कों के रखरखाव पर 4 रुपये प्रति स्केयर मीटर के हिसाब से खर्च रखा गया है। चुनाव आचार संहिता के चलते इन कार्यों के नए टेंडर नहीं हो सकते, इसलिए इनकी समयावधि बढ़ाने के लिए मंजूरी दी जानी चाहिए थी, लेकिन बैठक के बुलाने पर ही विवाद हो गया। इसके चलते बैठक को स्थगित कर दिया गया है।
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बैठक उन द्वारा बुलाई जानी थी, लेकिन जारी की गई सूचना में बैठक की अध्यक्षता व स्थान जिला नगर आयुक्त कार्यालय रखा गया। बैठक नगर परिषद कार्यालय में उनकी अध्यक्षता में होनी चाहिए थी। उनसे बिना जानकारी लिए बैठक रखी गई, जो गलत है।
जिले सिंह सैनी, चेयरमैन, नगर परिषद, झज्जर
आज जो बैठक बुलाई गई थी, वह तकनीकी कारणों के चलते स्थगित कर दी गई है। बैठक बुलाने की पॉवर उनकी नहीं है। इस बारे में प्रधान या उच्चाधिकारी ही स्पष्ट कर सकते हैं।
केके यादव, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद, झज्जर
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कमेटी बैठक की सूचना नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी की तरफ से कमेटी सदस्यों को जारी की गई थी, बैठक की अध्यक्षता जिला नगर आयुक्त की थी। बैठक का स्थान जिला नगर आयुक्त कार्यालय और समय सुबह 11 बजे था। अधिकारी बैठक के लिए तय समय पर पहुंच गए, लेकिन नगर परिषद चेयरमैन बैठक में नहीं पहुंचे। वह नगर परिषद कार्यालय में ही रहे। उनके पास अधिकारियों के फोन भी आए, लेकिन उन्होंने स्पष्ट कहा कि बैठक बुलाने का अधिकार चेयरमैन का होता है और बैठक भी नगर परिषद कार्यालय में होनी चाहिए न कि जिला नगर आयुक्त कार्यालय में होनी चाहिए। इसलिए चेयरमैन जिले सिंह सैनी बैठक में नहीं गए। वहीं कमेटी की सदस्य एवं वाइस चेयरपर्सन अंशु प्रवीण गर्ग भी बैठक में नहीं पहुंची। वह भी बैठक में सदस्यों की संख्या पूरी न होने के कारण नहीं गई। बाद में अधिकारियों ने बैठक को स्थगित कर दिया। फिलहाल वित्त एवं अनुबंध कमेटी की बैठक की नई तारीख अभी नहीं रखी गई है।
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तीन कार्यों को दी जानी थी मंजूरी
बैठक में तीन कार्यों को मंजूरी दी जानी थी। इसमें शहर की साफ-सफाई व पार्कों के रखरखाव को लेकर स्वीकृत किए जाने वाले कार्यों को मंजूरी मिलनी थी। इसमें घर-घर से कूड़ा उठान, उसका निस्तारण, परिवहन के लिए 246.20 लाख रुपये, मुख्य मार्गों की सफाई, लिफ्टिंग और नाले, बरसाती नालों की सफाई पर 238.93 लाख तथा नगर परिषद के सभी पार्कों के रखरखाव पर 4 रुपये प्रति स्केयर मीटर के हिसाब से खर्च रखा गया है। चुनाव आचार संहिता के चलते इन कार्यों के नए टेंडर नहीं हो सकते, इसलिए इनकी समयावधि बढ़ाने के लिए मंजूरी दी जानी चाहिए थी, लेकिन बैठक के बुलाने पर ही विवाद हो गया। इसके चलते बैठक को स्थगित कर दिया गया है।
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बैठक उन द्वारा बुलाई जानी थी, लेकिन जारी की गई सूचना में बैठक की अध्यक्षता व स्थान जिला नगर आयुक्त कार्यालय रखा गया। बैठक नगर परिषद कार्यालय में उनकी अध्यक्षता में होनी चाहिए थी। उनसे बिना जानकारी लिए बैठक रखी गई, जो गलत है।
जिले सिंह सैनी, चेयरमैन, नगर परिषद, झज्जर
आज जो बैठक बुलाई गई थी, वह तकनीकी कारणों के चलते स्थगित कर दी गई है। बैठक बुलाने की पॉवर उनकी नहीं है। इस बारे में प्रधान या उच्चाधिकारी ही स्पष्ट कर सकते हैं।
केके यादव, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद, झज्जर